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अब भारत का युवा हो रहा आत्मनिर्भर, स्वयं सेवक के रूप में कर रहा कार्य : डॉ. प्रीतम
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कुरुक्षेत्र। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक सहित स्वयंसेवक। संवाद
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित चार दिवसीय विश्वविद्यालय स्तरीय यूथ रेडक्रॉस प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन विभिन्न कॉलेजों से आए स्वयंसेवकों को फर्स्ट-एड प्रशिक्षण और भारतवर्ष के इतिहास की जानकारी दी गई। पहले सत्र में योगा एवं प्रार्थना कराई गई और दूसरे सत्र में मुख्य वक्ता विवि के डॉ. बीआर आंबेडकर अध्ययन केंद्र के सह-निदेशक डॉ. प्रीतम सिंह ने स्वयंसेवकों को भारत देश की पौराणिक संस्कृति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को पहले विश्व गुरु का दर्जा था लेकिन कुछ सामाजिक बुराइयों के कारण पतन की ओर चला गया और अब भारत का युवा आत्मनिर्भर हो रहा है और स्वयंसेवक के रूप में कार्यरत है।
फर्स्ट-एड ट्रेनर काका राम वर्मा ने स्वयंसेवकों को डिजास्टर मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी और बताया कि वर्तमान में मशीनी युग है। लोगों का जीवन भागदौड़ का है, जिस कारण दुर्घटनाएं होना स्वाभाविक है लेकिन प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी न होने के कारण दुर्घटना स्थल पर या अस्पताल पहुंचने से पहले रोगी की मृत्यु हो जाती है। यदि रोगी को समय पर प्राथमिक चिकित्सा मिल जाए तो रोगी की जान बचाई जा सकती है।
कार्यक्रम संयोजक प्रो. दिनेश सिंह राणा ने बताया कि फर्स्ट-एड ट्रेनिंग जरूरी है ताकि घायल व्यक्तियों की मौके पर जल्द से जल्द सहायता की जा सके। तीसरे सत्र में इंस्पेक्टर डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने युवाओं को नशा मुक्त रहने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर डॉ. सीमा पांडे, डॉ. निरुपमा भट्टी, डॉ. सतीश भारद्वाज, फील्ड कॉर्डिनेटर डॉ. संतोष कुमार सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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फर्स्ट-एड ट्रेनर काका राम वर्मा ने स्वयंसेवकों को डिजास्टर मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी और बताया कि वर्तमान में मशीनी युग है। लोगों का जीवन भागदौड़ का है, जिस कारण दुर्घटनाएं होना स्वाभाविक है लेकिन प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी न होने के कारण दुर्घटना स्थल पर या अस्पताल पहुंचने से पहले रोगी की मृत्यु हो जाती है। यदि रोगी को समय पर प्राथमिक चिकित्सा मिल जाए तो रोगी की जान बचाई जा सकती है।
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कार्यक्रम संयोजक प्रो. दिनेश सिंह राणा ने बताया कि फर्स्ट-एड ट्रेनिंग जरूरी है ताकि घायल व्यक्तियों की मौके पर जल्द से जल्द सहायता की जा सके। तीसरे सत्र में इंस्पेक्टर डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने युवाओं को नशा मुक्त रहने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर डॉ. सीमा पांडे, डॉ. निरुपमा भट्टी, डॉ. सतीश भारद्वाज, फील्ड कॉर्डिनेटर डॉ. संतोष कुमार सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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