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Kurukshetra News: अब हर किसी के गले की शोभा नहीं बढ़ाएगा सिरोपा, बेहद गणमान्य लोगों को ही किया जा सकेगा भेंट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 28 May 2025 01:55 AM IST
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Now Siropa will not adorn everyone's neck, it can be gifted only to very respectable people
कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के पदाधिकारियों के साथ बैठक करते प्रधान जगदीश
कुरुक्षेत्र। अब सिरोपा हर किसी के गले की शोभा नहीं बढ़ाएगा। यह सिर्फ बेहद गणमान्य लोगों को ही भेंट किया जाएगा। इनमें भी धार्मिक सख्सियत, रागी, कथावाचक, अकाल तख्त के जत्थेदार व शिरोमणी कमेटियों के प्रधान ही शामिल होंगे। यही नहीं अब कोई भी फैसला प्रधान अपने स्तर पर मनमाने रूप से नहीं लेंगे बल्कि इसमें कार्यकारिणी के सभी 11 सदस्यों की पूरी सहमति होगी। सभी सदस्य भी खुद को प्रधान के तौर पर पूरा पावरफुल मानेंगे और मिलकर फैसले लेंगे। नवनिर्वाचित हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने ये फैसला मंगलवार को हुई अपनी पहली बैठक में लिया।
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मुख्यालय पर हुई बैठक में कई अन्य मसलों पर करीब दो घंटे तक मंथन किया गया, जिसके बाद कार्यकारिणी श्री हरमंदिर साहिब अमृतसर में माथा टेकने के लिए रवाना हुई। सुबह करीब 11 बजे ही कमेटी प्रधान जगदीश सिंह झींडा व कार्यकारिणी सदस्य मुख्यालय पहुंच गए थे। झींडा ने पहले कुछ कार्यालयों को देखा और कर्मियों से चर्चा की। बैठक के उपरांत कमेटी प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने चर्चा करते हुए बताया कि पहली बैठक में एक्ट अनुसार सभी सदस्यों द्वारा प्रधान को पावर देनी होती है, जिसके बाद कार्यकारिणी अगला कदम उठाती है। आज सदस्यों ने उन्हें अधिकारिक तौर पर पावर दी तो वहीं उन्होंने भी स्पष्ट किया है कि हर सदस्य खुद को प्रधान के तौर पर देखे और गुरुघरों, संगत व अन्य संस्थानों के हित में तत्पर रखें।
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कमेटी ने तय किया है कि सबसे ज्यादा फोकस गुरुघरों की सही संभाल, शिक्षा, धर्मप्रचार, स्वास्थ्य पर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सिरोपा बेहद ही सम्मान का प्रतीक होता है, जिसे सामान्य नहीं बनाया जा सकता। हर किसी को इसे भेंट करने की परंपरा शुरू हो गई थी लेकिन इसकी गरिमा बरकरार रखी जानी बेहद जरूरी है। इसी के चलते उक्त फैसला लिया गया है।
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मुख्यालय पर दिखाई देने लगे मटके
कमेटी प्रधान झींडा ने वीआईपी कल्चर खत्म करने की दिशा में कदम उठाया तो मंगलवार से ही कमेटी मुख्यालय पर पानी के मटके दिखाई देने लगे। बोतल की बजाय गिलास से पानी पिलाया जाने लगा। वहीं प्रधान झींडा ने कहा कि बेफिजूल में एक पैसा भी खर्च नहीं करने दिया जाएगा। यह पैसा गुरुघरों व अन्य संस्थानों के रखरखाव एवं संगत के हित में खर्च किया जाएगा। कमेटी वीआईपी कल्चर दिखाने के लिए नहीं बल्कि गुरुघरों व सिख संस्थानों की संभाल और संगत के हित में कार्य करने के लिए बनाई गई है।
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