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Kurukshetra News: तीन दिन पहले बूंदाबांदी से सबक नहीं, अब फिर से मंडराए संकट के बादल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 27 Apr 2024 05:34 AM IST
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No lesson learned from drizzle three days ago, now clouds of crisis loom again
कुरुक्षेत्र। गेहूं कटाई का सीजन अब समाप्ति की ओर है, जिसके चलते आवक बेहद कम हो चुकी है। इसके बावजूद उठान कार्य आज तक तेज नहीं हो पाया है। तीन दिन पहले हुई बूंदाबांदी से भी प्रशासन सबक नहीं ले पाया खरीद की जा चुकी 51 लाख 62 हजार 210 क्विंटल गेहूं में से महज 24 लाख 88 हजार 320 क्विंटल गेहूं 48 फीसदी का ही उठान हो पाया।
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शुक्रवार देर शाम तक भी जिले की अनाज मंडियों व खरीद केंद्रों पर खुले आसमान के नीचे 26 लाख 73 हजार 890 क्विंटल गेहूं पड़ा रहा। इस पर देर शाम उस समय बारिश का संकट आ गया जब दिनभर तेज धूप खिले रहने के बाद अचानक मौसम बदला और बूंदाबांदी शुरू हुई। हालांकि बूंदाबांदी कुछ देर बाद थम गई, जिससे किसानों से लेकर आढ़तियों ने भी राहत की सांस ली। बता दें कि जिले की अनाज मंडियों व खरीद केेंद्रों पर अभी तक करीब 53 लाख क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है, जिसमें से 51 लाख 62 हजार 210 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। शुक्रवार को भी एक लाख 32 हजार 920 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई जबकि उठान दो लाख 32 हजार 490 क्विंटल गेहूं का उठान हो पाया।
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दावों तक सिमटे रहे अधिकारी, उठान में सुधार नहीं
जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी से लेकर उपायुक्त की ओर से गेहूं उठान को लेकर कार्य तेज किए जाने के दावे किए जाते रहे, लेकिन सीजन समाप्त होने के कगार पर है जबकि ये दावे धरातल पर नहीं आ सके। कई आढ़तियों की माने तो प्रशासन उठान के प्रति गंभीर नहीं है, जिसका खामियाजा किसानों के साथ-साथ उन्हें भी भुगतना पड़ रहा है।
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