फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   National workshop and seminar on pulse test will be held in NIT Kurukshetra from 19

नाड़ी परीक्षण पर एनआईटी कुरुक्षेत्र में 19 से होगी राष्ट्रीय कार्यशाला एवं संगोष्ठी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Nov 2022 09:00 AM IST
विज्ञापन
National workshop and seminar on pulse test will be held in NIT Kurukshetra from 19
विश्व आयुर्वेद परिषद, श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय और एनआईटी कुरुक्षेत्र के संयुक्त तत्वावधान में 19 से 20 नवंबर को नाड़ी परीक्षण संबंधी राष्ट्रीय कार्यशाला और संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। जिसमें मुंबई के रहने वाले नाड़ी गुरु वैद्य संजय छाजेड़ नाड़ी परीक्षण को लेकर विद्यार्थियों को टिप्स देंगे तो वहीं 14 राज्यों के 27 महाविद्यालयों से 513 विद्यार्थी इसमें शामिल होंगे।
विज्ञापन

कार्यशाला का शुभारंभ विश्व आयुर्वेद परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. गोविंद सहाय शुक्ल, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बलदेव कुमार और कुरुक्षेत्र राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रो. बी.वी रमना रेड्डी द्वारा किया जाएगा। कार्यशाला का समापन के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय मुख्यातिथि होंगे।
विज्ञापन

वीरवार को पत्रकारों से चर्चा में श्री कृष्णा आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बलदेव कुमार ने कहा कि नाड़ी परीक्षण विषय पर यह उत्तर भारत की पहली राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें देश भर से आयुर्वेद के यूजी, पीजी विद्यार्थियों के साथ-साथ प्राइवेट प्रैक्टिशनर भी भाग ले रहे हैं। नाड़ी परीक्षण ऐसा विषय है जिस ेपढ़ाया तो जाता है। मगर यह अनुभव का विषय है। जिस पर ओर अधिक काम करने की आवश्यकता है । उन्होंने कहा कि नाड़ी तरंगिणी नाम से इलेक्ट्रो मेडिकल आधुनिक उपकरण है, जिसके माध्यम से व्यक्ति की वात,पित्त और कफ को पहचान कर रोगी के रोग का निदान किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आयुष विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को पारंपरिक पद्धति के साथ-साथ आधुनिक उपकरणों की भी जानकारी दी जा रही। है। इस कार्यशाला में भी विद्यार्थियों को दोनों विषयों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. शंभू दयाल ने कहा कि आयुर्वेद में व्यक्ति का आठ प्रकार से परीक्षण किया जाता है। सबसे पहले नाड़ी परीक्षण किया जाता है। उसके बाद ही रोग की चिकित्साकी जाती है। भारत में नाड़ी जांच के सुप्रसिद्ध वैद्य रहे हैं। मगर गुलामी के कालखंड में देश की प्राचीन चिकित्सा पद्धति को मिटाने की भरपूर कोशिश की गई। आज उन्हीं परंपराओं को उजागर और उस पर काम करने की आवश्यकता है।

बॉक्स
आयुर्वेद के स्नातक, स्नातकोत्तर और प्राइवेट प्रैक्टिशनर भी होंगे शामिल
कुलसचिव डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि कार्यशाला 19 और 20 नवंबर को होगी। अभी तक देशभर से 14 राज्यों के 27 महाविद्यालयों से 513 विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। जिसमें आयुर्वेद के स्नातक, स्नातकोत्तर और प्राइवेट प्रैक्टिशनर भी भाग ले रहे हैं। यह कार्यशाला दो चरणों में होगी एक दिन संगोष्ठी और दूसरे दिन कार्यशाला। इस कार्यशाला में नाड़ी विशेषज्ञ एवं नाड़ी गुरु वैद्य संजय छाजेड़ मुख्य विषय विशेषज्ञ, नाड़ी विशेषज्ञ वैद्य सुशांत मिश्र एवं आयुर्वेद स्नातकों के लिए कैरियर काउंसलिंग विषय पर डॉ. सुरेंद्र चौधरी जानकारी देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed