इस्माईलाबाद। गांव झांसा व आसपास के क्षेत्र में दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज के पावन प्रकाश पर्व के अवसर पर नगर कीर्तन निकला गया। प्रधान गुरचरण सिंह ने बताया कि नगर कीर्तन गुरुद्वारा नानक दरबार से शुरू होकर बस स्टैंड, पंचायत घर, कम्युनिटी सेंटर, अनाज मंडी से होते हुए गुरुद्वारा नानक दरबार में संपन्न हुआ। यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से सराबोर रहा। इसमें संगत ने बड़ी संख्या में भाग लेकर गुरु घर की खुशियां मनाईं। महान नगर कीर्तन के शुभारंभ से पूर्व गुरु चरणों में नरेंद्र सिंह की ओर से अरदास की गई।
इस अवसर पर सरपंच पवन गाबा ने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज का जीवन त्याग, शौर्य और धर्म की रक्षा की अनुपम मिसाल है। उन्होंने अपने सरबंस की शहादत देकर खालसा पंथ की स्थापना की और मानवता को सच्चे मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने संगत से गुरु साहिब की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया और पंज प्यारों की अगुवाई में निकले नगर कीर्तन में सबसे पहले बैंड ने हाजरी भरी। संगत ने रास्ते में जल छिड़काव और झाड़ू लगाकर सेवा की। मार्ग में जगह-जगह संगत की ओर से चाय, सूप, मिष्ठान, ब्रेड पकोड़े सहित लंगर के स्टॉल लगाए गए।