{"_id":"69e7e0c8a948ab7d03071f6a","slug":"more-than-327-lakh-children-will-be-given-deworming-medicine-kurukshetra-news-c-45-1-kur1007-153628-2026-04-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: 3.27 लाख से अधिक बच्चों को खिलाई जाएगी कृमिनाशक दवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: 3.27 लाख से अधिक बच्चों को खिलाई जाएगी कृमिनाशक दवा
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाते सीएमओ डाॅ.सुखबीर सिंह। विभाग
- फोटो : Archive
कुरुक्षेत्र। देशभर में मंगलवार को बच्चों के सुखद स्वास्थ्य के लिए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का शुभारंभ हुआ। जिला सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह ने शहर के राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में जिला स्तरीय कार्यक्रम में विद्यार्थियों को गोलियां खिलाईं। सीएमओ ने बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाकर अभियान की विधिवत शुरुआत की। इस अभियान के अंतर्गत 3.27 लाख से अधिक बच्चों को गोलियां खिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
सीएमओ ने कहा कि बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाना अत्यंत आवश्यक है। इससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होगा। कृमि संक्रमण बच्चों के स्वास्थ्य और विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसलिए इस अभियान का उद्देश्य सभी बच्चों को स्वस्थ बनाना है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत जिले में 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोरों को एल्बेंडाजोल की दवा दी जा रही है।
जिले में कार्यक्रम के तहत लक्ष्य एक से पांच साल तक के 76181 बच्चे, छह से 19 साल तक के 251135 व्यस्क और गर्भवती महिलाएं 26,331 हैं। एल्बेंडाजोल की गोली खिलाने का लक्ष्य 3,27,316 है। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के बाद 5 मई को मॉप-अप दिवस आयोजित किया जाएगा। इसमें छूटे हुए बच्चों को कृमिनाशक दवा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों को भोजन के बाद ही दवा दी जाए और किसी भी प्रतिकूल प्रभाव की स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में उपचार उपलब्ध कराया जाए।
विज्ञापन
इस अवसर पर उप सिविल सर्जन डॉ. करूणा ढींगड़ा, उप सिविल सर्जन डॉ. शैलजा और उप सिविल सर्जन डॉ. अंजलि वैध, उप जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी थानेसर, स्कूल के प्राधानाचार्य और स्टाफ व बच्चे आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
सीएमओ ने कहा कि बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाना अत्यंत आवश्यक है। इससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होगा। कृमि संक्रमण बच्चों के स्वास्थ्य और विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसलिए इस अभियान का उद्देश्य सभी बच्चों को स्वस्थ बनाना है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत जिले में 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोरों को एल्बेंडाजोल की दवा दी जा रही है।
विज्ञापन
जिले में कार्यक्रम के तहत लक्ष्य एक से पांच साल तक के 76181 बच्चे, छह से 19 साल तक के 251135 व्यस्क और गर्भवती महिलाएं 26,331 हैं। एल्बेंडाजोल की गोली खिलाने का लक्ष्य 3,27,316 है। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के बाद 5 मई को मॉप-अप दिवस आयोजित किया जाएगा। इसमें छूटे हुए बच्चों को कृमिनाशक दवा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों को भोजन के बाद ही दवा दी जाए और किसी भी प्रतिकूल प्रभाव की स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में उपचार उपलब्ध कराया जाए।
विज्ञापन
इस अवसर पर उप सिविल सर्जन डॉ. करूणा ढींगड़ा, उप सिविल सर्जन डॉ. शैलजा और उप सिविल सर्जन डॉ. अंजलि वैध, उप जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी थानेसर, स्कूल के प्राधानाचार्य और स्टाफ व बच्चे आदि मौजूद रहे।

कुरुक्षेत्र। बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाते सीएमओ डाॅ.सुखबीर सिंह। विभाग- फोटो : Archive