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मिडिल स्कूलों का अन्य विद्यालयों में होगा विलय
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मिडिल स्कूलों को कम छात्र संख्या के चलते बंद किए जाने का विरोध लगातार जारी है। पिछले कईं दिनों से अभिभावकों में रोष पनप रहा है और प्रदर्शन कर गुस्सा भी जाहिर कर चुके हैं। ऐसे में अब विभाग के अधिकारी भी फील्ड में उतर गए हैं।
शुक्रवार को जिला शिक्षा अधिकारी बलजीत मलिक रावमा विद्यालय कलसाना पहुंचे, जहां उन्होंने पूर्व सरपंच सहित अभिभावकों से मुलाकात की। डीईओ बलजीत मलिक ने अभिभावकों को आश्वस्त किया कि विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही उनको आश्वासन दिया कि सरकार किसी भी विद्यालय को बंद नहीं कर रही है, बल्कि इन विद्यालयों का तीन किलोमीटर के दायरे में आने वाले अन्य विद्यालय में विलय किया जाएगा।
गौरतलब है कि कलसाना में राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय एवं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय है। शिक्षा विभाग की नीति अनुसार राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय कलसाना का राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कलसाना में मर्ज किया गया है। वहीं रेशनेलाइजेशन में कलसाना स्कूल से साइंस के पदों को रिक्त कर दिया गया है। इस पर पूर्व सरपंच अमरिंद्र कठवा के नेतृत्व में अभिभावकों ने स्कूल के बाहर शिक्षा विभाग के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया था। अब इस पर संज्ञान लेते हुए ही जिला शिक्षा अधिकारी बलजीत मलिक विद्यालय पहुंचे थे।
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डीईओ बलजीत मलिक ने कहा कि रिक्त पदों का मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा, लेकिन अभी ट्रांसफर ड्राइव चल रही है। इसके उपरांत ही स्कूल में रिक्त पदों एवं अध्यापकों की वास्तविक संख्या बारे पता लग सकेगा। विभाग केवल स्कूलों को मर्ज कर रहा है न कि समाप्त कर रहा है। बच्चों के भविष्य और पढ़ाई को लेकर किसी तरह का कोई समझौता और प्रशिक्षण नहीं किया जाएगा।
पूर्व सरपंच अमरिंद्र सिंह ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी ने इस मामले में तुरंत संज्ञान लिया तथा उन्हें बातचीत के लिए बुलाया। इस पर उन्होंने स्कूल की रिक्त पदों संबंधी एवं अन्य समस्याएं रखी। शिक्षा अधिकारी ने उन्हें हर संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया। वह जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा कही गई बातों से संतुष्ट भी है।
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शुक्रवार को जिला शिक्षा अधिकारी बलजीत मलिक रावमा विद्यालय कलसाना पहुंचे, जहां उन्होंने पूर्व सरपंच सहित अभिभावकों से मुलाकात की। डीईओ बलजीत मलिक ने अभिभावकों को आश्वस्त किया कि विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही उनको आश्वासन दिया कि सरकार किसी भी विद्यालय को बंद नहीं कर रही है, बल्कि इन विद्यालयों का तीन किलोमीटर के दायरे में आने वाले अन्य विद्यालय में विलय किया जाएगा।
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गौरतलब है कि कलसाना में राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय एवं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय है। शिक्षा विभाग की नीति अनुसार राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय कलसाना का राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कलसाना में मर्ज किया गया है। वहीं रेशनेलाइजेशन में कलसाना स्कूल से साइंस के पदों को रिक्त कर दिया गया है। इस पर पूर्व सरपंच अमरिंद्र कठवा के नेतृत्व में अभिभावकों ने स्कूल के बाहर शिक्षा विभाग के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया था। अब इस पर संज्ञान लेते हुए ही जिला शिक्षा अधिकारी बलजीत मलिक विद्यालय पहुंचे थे।
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डीईओ बलजीत मलिक ने कहा कि रिक्त पदों का मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा, लेकिन अभी ट्रांसफर ड्राइव चल रही है। इसके उपरांत ही स्कूल में रिक्त पदों एवं अध्यापकों की वास्तविक संख्या बारे पता लग सकेगा। विभाग केवल स्कूलों को मर्ज कर रहा है न कि समाप्त कर रहा है। बच्चों के भविष्य और पढ़ाई को लेकर किसी तरह का कोई समझौता और प्रशिक्षण नहीं किया जाएगा।
पूर्व सरपंच अमरिंद्र सिंह ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी ने इस मामले में तुरंत संज्ञान लिया तथा उन्हें बातचीत के लिए बुलाया। इस पर उन्होंने स्कूल की रिक्त पदों संबंधी एवं अन्य समस्याएं रखी। शिक्षा अधिकारी ने उन्हें हर संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया। वह जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा कही गई बातों से संतुष्ट भी है।