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गीता महोत्सव में दिखाई देगा भगवान श्रीकृष्ण का पांचजन्य शंख व सुदर्शन चक्र
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कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर की आरती करता वेदपाठी।
- फोटो : Kurukshetra
कुरुक्षेत्र।
पहली बार अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में श्रीकृष्ण का पांचजन्य शंख व सुदर्शन चक्र दिखाई देगा। श्रीकृष्ण के शंख व सुदर्शन चक्र को आकर्षक व भव्य स्वागती द्वार पर सजाया जाएगा। इसके साथ-साथ द्वारों पर भीमसेन की गदा भी दिखाई देगी। स्वागती द्वारों को पुरानी दिल्ली से आए कलाकार विशेष तौर पर तैयार कर रहे हैं। बाकायदा इन स्वागती द्वारों को विशेष नाम भी दिया गया है। इन पर गीता का संदेश देने वाले चिह्न भी सजाए जाएंगे। वहीं इस बार महोत्सव में प्रख्यात हस्तियों के गीता से संबंधित विचार भी प्रेरणा संदेश देंगे।
वीरवार से अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव का शुभारंभ होने जा रहा है। जिला प्रशासन की ओर से महोत्सव को लेकर जोरों से तैयारी की जा रही है। ब्रह्मसरोवर परिसर को रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। ब्रह्मसरोवर के आसपास के क्षेत्र का भी सुंदरीकरण किया जा रहा है। महोत्सव को लेकर ब्रह्मसरोवर पर भी रौनक बढ़ गई है। देश के कोने-कोने से कलाकार व शिल्पकार भी ब्रह्मसरोवर पर पहुंचने लगे हैं। वहीं गीता जयंती की पूर्व संध्या पर सीएम मनोहर लाल जयंती को लेकर ब्रह्मसरोवर पर प्रेस वार्ता भी करेंगे, जिसमें सीएम से महोत्सव को लेकर बड़ी घोषणा की भी उम्मीद है। इस बार गीता जयंती पर ब्रह्मसरोवर पर पांच स्वागती द्वार लगाए गए हैं। इन द्वारों से श्री कृष्ण और गीता से संबंधित चिह्न भी लगे होंगे। दिल्ली से आए कलाकारों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण का पांजण्य शंख, मोर पंख, सुदर्शन चक्र, गदाधारी भीमसेन की गदा व दूध की बोतल, श्रीमद्भागवत गीता के साथ दवात और पंख के चिह्न तैयार किए हैं।
ये सभी चिह्न स्वागती द्वारों के ऊपर लगाए जा रहे हैं। इन स्वागती द्वारों का नाम भी उस पर लगे चिह्न के नाम पर ही दिया गया है। इन सभी चिह्न को मदन आर्ट की टीम ने थर्माकोल से तैयार किया है। जिला प्रशासन की ओर से ब्रह्मसरोवर परिसर में विभिन्न प्रख्यात हस्तियों के गीता पर प्रेरणा देने वाले विचार व संदेश के फ्लैक्स बोर्ड लगाए गए हैं। इन हस्तियों में देश-विदेश के दार्शनिक, वैज्ञानिक, नेता, लेखक, स्वतंत्रता सेनानी, धर्मगुरु सहित हस्तियां शामिल है।
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ब्रह्म सरोवर पहुंचने लगे हैं शिल्पकार व कलाकार
महोत्सव में शामिल होने के लिए देश के कोने-कोने से कलाकार व शिल्पकार ब्रह्मसरोवर पर पहुंचने लगे हैं। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू से आए शिल्पकार रणजीत ने बताया कि वह पिछले 18 साल से जयंती में आ रहे हैं। वह लोग हिमाचली शॉल, ऊनी जैकेट व सूट की स्टॉल लगाते हैं। पिछले साल कोरोना के कारण महोत्सव फीका रहा, मगर अबकी बार महोत्सव में अभी से रंग आना शुरू हो गया है। उम्मीद है इस बार अच्छा कारोबार होगा।
डीसी व एसपी ने लिया जायजा
महोत्सव को लेकर डीसी मुकुल कुमार व एसपी अंशु जैन ने ब्रह्मसरोवर पर तैयारियों का जायजा लिया। कहा कि वीरवार से महोत्सव का शुभारंभ होगा और 2 से 19 दिसंबर तक शिल्प और सरस मेले का आयोजन किया जाएगा। वहीं 9 से 14 दिसंबर तक मुख्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्य कार्यक्रम पर गीता यज्ञ व पूजन होगा। महोत्सव को लेकर आज बुधवार को सीएम मनोहर लाल पत्रकार वार्ता भी करेंगे।
ये होंगे कार्यक्रम
-9 दिसंबर को मुख्य कार्यक्रम के उद्घाटन पर गीता यज्ञ व गीता पूजन
-10 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार, ऑनलाईन गीता श्लोक उच्चारण, प्रात: व संध्या कालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम
-11 दिसंबर को ज्योतिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम
-12 दिसंबर को ज्योतिसर में गीता पाठ, संत सम्मेलन पुरुषोत्तमपुरा बाग
-13 दिसंबर को ऑनलाइन माध्यम से गीता संसद, गीता क्विज प्राइज वितरण समारोह
-14 दिसंबर को सन्निहित सरोवर पर गीता यज्ञ, गीता के 18 श्लोकों का 55 हजार विद्यार्थियों द्वारा ऑनलाइन माध्यम से सामूहिक उच्चारण, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 48 कोस तीर्थ सम्मेलन का आयोजन, 48 कोस तीर्थों पर दीपोत्सव, गीता शोभायात्रा, पुरुषोत्तमपुरा बाग में महाआरती व दीपदान कार्यक्रम
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पहली बार अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में श्रीकृष्ण का पांचजन्य शंख व सुदर्शन चक्र दिखाई देगा। श्रीकृष्ण के शंख व सुदर्शन चक्र को आकर्षक व भव्य स्वागती द्वार पर सजाया जाएगा। इसके साथ-साथ द्वारों पर भीमसेन की गदा भी दिखाई देगी। स्वागती द्वारों को पुरानी दिल्ली से आए कलाकार विशेष तौर पर तैयार कर रहे हैं। बाकायदा इन स्वागती द्वारों को विशेष नाम भी दिया गया है। इन पर गीता का संदेश देने वाले चिह्न भी सजाए जाएंगे। वहीं इस बार महोत्सव में प्रख्यात हस्तियों के गीता से संबंधित विचार भी प्रेरणा संदेश देंगे।
वीरवार से अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव का शुभारंभ होने जा रहा है। जिला प्रशासन की ओर से महोत्सव को लेकर जोरों से तैयारी की जा रही है। ब्रह्मसरोवर परिसर को रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। ब्रह्मसरोवर के आसपास के क्षेत्र का भी सुंदरीकरण किया जा रहा है। महोत्सव को लेकर ब्रह्मसरोवर पर भी रौनक बढ़ गई है। देश के कोने-कोने से कलाकार व शिल्पकार भी ब्रह्मसरोवर पर पहुंचने लगे हैं। वहीं गीता जयंती की पूर्व संध्या पर सीएम मनोहर लाल जयंती को लेकर ब्रह्मसरोवर पर प्रेस वार्ता भी करेंगे, जिसमें सीएम से महोत्सव को लेकर बड़ी घोषणा की भी उम्मीद है। इस बार गीता जयंती पर ब्रह्मसरोवर पर पांच स्वागती द्वार लगाए गए हैं। इन द्वारों से श्री कृष्ण और गीता से संबंधित चिह्न भी लगे होंगे। दिल्ली से आए कलाकारों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण का पांजण्य शंख, मोर पंख, सुदर्शन चक्र, गदाधारी भीमसेन की गदा व दूध की बोतल, श्रीमद्भागवत गीता के साथ दवात और पंख के चिह्न तैयार किए हैं।
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ये सभी चिह्न स्वागती द्वारों के ऊपर लगाए जा रहे हैं। इन स्वागती द्वारों का नाम भी उस पर लगे चिह्न के नाम पर ही दिया गया है। इन सभी चिह्न को मदन आर्ट की टीम ने थर्माकोल से तैयार किया है। जिला प्रशासन की ओर से ब्रह्मसरोवर परिसर में विभिन्न प्रख्यात हस्तियों के गीता पर प्रेरणा देने वाले विचार व संदेश के फ्लैक्स बोर्ड लगाए गए हैं। इन हस्तियों में देश-विदेश के दार्शनिक, वैज्ञानिक, नेता, लेखक, स्वतंत्रता सेनानी, धर्मगुरु सहित हस्तियां शामिल है।
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ब्रह्म सरोवर पहुंचने लगे हैं शिल्पकार व कलाकार
महोत्सव में शामिल होने के लिए देश के कोने-कोने से कलाकार व शिल्पकार ब्रह्मसरोवर पर पहुंचने लगे हैं। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू से आए शिल्पकार रणजीत ने बताया कि वह पिछले 18 साल से जयंती में आ रहे हैं। वह लोग हिमाचली शॉल, ऊनी जैकेट व सूट की स्टॉल लगाते हैं। पिछले साल कोरोना के कारण महोत्सव फीका रहा, मगर अबकी बार महोत्सव में अभी से रंग आना शुरू हो गया है। उम्मीद है इस बार अच्छा कारोबार होगा।
डीसी व एसपी ने लिया जायजा
महोत्सव को लेकर डीसी मुकुल कुमार व एसपी अंशु जैन ने ब्रह्मसरोवर पर तैयारियों का जायजा लिया। कहा कि वीरवार से महोत्सव का शुभारंभ होगा और 2 से 19 दिसंबर तक शिल्प और सरस मेले का आयोजन किया जाएगा। वहीं 9 से 14 दिसंबर तक मुख्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्य कार्यक्रम पर गीता यज्ञ व पूजन होगा। महोत्सव को लेकर आज बुधवार को सीएम मनोहर लाल पत्रकार वार्ता भी करेंगे।
ये होंगे कार्यक्रम
-9 दिसंबर को मुख्य कार्यक्रम के उद्घाटन पर गीता यज्ञ व गीता पूजन
-10 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार, ऑनलाईन गीता श्लोक उच्चारण, प्रात: व संध्या कालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम
-11 दिसंबर को ज्योतिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम
-12 दिसंबर को ज्योतिसर में गीता पाठ, संत सम्मेलन पुरुषोत्तमपुरा बाग
-13 दिसंबर को ऑनलाइन माध्यम से गीता संसद, गीता क्विज प्राइज वितरण समारोह
-14 दिसंबर को सन्निहित सरोवर पर गीता यज्ञ, गीता के 18 श्लोकों का 55 हजार विद्यार्थियों द्वारा ऑनलाइन माध्यम से सामूहिक उच्चारण, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 48 कोस तीर्थ सम्मेलन का आयोजन, 48 कोस तीर्थों पर दीपोत्सव, गीता शोभायात्रा, पुरुषोत्तमपुरा बाग में महाआरती व दीपदान कार्यक्रम