फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Kuvi mess worker said - did not get benefit on decision in his favor

Kurukshetra News: कुवि मेस कर्मी बोले- उनके हक में फैसला पर लाभ नहीं मिला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jul 2024 07:22 AM IST
विज्ञापन
Kuvi mess worker said - did not get benefit on decision in his favor
कुरुक्षेत्र। मांग पत्र सौंपने के दौरान यूनियन के प्रधान सहित अन्य सदस्य। संवाद
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की होस्टल मेस वर्कर यूनियन की ओर से बुधवार को विभिन्न मांगों को लेकर चंडीगढ़ सीएम आवास पर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें कर्मचारियों के पक्ष में लेबर कोर्ट द्वारा दिए गए अवार्ड को लागू कराने की मांग की गई है। कर्मचारियों द्वारा 15 जुलाई को महिला और पुरुष चीफ वार्डन को और 16 जुलाई को कुलपति और कुलसचिव को ज्ञापन सौंपा गया था।
विज्ञापन

मांग पत्र में उल्लेख है कि कुवि में करीब 300 मेस कर्मचारी 20 से 30 वर्षों से कार्यरत है। जबकि मेस कर्मचारियों को वेतन के नाम पर छह से नौ हजार 600 रुपये ही दिया जाता है। कर्मचारियों की उपरोक्त मांगों को राज्यमंत्री सुभाष सुधा द्वारा 2007 को विधानसभा में बजट सत्र के दौरान उठाई गई थी, जिसको लेकर शिक्षामंत्री ने कहा था कि मेस कर्मचारियों का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय का फैसला आते ही मेस कर्मचारियों को डीसी रेट दिया जाएगा। 31 मार्च 2017 को अंबाला के लेबर कोर्ट द्वारा मेस कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाया गया था कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के मेस कर्मचारियों को 2003 की पॉलिसी के आधार पर नियमित करके सभी सुविधाएं तीन महीने के अंदर लागू की जाए। लेकिन कुवि प्रशासन द्वारा इसे अभी तक लागू नहीं किया गया।
विज्ञापन

यूनियन प्रधान सुभाष पारचा का कहना है कि प्रशासन से कोर्ट के फैसले को लागू करने के बारे में जब भी बात हुई तो प्रशासन ने कहा कि मेस कर्मचारियों के पद प्रदेश सरकार द्वारा स्वीकृत नहीं है और प्रशासन ने सरकार को मेस कर्मचारियों के पद स्वीकृत प्रदान करने के लिए पत्र भेज दिया है। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि विवि में ग्रुप डी के करीब 300 पद खाली है। इन रिक्त पदों पर मेस कर्मचारियों को लगाने और कर्मचारियों को नियमित करने की गुहार लगाई। मांग पत्र देने के दौरान यूनियन के महासचिव कृष्ण चंद सैनी, कोषाध्यक्ष अमन कुमार दुग्गल, लेखा निरीक्षक सुशील दीक्षित, सहसचिव उमा शंकर और कार्यकारिणी सदस्य महेश चंद मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed