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रैगिंग को लेकर जीरो टालरेंस पॉलिसी पर काम कर रहा है केयू
ब्यूरो/अमर उजाला, सादिक अली
Updated Tue, 02 Aug 2016 12:45 AM IST
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रैगिंग
- फोटो : Demo Pic
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कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी नए सत्र में रैगिंग को रोकने के लिए जीरो टालरेंस पॉलिसी पर काम कर रहा है। किसी भी विभाग में ऐसी कोई घटना न हो इसके लिए विभागों में विशेष कमेटियों का गठन किया गया है जो विभागों में रैगिंग को रोकने के लिए नए सत्र में आए विद्यार्थियों की मानिटरिंग कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी के छात्र कल्याण अधिष्ठाता विभाग की ओर से विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इस सम्बंध में छात्र कल्याण अधिष्ठाता विभाग की ओर से कैंटीन संचालकों को निर्देश दिए गए है कि अगर किसी कैंटीन के आसपास ऐसी घटना होती है तो इसके लिए कैंटीन संचालकों के लाईसैंस को भी रद्द किया जा सकता है। छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. पवन शर्मा ने रैगिंग को रोकने के लिए विशेष हिदायते जारी की हैं। यूनिवर्सिटी के अधिकारियों के फोन नम्बर कैंटीन संचालकों को दिए गए ताकि वे कोई भी घटना होने पर तुरंत केयू को सूचित कर सकें। सभी को निर्देश दिए गए कि वे कैंटीन व उसके आसपास के क्षेत्र में अगले कुछ माह तक विशेष निगरानी रखें ताकि किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोका जा सके।
गौरतलब है कि केयू कुलपति डॉ. कैलाश चन्द्र शर्मा के आदेशानुसार वर्तमान सत्र के दौरान रैगिंग को रोकने हेतु अवांछित तत्वों को यूनिवर्सिटी परिसर में प्रवेश को रोकने के लिए पैट्रोलिंग का प्रबंध किया गया हैैा। इसके साथ हीं एंटी रैगिंग के पोस्टर एवं होर्डिंग लगाए जा रहे हैं। यूजीसी टोल फ्री एंटी रैगिंग हैल्प लाईन नम्बर 1800-180-5522, यूनिवर्सिटी की एंटी रैगिंग कमेटी के सदस्यों के फोन नम्बर विभिन्न स्थानों पर लगे बैनर एवं यूनिवर्सिटी की वैबसाइट पर उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त यूनिवर्सिटी के कुलपति एवं कुलसचिव की यूनिवर्सिटी ई-मेल और वैबसाइट पर उपलब्ध है ताकि किसी भी तरह की शिकायत पर विद्यार्थी सीधे अधिकारियों से संपर्क कर सकें। यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा सभी होस्टलों के कॉमन रूम एवं कैंटीनों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
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यूनिवर्सिटी प्रॉक्टर प्रोफेसर आरके देसवाल ने बताया कि रैगिंग को रोकने के लिए यूनिवर्सिटी में विशेष इंतजाम किए गए हैं। एंटी रैगिंग के लिए विश्वविद्यालय को चार जोनों में बांटा गया है। पहले जोन में ब्वॉयज होस्टल, दूसरे जोन में गल्र्ज हॉस्टल, तृतीय जोन में यूआईईटी, विधि संस्थान, यूनिवर्सिटी कालेज, शिक्षण महाविद्यालय, फार्मेसी विभाग, प्रबन्धन संस्थान तथा मॉस कम्यूनिकेशन विभाग को रखा गया है तथा जोन चार में विश्वविद्यालय परिसर एवं अन्य बचे हुए स्थानों को रखा गया है।
इन अधिकारियों को दे सकते हैं सूचना
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने रैंगिंग रोकने के लिए कुछ अधिकारियों विशेष दिशा निर्देश दिए हैं। कोई भी सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों, जिनमें प्रॉक्टर प्रोफेसर आरके देसवाल, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर अनिल वशिष्ठ, चीफ वार्डन ब्वायज डॉ सीपी सिंह, चीफ वार्डन महिला प्रोफेसर मंजूषा, सुरक्षा अधिकारी डॉ अनिल गुप्ता शामिल हैं, को दे सकते हैं। इसके लिए विश्वविद्यालय के सभी विभागाध्यक्षों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
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इस सम्बंध में छात्र कल्याण अधिष्ठाता विभाग की ओर से कैंटीन संचालकों को निर्देश दिए गए है कि अगर किसी कैंटीन के आसपास ऐसी घटना होती है तो इसके लिए कैंटीन संचालकों के लाईसैंस को भी रद्द किया जा सकता है। छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. पवन शर्मा ने रैगिंग को रोकने के लिए विशेष हिदायते जारी की हैं। यूनिवर्सिटी के अधिकारियों के फोन नम्बर कैंटीन संचालकों को दिए गए ताकि वे कोई भी घटना होने पर तुरंत केयू को सूचित कर सकें। सभी को निर्देश दिए गए कि वे कैंटीन व उसके आसपास के क्षेत्र में अगले कुछ माह तक विशेष निगरानी रखें ताकि किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोका जा सके।
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गौरतलब है कि केयू कुलपति डॉ. कैलाश चन्द्र शर्मा के आदेशानुसार वर्तमान सत्र के दौरान रैगिंग को रोकने हेतु अवांछित तत्वों को यूनिवर्सिटी परिसर में प्रवेश को रोकने के लिए पैट्रोलिंग का प्रबंध किया गया हैैा। इसके साथ हीं एंटी रैगिंग के पोस्टर एवं होर्डिंग लगाए जा रहे हैं। यूजीसी टोल फ्री एंटी रैगिंग हैल्प लाईन नम्बर 1800-180-5522, यूनिवर्सिटी की एंटी रैगिंग कमेटी के सदस्यों के फोन नम्बर विभिन्न स्थानों पर लगे बैनर एवं यूनिवर्सिटी की वैबसाइट पर उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त यूनिवर्सिटी के कुलपति एवं कुलसचिव की यूनिवर्सिटी ई-मेल और वैबसाइट पर उपलब्ध है ताकि किसी भी तरह की शिकायत पर विद्यार्थी सीधे अधिकारियों से संपर्क कर सकें। यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा सभी होस्टलों के कॉमन रूम एवं कैंटीनों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
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यूनिवर्सिटी प्रॉक्टर प्रोफेसर आरके देसवाल ने बताया कि रैगिंग को रोकने के लिए यूनिवर्सिटी में विशेष इंतजाम किए गए हैं। एंटी रैगिंग के लिए विश्वविद्यालय को चार जोनों में बांटा गया है। पहले जोन में ब्वॉयज होस्टल, दूसरे जोन में गल्र्ज हॉस्टल, तृतीय जोन में यूआईईटी, विधि संस्थान, यूनिवर्सिटी कालेज, शिक्षण महाविद्यालय, फार्मेसी विभाग, प्रबन्धन संस्थान तथा मॉस कम्यूनिकेशन विभाग को रखा गया है तथा जोन चार में विश्वविद्यालय परिसर एवं अन्य बचे हुए स्थानों को रखा गया है।
इन अधिकारियों को दे सकते हैं सूचना
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने रैंगिंग रोकने के लिए कुछ अधिकारियों विशेष दिशा निर्देश दिए हैं। कोई भी सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों, जिनमें प्रॉक्टर प्रोफेसर आरके देसवाल, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर अनिल वशिष्ठ, चीफ वार्डन ब्वायज डॉ सीपी सिंह, चीफ वार्डन महिला प्रोफेसर मंजूषा, सुरक्षा अधिकारी डॉ अनिल गुप्ता शामिल हैं, को दे सकते हैं। इसके लिए विश्वविद्यालय के सभी विभागाध्यक्षों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।