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एचआरएमएस पोर्टल और ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में उतरे केयू शिक्षक व कर्मचारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 19 Aug 2021 01:08 AM IST
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KU teachers and employees came out against the online transfer policy
ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी और एचआरएमएम के विरोध में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने बुधवार को काली पट्टी बांधकर रोष जताया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विश्वविद्यालय के गैर शिक्षक कर्मचारी सुबह काली पट्टी बांधकर अपने कार्यालय पहुंचे और ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी और एचआरएमएस का विरोध जताया।
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उधर, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कुटा) के प्रधान डॉ. परमेश कुमार और केयू गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालयों में एचआरएमएस और ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू करने के विरोध में हरियाणा के राज्यपाल और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के नाम कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा को ज्ञापन सौंपा।
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संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि सभी शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारी हरियाणा सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध करते हैं, क्योंकि प्रदेश सरकार का यह कदम विश्वविद्यालय की स्वायत्तता पर सीधा हमला है, जिससे विश्वविद्यालय में शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक काम प्रभावित होगा। कुंटिया महासचिव रविंद्र तोमर व कुटा उपप्रधान प्रो. दिलीप कुमार ने कुलाधिपति से आग्रह किया कि वह कर्मचारियों की भावनाओं को देखते हुए हरियाणा सरकार को इस आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द करने के लिए दिशा निर्देश दें, ताकि विश्वविद्यालय में सकारात्मक माहौल बना रहे और विश्वविद्यालय का कार्य सुचारू रूप से चलता रहे।
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दरअसल, ऑल हरियाणा यूनिवर्सिटी एंप्लाइज फेडरेशन के आह्वान पर विश्वविद्यालय के सभी गैर शिक्षक कर्मचारियों ने बुधवार को काले बिल्ले लगाकर एचआरएमएस पोर्टल पर विश्वविद्यालय कर्मचारियों का डाटा अपलोड करना और कर्मचारियों पर ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू करने पर रोष प्रकट करते किया। इस दौरान कर्मचारियों ने कुंटिया कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। कुंटिया नेताओं का कहना है कि आज सरकार ने कर्मचारी हितों का दमन चक्र चलाया हुआ है, जिससे यूनिवर्सिटी की स्वायत्तता पर खतरा मंडरा रहा है और कर्मचारी इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। कहा कि आगामी कुछ दिनों में कुंटिया आम सभा की बैठक बुलाकर इन दोनों मुद्दों का विरोध करेगी।
कुंटिया महासचिव रविंद्र तोमर ने कहा कि ट्रांसफर पॉलिसी से शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारी दोनों ही प्रभावित होंगे और फेडरेशन आगामी जो भी रणनीति अपनाएगी उसमें कुंटिया अपना पूर्ण योगदान करेगी। उन्होंने कहा कि ग्रुप सी और डी की भर्ती को सरकार अपने हाथ में लेकर विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को खत्म करना चाहती है।

पूर्व प्रधान रामकुमार गुर्जर और सुनील कक्कड़ ने कहा कि सरकार इन दोनों मुद्दों को तुरंत प्रभाव से वापस ले, नहीं तो कर्मचारियों को मजबूरन आंदोलन के रास्ते पर जाना पड़ सकता है। इस मौके पर वरिष्ठ उप प्रधान पोली राम, सह सचिव अनिल लोहट, प्रेस सचिव रुपेश खन्ना, संत कुमार, रजवंत कौर, यशपाल सैनी, जगदीश खनोदा, संदीप जड़ौला, सुनील शर्मा, पुष्पेंद्र तोमर, तेजा सिंह, भूप सिंह, शीतल शर्मा, शीश पाल, राजीव मल्होत्रा, पवन रंगा, महेंद्र रंगा, कुलदीप मालिक, गुरमेल संधू, रामकुमार, रमेश कुमार, राजवीर मलिक, प्रमोद कुमार, विजय सिंह, अशोक शर्मा, देवेंद्र, दीपक कुमार, विक्रम व सुरेश सहित अन्य उपस्थित रहे।
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