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किसान आंदोनल: वादाखिलाफी के खिलाफ और लंबित मांगों के समर्थन में एकजुट हुईं खाप, सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम

Fri, 04 Feb 2022 03:17 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Fri, 04 Feb 2022 03:17 AM IST
सार

कुरुक्षेत्र की जाट धर्मशाला में बुलाई गई 35 खापों व संगठनों के प्रतिनिधियों ने बैठक में सरकार को चेतावनी दी। फैसला हुआ कि पिपली में महापंचायत के बाद आंदोलन होगा। 

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Khap representatives held a meeting in Jat Dharamshala of Kurukshetra
बैठक करते खाप प्रतिनिधि। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

विभिन्न मांगों के समर्थन में उतरी 35 खाप पंचायतों और संगठनों ने हरियाणा के कुरुक्षेत्र में जाट धर्मशाला में बैठक कर सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप मढ़ा है। इन संगठनों ने बैठक में सरकार को पंद्रह दिन का अल्टीमेटम देते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है। पंद्रह दिन बाद पिपली में महापंचायत होगी, उसके बाद इन मांगों के समर्थन में यह संगठन सड़कों पर उतरेंगे।

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कंडेला खाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष टेकराम ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि संयुक्त किसान मोर्चे ने तीन कृषि कानून के खिलाफ एक साल तक शांतिपूर्वक आंदोलन किया। आंदोलन को समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार से कुछ मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन उन मांगों को अभी तक पूरा नहीं किया गया है।
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सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि अगर इन मांगों को 15 दिन तक लागू नहीं किया गया तो पिपली स्थित अनाज मंडी में महापंचायत बुलाई जाएगी, जहां पर सरकार के खिलाफ आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। लखीमपुर घटना के आरोपी गृह राज्य मंत्री को बर्खास्त किया जाए। बिजली संशोधन बिल व पराली जलाने के कानून का लिखित में जवाब दिया जाए। 

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बैठक में इन मांगों पर हुई चर्चा

मांगों के समर्थन में  राष्ट्रीय सर्व खाप, जन कल्याण मंच और भारतीय किसान मजदूर नौजवान यूनियन के साथ 35 खापों की बैठक में किसान आंदोलन के दौरान शहीद किसान परिवारों को मुआवजा देना, एमएसपी की गारंटी, शहीद किसान स्मारक बनाने, एक गांव व गोत्र में शादी न करने और स्वामीनाथन की रिपोर्ट को लागू करने की मांग पर विचार विमर्श किया गया।

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