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आदिबद्री से होगा अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का आगाज
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रंग-बिंरगी रोशनी से सजे सरस्वती तीर्थ की फाइल फोटो।
- फोटो : Kurukshetra
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कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव-2022 का आगाज वीरवार को सरस्वती उद्गम स्थल आदि बद्री से सुबह 11 बजे होगा। महोत्सव का शुभारंभ हरियाणा के कला एवं सांस्कृतिक मंत्री कंवरपाल करेंगे। उद्घाटन सत्र में अंबाला सांसद रतनलाल कटारिया और यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा विशिष्ट अतिथि होंगे। यह जानकारी हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह ने बुधवार को दी। अपने आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए धुम्मन सिंह ने बताया पांच फरवरी को महोत्सव का समापन समारोह पिहोवा के सरस्वती तीर्थ पर होगा। इसमें खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह मुख्य अतिथि रहेंगे। उन्होंने बताया कि बोर्ड की तरफ से कोविड गाइडलाइन के अनुसार अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव की तैयारियां पूरी की गई हैं। उद्घाटन सत्र में सरस्वती उद्गम स्थल में 21 कुंडीय यज्ञ का आयोजन होगा।
उन्होंने कहा कि बोर्ड के प्रयासों से सरस्वती नदी को फिर से धरा पर प्रवाहित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अभी हाल में ही आदि बद्री में डैम बनाने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। हरियाणा में संस्कृति की जननी एवं प्राचीनतम नदी सरस्वती को लेकर सरकार द्वारा अनेकों योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
उन्हीं योजनाओं में हर वर्ष बसंत पंचमी पर्व को लेकर कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है ताकि देश और प्रदेश की युवा पीढ़ी हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू हो सके। उद्घाटन सत्र के बाद 5 फरवरी को पिहोवा के सरस्वती तीर्थ स्थल पर समापन समारोह का आयोजन किया जाएगा। इससे पहले 4 फरवरी को पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ में अंतरराष्ट्रीय सरस्वती सम्मेलन में प्रसिद्ध वैज्ञानिक और शोधकर्ता वर्चुअल रूप से जुडे़ंगे।
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युवाओं को दिया मंच : धुम्मन सिंह
धुम्मन सिंह ने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ में होने वाले वर्चुअल सम्मेलन में विशेषज्ञों के साथ सरस्वती नदी पर शोध करने विद्यार्थियों को भी मौका दिया गया। वे भी अपने शोध और नदी से जुड़ी जानकारी सम्मेलन में साझा करेंगे। इसमें राजस्थान और गुजरात के विद्यार्थी भी जुड़ेंगे।
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उन्होंने कहा कि बोर्ड के प्रयासों से सरस्वती नदी को फिर से धरा पर प्रवाहित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अभी हाल में ही आदि बद्री में डैम बनाने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। हरियाणा में संस्कृति की जननी एवं प्राचीनतम नदी सरस्वती को लेकर सरकार द्वारा अनेकों योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
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उन्हीं योजनाओं में हर वर्ष बसंत पंचमी पर्व को लेकर कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है ताकि देश और प्रदेश की युवा पीढ़ी हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू हो सके। उद्घाटन सत्र के बाद 5 फरवरी को पिहोवा के सरस्वती तीर्थ स्थल पर समापन समारोह का आयोजन किया जाएगा। इससे पहले 4 फरवरी को पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ में अंतरराष्ट्रीय सरस्वती सम्मेलन में प्रसिद्ध वैज्ञानिक और शोधकर्ता वर्चुअल रूप से जुडे़ंगे।
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युवाओं को दिया मंच : धुम्मन सिंह
धुम्मन सिंह ने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ में होने वाले वर्चुअल सम्मेलन में विशेषज्ञों के साथ सरस्वती नदी पर शोध करने विद्यार्थियों को भी मौका दिया गया। वे भी अपने शोध और नदी से जुड़ी जानकारी सम्मेलन में साझा करेंगे। इसमें राजस्थान और गुजरात के विद्यार्थी भी जुड़ेंगे।