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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव : लुप्त होने के कगार पर पहुंची पुरातन हरियाणवी संस्कृति को संजीवनी दे गया हरियाणा पवेलियन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 13 Dec 2024 01:26 AM IST
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International Geeta Mahotsav: Haryana Pavilion gave life to the ancient Haryanvi culture which was on the verge of extinction.
कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर स्थापित किया गया हरियाणवी पवेलियन लुप्त होने के कगार पर पहुंची हरियाणवी संस्कृति व प्राचीन धरोहर को संजीवनी दे गया। पांच से 11 दिसंबर तक चले इस पवेलियन को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से लेकर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ सहित देश-विदेश के लाखों पर्यटकों ने देखा। हर कोई हरियाणवी शिल्पकला से लेकर संस्कृति को देख गदगद हो उठा तो जमकर सराहना भी की, जिससे शिल्पकार व लोक कलाकारों में उत्साह भर गया। पवेलियन में जहां युवा पीढ़ी को अपनी समृद्ध लोक संस्कृति, सभ्यता व धरोहर से परिचित कराने का काम किया गया वहीं छात्रों को आत्मनिर्भर बनने के लिए भी प्रेरित किया गया।
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पांच से 11 दिसंबर तक ब्रह्मसरोवर के तट पर हरियाणा पवेलियन सजाया गया, जिसमें 70 स्टाल लगाई गई थी। इन स्टॉलों के माध्यम से हरियाणा की पुरातन लोक संस्कृति, हरियाणवी खानपान के साथ आधुनिक हरियाणा की झलक को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया गया। वहीं कुवि के विभिन्न विभागों द्वारा स्टाल लगाई गई, जिसके चलते पवेलियन में आत्मनिर्भरता की झलक देखने काे मिली। पवेलियन में सजाए गए मंच पर देश-विदेश के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से पर्यटकों तक लोक संस्कृति को पहुंचाया।
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पवेलियन में हरियाणवी खानपान आकर्षण का केंद्र बना रहा तो वहीं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अवार्डी भी यहां अपनी शिल्पकला लेकर पहुंचे, जिसे पर्यटकों ने खूब सराहा। वहीं पवेलियन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, बेटी के जन्म पर छठी उत्सव मनाओ, पराली हम नहीं जलाएंगे की कसम उठाओ, हरियाणवी कृषि उपकरणों, हरियाणवी परिधानों, हरियाणा के काम-धंधों, रोजमर्रा के जीवन में प्रयोग किए जाने वाले सामानों को प्रदर्शित किया गया। इसी के साथ-साथ विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग, आईआईएचएस, टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट व ललित कला विभाग के छात्रों द्वारा स्टाल लगाए गए।
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धर्म गुुरुओं से लेकर अनेक महान विभूति पवेलियन में पहुंची
हरियाणा पवेलियन में सात दिनों तक देश की महान विभूतियों, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के धार्मिक गुरूओं, अधिकारियों सहित देश-विदेश के पर्यटकों ने अवलोकन किया। इसमें हरियाणा के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, उनकी धर्मपत्नी सुदेश धनखड़, राज्यपाल एवं कुवि कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी, कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल, राज्यमंत्री राजेश नागर, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, हरियाणा राज्य तकनीकी शिक्षा बोर्ड के सचिव राजीव गोयल सहित देश-प्रदेश के बडे़ अधिकारियों एवं सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं के अध्यक्षों व धर्म गुरुओं ने पवेलियन का अवलोकन किया।







...जब पुरातन संस्कृति को देख गदगद हो उठे थे उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी हरियाणा पवेलियन में पुरातन संस्कृति को देख गदगद हो उठे थे, यहां से उन्होंने हस्तनिर्मित गुड्ढा-गुड्ढी और फूल झड़ी खरीदी तथा कलाकारों द्वारा की गई कलाकृतियों की सराहना की। धर्मपत्नी सुदेश धनखड़ ने भी अवलोकन किया तथा आटा पीसना चक्की चलाकर बाजरा पीसा। वहीं उपराष्ट्रपति ने भी ओखली में मूसल चलाकर बाजरा पीसा तथा उन्होंने कहा कि हरियाणवी संस्कृति अद्भुत है।
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