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HSGPC: गुरुद्वारा छठी पातशाही व हरियाणा सिख मिशन की संभाली कमान, प्रबंधन ने नहीं सौंपी चाबी तो काटे ताले

Mon, 20 Feb 2023 01:34 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Mon, 20 Feb 2023 01:34 AM IST
सार

प्रबंधन ने चाबी नहीं सौंपी तो कटर से ताले काटे गए मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती में कार्रवाई हुई। कमेटी प्रधान महंत करमजीत सिंह ने पहले अरदास की, फिर दरबार साहिब से गुरुद्वारा प्रबंधन संभालने का ऐलान किया।

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HSGPC took command of Gurdwara Chhathi Patshahi and Haryana Sikh Mission
पत्रकारों से बातचीत करते हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एडहॉक के प्रधान महंत करमजीत सिंह। - फोटो : संवाद

विस्तार

हरियाणा सरकार की ओर से बनाई गई एडहॉक कमेटी ने रविवार को गुरुद्वारा छठी पातशाही पहुंचकर प्रबंधन की कमान संभाली। इस दौरान गुरुद्वारा प्रबंधन द्वारा चाबी न दिए जाने पर कहीं कटर से ताले काटने पड़े तो कहीं तोड़ने पड़े। इसके बाद नए ताले लगाकर सील लगा दी गई।

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महंत करमजीत ने गुरुद्वारा प्रबंधन अपने हाथ में लेने के साथ ही सभी कार्यरत कर्मियों को आश्वस्त किया कि उन्हें हटाया नहीं जाएगा बल्कि उनकी और संगत की बेहतरी के लिए कार्य किया जाएगा। पूरी कार्रवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार अभिमन्यु की मौजूदगी में की गई। विरोध की आशंका को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस तैनात रही।
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दोपहर बाद करीब तीन बजे महंत करमजीत सिंह अन्य सदस्यों के साथ गुरुद्वारा पहुंचे, जहां सबसे पहले उन्होंने दरबार साहिब में अरदास की। इसके बाद वहां बैठी संगत के बीच माइक से गुरुद्वारा प्रबंधन की कमान संभालने का एलान किया। इसके बाद महंत ने गुरुद्वारा के मैनेजर अमरीक सिंह से बातचीत की। साथ ही एडहॉक कमेटी के अधीन काम करने को कहा।
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इस पर मैनेजर ने कुछ समय देने की मांग की। जब मैनेजर की ओर से दरबार साहिब में रखे गोलक की चाबी नहीं सौंपी गई तो कमेटी ने कटर से ताले कटवाकर नए लगाए और उस पर सील लगा दी। इसके बाद कमेटी सिख मिशन गुरुद्वारा पहुंची, जहां एसजीपीसी के सब ऑफिस पर भी ताला लगा मिला, इसे भी कटर से काटा गया। इस दौरान कटर की बैटरी खत्म हुई तो इसे सरिये से भी तोड़ा गया। इसके बाद हरियाणा सिख मिशन के कार्यालय की प्रबंधन ने चाबी सौंप दी, लेकिन कमेटी ने बाद में यहां भी शीशे का गेट होने के बावजूद अपना ताला लगवाया।

करमजीत बोले- सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को आदेश दिए हैं, झींडा को नहीं
प्रबंधन संभालने के दौरान महंत करमजीत सिंह ने मैनेजर कार्यालय में पत्रकारों से भी चर्चा की। उन्होंने जगदीश सिंह झींडा द्वारा विरोध का एलान करने पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार को गुरुद्वारों के प्रबंधन के आदेश दिए हैं। ये आदेश झींडा के लिए नहीं बल्कि सरकार द्वारा बनाई गई एडहॉक कमेटी के लिए है। कमेटी ने कानूनी दायरे में रहकर आज प्रबंधन संभाला है। उन्होंने झींडा के साथ ही बलजीत सिंह दादूवाल और दीदार सिंह नलवी से भी सिखों की भलाई के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वे आगे चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं हैं, बल्कि चुनाव कराए जाने तक एडहॉक कमेटी के तौर पर गुरुघरों का सही प्रबंधन करना चाहते हैं।

उन्होंने एसजीपीसी को भी निशाने पर लिया। कहा कि जब दोनों प्रदेश अलग हुए थे तो उस समय समझौता हुआ था कि हरियाणा के गुरुद्वारों का अलग प्रबंधन हो सकता है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद हरियाणा के सिखों को एसजीपीसी उनका हक नहीं देना चाहती। उन्होंने कहा कि अभी तक पांच से छह गुरुद्वारों का प्रबंधन ले लिया गया है और जल्द ही प्रदेश के सभी 52 गुरुद्वारों का प्रबंधन संभाल लिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो कानून का सहारा भी लिया जाएगा।

नहीं हटाएंगे कर्मचारी, खोलेंगे डिस्पेंसरी
महंत करमजीत ने एलान किया है कि गुरुद्वारे से किसी भी कर्मचारी को हटाया नहीं जाएगा। उनके लिए बेहतर कार्य किया जाएगा। उनके बच्चों को शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उनके लिए कोचिंग की भी व्यवस्था की जाएगी। गुरुद्वारों में डिस्पेंसरी व लैब खोली जाएंगी, जहां न्यूनतम कीमत पर सेवाएं मिल सकेंगी।

तमाम इंतजाम पर प्रशासन की तीन घंटे तक फूलती रही सांस
गुरुद्वारा छठी पातशाही में प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई एडहॉक कमेटी द्वारा प्रबंधन संभाले जाने के दौरान हालांकि कोई विरोध नहीं हुआ, लेकिन प्रशासन को टकराव होने की आशंका थी। इसके चलते सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुख्ता बंदोबस्त किए गए। प्रबंधन संभाले जाने के दौरान प्रशासन की सांसें फूलती रही, हालांकि गुरुद्वारे के आसपास नाकेबंदी भी की गई थी। जब पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण रही और कमेटी के प्रधान व अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य करीब तीन घंटे बाद लौट गए तो प्रशासन ने राहत की सांस ली।

बता दें कि एक दिन पहले शनिवार को ही सिख नेता जगदीश सिंह झींडा ने ऐलान किया था कि वे गुरुघरों पर कमेटी द्वारा प्रबंधन लेने का कड़ा विरोध करेंगे। उन्होंने गुरुद्वारा छठी पातशाही में ही पत्रकारवार्ता कर आरोप लगाए थे कि सरकार द्वारा बनाई एडहॉक कमेटी जबरन गुरुद्वारों पर कब्जा करने में लगी है। पहले नाडा साहिब फिर अंबाला में भी प्रयास किया, लेकिन वे ऐसा किसी भी स्तर पर नहीं होने देंगे। झींडा के इस ऐलान को लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट रहा। ड्यूटी मजिस्ट्रेट अभिमन्यु ने कहा कि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से हुई है।

पुलिस बल के साथ खुफिया एजेंसी भी रही सतर्क 
महंत करमजीत सिंह व उनके साथ आए पदाधिकारी एवं सदस्य करीब तीन घंटे तक गुरुद्वारे में रहे। इस दौरान पुलिस बल तैनात रहा तो गुरुद्वारे के आसपास नाकेबंदी भी की गई। प्रबंधन संभाले जाने की कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार अभिमन्यु बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट रहे।

कमेटी के ये पदाधिकारी व सदस्य रहे मौजूद
कमेटी के प्रधान महंत करमजीत सिंह के अलावा उनके साथ वरिष्ठ उपप्रधान भूपेंद्र सिंह, महासचिव गुरविंद्र सिंह धमीजा, सुखविंद्र सहगल, जसवंत सिंह, गुरबख्श सिंह, टीपी सिंह, सुखजिंद्र सिंह, विनर सिंह, सुदर्शन सिंह, कंवलजीत सिंह अजराना सहित अन्य पदाधिकारी, सदस्य एवं संगत मौजूद रही।

... जब कटर दे गया जवाब
कमेटी अपनी पूरी तैयारी के साथ गुरुद्वारा पहुंची थी। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि कटर, ताले व सील करने का सामान भी टीम साथ लेकर गई थी। दरबार साहिब में रखे गोलक में लगे ताले जब काटे जाने लगे तो बीच में ही कटर जवाब दे गया। कड़ी मशक्कत के बाद इसे फिर से चलाया गया। इसके चलते गोलक के दोनों ताले काटने व नए ताले लगाकर सील लगाए जाने में काफी समय लगा। ऐसी ही स्थिति का सामना उस समय भी करना पड़ा, जब कमेटी सिख मिशन संस्थान पहुंची, जहां पर हरियाणा सिख मिशन के मैनेजर कार्यालय पर ताले लगे मिले।

पहले सब ऑफिस का ताला कटर से काटा जाने लगा तो इस समय भी कटर बीच में ही जवाब दे गया। बैटरी खत्म हुई तो ईंट से ताला तोड़ने का प्रयास किया गया, इसके बाद फिर कटर चलाकर ताला काटा गया। वहीं सिख मिशन के मैनेजर कार्यालय पर लगे शीशे के गेट पर भी ताला लगा था, जहां की चाबी प्रबंधन द्वारा दे दी गई, लेकिन बाद में यहां भी दूसरा ताला लगाया गया।
 

एचएसजीपीसी ने बैंकों से लेनदेन बंद करने को गुरुद्वारों में भेजा पत्र

बिलासपुर। हरियाणा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) ने एसजीपीसी से जुड़े सभी गुरुद्वारों के मैनेजर को पत्र लिखकर बैंकों से सारा लेनदेन बंद करने के लिए कहा है। यह पत्र एचएसजीपीसी ने गुरुद्वारों में डीसी के माध्यम से भेजा गया है। इसके विरोध में रविवार को गुरुद्वारा पहली व दसवीं पातशाही कपालमोचन में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के वरिष्ठ उप प्रधान बलदेव सिंह कायमपुरी की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में एचएसजीपीसी द्वारा भेजे गए पत्र का विरोध किया गया।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि एचएसजीपीसी ने इस तरह से गुरु घरों को अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया तो इसका विरोध किया जाएगा। साथ ही गुरुद्वारा मंजी साहिब अंबाला के मैनेजर से उपायुक्त कार्यालय में दस्तावेजों पर जबरन कराए गए हस्ताक्षर पर भी एतराज जताया गया। एसजीपीसी के वरिष्ठ उप प्रधान कायमपुरी ने कहा कि हरियाणा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के गुरविंद्र सिंह धमीजा ने हरियाणा कमेटी के लेटर पैड पर प्रदेश के सभी गुरुद्वारों में मैनेजर के नाम सरकार की तरफ से पत्र भेजा है, जिसमें गुरुद्वारा साहिब के मैनेजरों को बैंक से सारे लेनदेन को बंद करने के लिए कहा गया गया।

जिले के सभी गुरुद्वारों में डीसी की ओर से पत्र भेजा गया है, जिसमें गुरुद्वारा साहिब के खातों को सीज करने के लिए कहा गया है। ऐसा निर्देश जारी होने से प्रदेश के लाखों सिख संगत में गहरा रोष है। कुछ दिन पूर्व अंबाला के गुरुद्वारा मंजी साहिब के मैनेजर सरदार कुलदीप सिंह को उपायुक्त कार्यालय में बुलाकर जबरदस्ती कागजात साइन कराए गए, जो कि सरासर गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गुरुद्वारा साहिबान में अपना दखल दे रही है। गुरुद्वारा साहिब गुरु का घर है, जिस पर सभी का समान अधिकार है। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोई भी काम सरकार को कानून के दायरे में रहकर ही करना चाहिए।

खाते सीज करने से लंगर व्यवस्था में आ सकती है दिक्कत : बलदेव

बलदेव सिंह ने कहा कि गुरुद्वारा में प्रतिदिन हजारों की संख्या में संगत शीश नवाने आती है। गुरुद्वारा के खातों को सीज करने से लंगर व्यवस्था व अन्य सुविधाओं में दिक्कत आ सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आरएसएस के कहने पर सिखों को बांटने का कार्य कर रही है, जिसके लिए अलग हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का गठन किया गया है। प्रदेश की सिख संगत सरकार के इस निर्णय का डटकर विरोध करेगी। आरोप लगाया कि हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से सिख संगत का कोई लाभ नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा कमेटी केवल दो सदस्यों के इशारे पर चल रही है। अन्य सदस्य इस कार्यप्रणाली को लेकर सहमत नही है। उन्होंने बताया कि पांच मार्च को लोहगढ़ साहिब में गुरमत समागम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों की संख्या में संगत हिस्सा लेगी। मौके पर जसपाल सिंह भट्टी, परमिंद्र सिंह, हरकेश सिंह, बलजिंद्र सिंह, रण सिंह, लक्ष्मण सिंह, कुलदीप सिंह, हरिंद्र सिंह, हरमंजीत सिंह सहित आदि मौजूद रहे।

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