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Kurukshetra News: कुवि के एचकेआरएन कर्मियों ने मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों के समर्थन में मंगलवार को सीनेट हॉल में आयोजित संगोष्ठी के दौरान मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार भारत भूषण भारती को ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगों से अवगत कराया। ये ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया, जिसमें एचकेआरएन के तहत कार्यरत कर्मचारियों ने मांग की है कि कर्मचारियों को अनुभव का लाभ यूएएन नंबर से दिया जाए ताकि भविष्य में बनने वाली नियमित पॉलिसी में इसका लाभ मिल सके। हालांकि एचकेआरएन की स्थापना 2022 में हुई थी जबकि बहुत से कर्मी संस्थान में उसी पोस्ट पर पांच से 10 साल कार्यरत हो गए हैं।
कर्मचारियों ने वेतन की विसंगति को दूर करने की मांग रखी कि उनका वेतन 2022 से दिलाया जाए। एचकेआरएन की स्थापना के बाद प्रदेश को तीन स्लैब में बांटकर वेतन निर्धारित किया गया था। ऐसे में पहले से कार्यरत कर्मचारियों को उतना ही वेतन मिल रहा है और बाद में लगने वाले कर्मचारियों को उनसे ज्यादा वेतन मिल रहा है। कच्चे पक्के का भेदभाव समाप्त कर समान काम समान वेतन लागू किया जाए और गेस्ट टीचर की तर्ज पर जॉब सिक्योरिटी प्रदान करने की मांग रखी।
इसी के साथ कर्मचारियों की मांग थी कि कुवि में टेक्निकल पोस्ट (स्किल्ड) के तहत लगे कर्मचारी जैसे लैब अटेंडेट, लैब तकनीशियन और जूनियर लैब तकनीशियन की पोस्ट पर कार्यरत है। उनका कहना है कि वे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक योग्यता अनुसार ग्रुप सी के तहत लगे थे लेकिन सभी कर्मचारियों को एचकेआरएन में पोस्ट कर दिया गया है, जिसके बाद सभी कर्मचारियों को लेवल थ्री (ग्रुप डी) के अंतर्गत डाल दिया गया है, जिस कारण कर्मचारियों के वेतन पर पे प्रोटेक्शन लगा दिया गया है। इससे कर्मचारियों के वेतन नहीं बढ़ पा रहा है। कर्मचारियों की मांग है कि इन पोस्ट को लेवल दो में ही डाल दिया जाए और एचकेआरएन के तहत लगे कर्मचारियों के पद को स्वीकृत पद माना जाए। इस मौके पर गुरदीप तंवर, चेतन सिंह, रणबीर सिंह, सचिन कुमार, रमन, अशोक, जोनी, किरण अग्रवाल, इंदु शर्मा, अमित, मेजर तंवर सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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कर्मचारियों ने वेतन की विसंगति को दूर करने की मांग रखी कि उनका वेतन 2022 से दिलाया जाए। एचकेआरएन की स्थापना के बाद प्रदेश को तीन स्लैब में बांटकर वेतन निर्धारित किया गया था। ऐसे में पहले से कार्यरत कर्मचारियों को उतना ही वेतन मिल रहा है और बाद में लगने वाले कर्मचारियों को उनसे ज्यादा वेतन मिल रहा है। कच्चे पक्के का भेदभाव समाप्त कर समान काम समान वेतन लागू किया जाए और गेस्ट टीचर की तर्ज पर जॉब सिक्योरिटी प्रदान करने की मांग रखी।
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इसी के साथ कर्मचारियों की मांग थी कि कुवि में टेक्निकल पोस्ट (स्किल्ड) के तहत लगे कर्मचारी जैसे लैब अटेंडेट, लैब तकनीशियन और जूनियर लैब तकनीशियन की पोस्ट पर कार्यरत है। उनका कहना है कि वे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक योग्यता अनुसार ग्रुप सी के तहत लगे थे लेकिन सभी कर्मचारियों को एचकेआरएन में पोस्ट कर दिया गया है, जिसके बाद सभी कर्मचारियों को लेवल थ्री (ग्रुप डी) के अंतर्गत डाल दिया गया है, जिस कारण कर्मचारियों के वेतन पर पे प्रोटेक्शन लगा दिया गया है। इससे कर्मचारियों के वेतन नहीं बढ़ पा रहा है। कर्मचारियों की मांग है कि इन पोस्ट को लेवल दो में ही डाल दिया जाए और एचकेआरएन के तहत लगे कर्मचारियों के पद को स्वीकृत पद माना जाए। इस मौके पर गुरदीप तंवर, चेतन सिंह, रणबीर सिंह, सचिन कुमार, रमन, अशोक, जोनी, किरण अग्रवाल, इंदु शर्मा, अमित, मेजर तंवर सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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