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Kurukshetra News: वादा खिलाफी के विरोध में अतिथि अध्यापकों ने सौंपा ज्ञापन
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कुरुक्षेत्र। सरकार की वायदा खिलाफी के विरोध में राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ ने गुरुवार को जिला शिक्षा परियोजना संयोजक के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। अध्यापकों ने उच्चतम न्यायालय और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए अतिथि अध्यापकों को नियमित करने की मांग की। इस दौरान लघु सचिवालय में अतिथि अध्यापकों का धरना 81वें दिन भी जारी रहा और उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
जिला अध्यक्ष राजकुमार कालीरमन की अध्यक्षता में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि छह सितंबर को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पर प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने आठ सितंबर को मुख्यमंत्री से चंडीगढ़ में बातचीत करवाने का लिखित आश्वासन दिया था। संगठन के अनुसार, तय दिन मुख्यमंत्री के बजाय शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक रखी गई, जिसका अध्यापकों ने विरोध किया।
अध्यापक नेताओं विक्रम कुमार साधनवास, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान वीरेंद्र सिंह, ओमप्रकाश और राजकुमार कालीरमन ने कहा कि 16 अप्रैल को उच्चतम न्यायालय ने तीन वर्ष की सेवा शर्तें पूरी करने वाले ग्रुप बी, सी और डी के कर्मचारियों को नियमित करने संबंधी नीति को वैध माना था। वहीं, 29 अप्रैल को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने सरकारी विद्यालयों में कार्यरत पीजीटी, टीजीटी और जेबीटी अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के निर्देश दिए थे।
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उन्होंने कहा कि 11 अगस्त को मुख्य सचिव की ओर से भी विभागाध्यक्षों को न्यायालय के आदेशों के अनुसार नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया शुरू नहीं की है।
अध्यापकों ने मांग की कि न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए उन्हें 28 मई 2014 से नियमित मानकर छह प्रतिशत ब्याज सहित एरियर, ग्रेच्युटी, पेंशन और अन्य देय लाभ दिए जाएं। उन्होंने कहा कि नियमितीकरण की मांग को लेकर 23 जून से लघु सचिवालय में शांतिपूर्ण धरना चल रहा है। वहीं, फतेहाबाद जिले के अतिथि अध्यापक 24 घंटे के लिए धरने पर बैठेंगे।
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जिला अध्यक्ष राजकुमार कालीरमन की अध्यक्षता में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि छह सितंबर को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पर प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने आठ सितंबर को मुख्यमंत्री से चंडीगढ़ में बातचीत करवाने का लिखित आश्वासन दिया था। संगठन के अनुसार, तय दिन मुख्यमंत्री के बजाय शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक रखी गई, जिसका अध्यापकों ने विरोध किया।
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अध्यापक नेताओं विक्रम कुमार साधनवास, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान वीरेंद्र सिंह, ओमप्रकाश और राजकुमार कालीरमन ने कहा कि 16 अप्रैल को उच्चतम न्यायालय ने तीन वर्ष की सेवा शर्तें पूरी करने वाले ग्रुप बी, सी और डी के कर्मचारियों को नियमित करने संबंधी नीति को वैध माना था। वहीं, 29 अप्रैल को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने सरकारी विद्यालयों में कार्यरत पीजीटी, टीजीटी और जेबीटी अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के निर्देश दिए थे।
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उन्होंने कहा कि 11 अगस्त को मुख्य सचिव की ओर से भी विभागाध्यक्षों को न्यायालय के आदेशों के अनुसार नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया शुरू नहीं की है।
अध्यापकों ने मांग की कि न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए उन्हें 28 मई 2014 से नियमित मानकर छह प्रतिशत ब्याज सहित एरियर, ग्रेच्युटी, पेंशन और अन्य देय लाभ दिए जाएं। उन्होंने कहा कि नियमितीकरण की मांग को लेकर 23 जून से लघु सचिवालय में शांतिपूर्ण धरना चल रहा है। वहीं, फतेहाबाद जिले के अतिथि अध्यापक 24 घंटे के लिए धरने पर बैठेंगे।