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आलू किसानों की भावांतर भरपाई की पूरी राशि जल्द जारी करे सरकार : चढूनी
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कुरुक्षेत्र। भारतीय किसान यूनियन चढूनी ने आलू किसानों की भावांतर भरपाई योजना की पूरी बकाया राशि जल्द किसानों के खातों में जारी करने की मांग की है। भाकियू ने कहा है कि सरकार की ओर से योजना के तहत दो किस्तें जारी की जा चुकी हैं लेकिन बड़ी संख्या में किसानों को अभी तक पूरी राशि नहीं मिली है। संगठन ने चेतावनी दी है कि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो किसान अपने हक के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
भाकियू चढूनी ने कहा है कि इस वर्ष आलू की फसल का भाव कम रहने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। कई किसानों की फसल की लागत तक पूरी नहीं हो सकी। किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने भावांतर भरपाई योजना के तहत भुगतान शुरू किया था लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी किसानों को पूरी राशि नहीं मिली है।
संगठन का दावा है कि योजना के तहत आलू किसानों की करीब 90 करोड़ रुपये की राशि बकाया थी। इसमें से सरकार की ओर से कुछ राशि जारी किए जाने की बात सामने आई है लेकिन यह राशि भी अनेक किसानों के बैंक खातों में नहीं पहुंची है। इससे किसानों में रोष है।
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कृषि लागत बढ़ने से पहले ही आर्थिक दबाव में किसान
गुरनाम सिंह चढूनी कहा कि किसान पहले ही कम फसल भाव के साथ महंगे डीजल, खाद, दवाइयों और अन्य कृषि खर्चों का बोझ उठा रहे हैं। ऐसे में सरकार की ओर से घोषित भावांतर भरपाई राशि मिलने में देरी किसानों के साथ अन्याय है। सरकार को बकाया पूरी राशि तत्काल जारी करनी चाहिए।
भाकियू ने सरकार से बकाया राशि जारी करने की स्पष्ट समय सीमा घोषित करने की मांग की है। संगठन ने कहा कि जिन किसानों के लिए राशि जारी हो चुकी है, उनके खातों में भी तत्काल भुगतान करवाया जाए। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसान आंदोलन और कोई बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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भाकियू चढूनी ने कहा है कि इस वर्ष आलू की फसल का भाव कम रहने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। कई किसानों की फसल की लागत तक पूरी नहीं हो सकी। किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने भावांतर भरपाई योजना के तहत भुगतान शुरू किया था लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी किसानों को पूरी राशि नहीं मिली है।
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संगठन का दावा है कि योजना के तहत आलू किसानों की करीब 90 करोड़ रुपये की राशि बकाया थी। इसमें से सरकार की ओर से कुछ राशि जारी किए जाने की बात सामने आई है लेकिन यह राशि भी अनेक किसानों के बैंक खातों में नहीं पहुंची है। इससे किसानों में रोष है।
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कृषि लागत बढ़ने से पहले ही आर्थिक दबाव में किसान
गुरनाम सिंह चढूनी कहा कि किसान पहले ही कम फसल भाव के साथ महंगे डीजल, खाद, दवाइयों और अन्य कृषि खर्चों का बोझ उठा रहे हैं। ऐसे में सरकार की ओर से घोषित भावांतर भरपाई राशि मिलने में देरी किसानों के साथ अन्याय है। सरकार को बकाया पूरी राशि तत्काल जारी करनी चाहिए।
भाकियू ने सरकार से बकाया राशि जारी करने की स्पष्ट समय सीमा घोषित करने की मांग की है। संगठन ने कहा कि जिन किसानों के लिए राशि जारी हो चुकी है, उनके खातों में भी तत्काल भुगतान करवाया जाए। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसान आंदोलन और कोई बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।