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गुरुकुल में पांच हजार बच्चों ने दी प्रवेश परीक्षा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 28 Mar 2022 01:39 AM IST
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Five thousand children gave entrance exam in Gurukul, Kurukshetra
गुरुकुल में दूसरे चरण की प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लेते विद्यार्थी। संवाद - फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। गुरुकुल में सातवीं, आठवीं और नौवीं कक्षा में दाखिले के लिए रविवार को दूसरे चरण की प्रवेश परीक्षा हुई। परीक्षा में देश के 19 प्रांतों से पहुंचे करीब पांच हजार बच्चों ने हिस्सा लिया। परीक्षा के दौरान बच्चों और अभिभावकों की भीड़ उमड़ पड़ी। इससे प्रशासन को व्यवस्थाएं बनाने में मशक्कत करनी पड़ी।
सुबह से ही गुरुकुल परिसर में बच्चों व अभिभावकों का आवागमन शुरू हो गया था। गुरुकुल प्रशासन की ओर से परीक्षा आयोजित कराने के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। एक बेंच पर दो-दो बच्चों को बैठाकर परीक्षा ली गई। परीक्षार्थियों पर निगरानी रखने के लिए ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए। परीक्षा के बाद गुरुकुलके ‘शिक्षा-उत्सव’ में आए अभिभावकों व बच्चों को संबोधित करते हुए गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के ओएसडी डॉ. राजेंद्र विद्यालंकार ने कहा कि बच्चे का सर्वांगीण विकास करना ही गुरुकुलीय शिक्षा का मुख्य उद्देश्य है। गुरुकुल में शिक्षित और दीक्षित बच्चे ही एक सभ्य समाज और उन्नत राष्ट्र का निर्माण करने में सक्षम है।
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उन्होंने कहा कि आज हर अभिभावक की यही चिंता है कि उनके बच्चे संस्कारवान बने, शिक्षित बनें और बुढ़ापे में उनका सहारा बने और ऐसा केवल गुरुकुलीय शिक्षा पद्धति में आचार्य के पावन सान्निध्य में संभव हो सकता है, क्योंकि गुरुकुल में आचार्य प्रत्येक बच्चे का ख्याल ठीक उसी प्रकार से रखता है जैसे एक मां अपने गर्भस्थ शिशु का ध्यान रखती है। डॉ. विद्यालंकार ने कहा कि बड़े-बड़े भवनों से या बहुत अच्छी सुविधाएं होने से यह तय नहीं है कि ऐसे संस्थानों में आपके बच्चे सुरक्षित है, उनका भविष्य सही हाथों में है, इसलिए बच्चे के प्रवेश के समय शिक्षण संस्थानों का चयन पड़ताल के बाद ही करें
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गुरुकुल के निदेशक व प्राचार्य कर्नल अरुण दत्ता ने कहा कि सबसे ज्यादा जरूरी बच्चों का संस्कारवान होना है। बताया कि सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में गुरुकुल का प्रत्येक बच्चा मेरिट से उत्तीर्ण होता है और सर्वश्रेष्ठ परीक्षा परिणामों की यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। यही कारण है कि पिछले चार वर्षों से गुरुकुल कुरुक्षेत्र हरियाणा का नंबर वन आवासीय विद्यालय बना हुआ है। बताया कि गुरुकुल परिसर में ही छात्रों की एनडीए, एसएसबी, आईआईटी, एनटीएसई सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की पूरी व्यवस्था है। इस अवसर पर गुरुकुल के नवनिर्वाचित प्रधान राजकुमार गर्ग, कुलवंत सिंह सैनी, सह प्राचार्य शमशेर सिंह, मुख्य संरक्षक संजीव आर्य, जितेंद्र अहलावत, गुरुकुल नीलोखेड़ी के प्राचार्य अर्जुनदेव, गुरुकुल ज्योतिसर के प्राचार्य सतबीर आर्य, चीफ वार्डन सचिन आर्य आदि मौजूद रहे।

गुरुकुल में प्रवेश परीक्षा के दौरान उमड़ी बच्चों और अभिभावकों की भीड़। संवाद

गुरुकुल में प्रवेश परीक्षा के दौरान उमड़ी बच्चों और अभिभावकों की भीड़। संवाद- फोटो : Kurukshetra

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