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गांवों में जले गेहूं के फाने
ब्यूरो/अमर उजाला कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 10 May 2014 11:19 PM IST
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इस्माईलाबाद में सरकार के कड़े आदेशों के बावजूद लोग अपनी फसल के अवशेषों में आग लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं, जिसके चलते दूसरे किसानों को खासा नुकसान झेलना पड़ता है।
इसी तरह गांव तंगीपुर के निकट एक किसान ने अपने खेतों में गेहूं के बचे अवशेष में आग लगा दी। इसके बाद तेज हवाओं के चलते आग ने भीषण रूप धारण कर लिया, जिससे कई किसानों के गेहूं के फाने व तूड़ी के कूप जल कर स्वाहा हो गए।
गांव रोशनपुर के किसान साधूराम ने बताया कि उसके खेतों के निकट लगते खेतों में एक किसान ने गेहूं के बचे अवशेष में आग लगा दी। उन्होंने बताया कि कुछ देर बाद आग बुरी तरह से फैल गई। इस आग में उसके गेहूं के फाने व तूड़ी का कूप जलकर राख हो गया।
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उन्होंने बताया कि फायर ब्रिगेड व लोगों की मदद से आग पर बड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया गया। इसी तरह गांव छपरा के निकट जैतपुरा निवासी नानकचंद शर्मा के भी कई एकड़ गेहूं के फाने जलकर स्वाहा हो गए।
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इसी तरह गांव तंगीपुर के निकट एक किसान ने अपने खेतों में गेहूं के बचे अवशेष में आग लगा दी। इसके बाद तेज हवाओं के चलते आग ने भीषण रूप धारण कर लिया, जिससे कई किसानों के गेहूं के फाने व तूड़ी के कूप जल कर स्वाहा हो गए।
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गांव रोशनपुर के किसान साधूराम ने बताया कि उसके खेतों के निकट लगते खेतों में एक किसान ने गेहूं के बचे अवशेष में आग लगा दी। उन्होंने बताया कि कुछ देर बाद आग बुरी तरह से फैल गई। इस आग में उसके गेहूं के फाने व तूड़ी का कूप जलकर राख हो गया।
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उन्होंने बताया कि फायर ब्रिगेड व लोगों की मदद से आग पर बड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया गया। इसी तरह गांव छपरा के निकट जैतपुरा निवासी नानकचंद शर्मा के भी कई एकड़ गेहूं के फाने जलकर स्वाहा हो गए।