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जलबेहड़ा से साहा चौक तक बनने वाले नेशनल हाईवे को लेकर एकजुट हुए किसान, रखी कई डिमांड
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शाहाबाद। सरकार द्वारा जलबेहड़ा से साहा चौक तक बनने वाले नेशनल हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण करने के फैसले से किसान परेशान हैं। इस संदर्भ में किसानों की बुधवार को शहीद उधम सिंह स्मारक पर बैठक हुई। इस दौरान किसान नेताओं ने मामले को लेकर आगामी रणनीति बनाई। बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि 16 दिसंबर को किसान भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी से मुलाकात करेंगे और इस मामले में सहयोग मांगेंगे, ताकि किसानों के साथ अन्याय न हो।
बैठक की अध्यक्षता किसान नेता जसबीर सिंह मामू माजरा ने की। इस मौके पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सरकार जो भूमि अधिग्रहण करेगी उसका सवा करोड़ प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए और जिन किसानों की भूमि बंट गई है उन्हें डेढ़ करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस नेशनल हाईवे के बीच लगभग 20 गांवों के किसानों की भूमि अधिग्रहण की जाएगी, लेकिन किसी भी किसान को यह नहीं पता कि उसकी जमीन का कौनसा हिस्सा सरकार खरीदेगी। बताया कि सरकार ने एक अखबार के माध्यम से नोटिफिकेशन जारी कर आपत्तियां मांगी हैं और कहा है कि 21 दिन के अंदर संबंधित किसान अपनी आपत्तियां विभाग के पास दर्ज कराएं। कहा कि अधिकांश किसानों को यह नहीं पता कि किस किसान की भूमि अधिग्रहण की जाएगी तो आपत्तियां किस बात की दी जाएं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने आपत्तियां देने के लिए 30 दिसंबर तक का समय दिया है जो उन्हें मंजूर नहीं है। सरकार प्रत्येक गांव में साइट प्लान दिखाए और बताए कि सरकार द्वारा कितना मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी मांग की है कि सरकार भूमि अधिग्रहण करते समय यह भी ध्यान रखे कि जिस किसान को ज्यादा नुकसान होगा उसकी भरपाई करें, क्योंकि यह भूमि त्रिकोणी है और यदि किसान को केवल भूमि अधिग्रहण के ही पैसे मिलेंगे तो उस किसान को भारी नुकसान होगा, क्योंकि उसकी जमीन का एक कोना बिल्कुल बेकार हो जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने किसानों के साथ जबरदस्ती की या किसानों के हितों को ध्यान में नहीं रखा तो आंदोलन का रास्ता तैयार किया जाएगा।
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कहा कि ग्रीन बेल्ट के बाहर रास्ता दिया जाए और ट्यूबवेल बीच में आएंगे उनके लिए पाइप लाइन का प्रबंध किया जाए। कहा कि जो किसान नया कनेक्शन लेना चाहे उसे नया कनेक्शन दिया जाए। सभी सरकारी व गैर सरकारी रास्तों पर अंडरपास बनाए जाएं, ताकि कंबाइन का आना जाना हो सके। कहा कि हर 300 फीट पर निचले स्तर पर पानी निकासी के लिए तीन फीट का पाइप डाला जाए। सरकारी रोड के अपने पानी की निकासी के लिए सरकार वाटर रिचार्ज प्वाइंट बनाए। ग्रीन बेल्ट के बाहर दोनों तरफ 16 फुट का रास्ता किसानों को दिया जाए। मामू माजरा ने कहा कि सांझा खाता की जमीनों का मुआवजा गिरदावरी या भूमि पर कब्जे के आधार पर मलकीयत काटकर दिया जाए। इस अवसर पर विक्की भिंडर, पंकज हबाना, सर्वजीत सिंह, बलविंद्र, सतिंद्र पाल सिंह, गुरबक्श सिंह, धर्मबीर सिंह, शीशपाल, प्रभजीत सिंह, हरजीत सिंह, संतोख सिंह, गुरदेव सिंह, कुलजीत सिंह, सलविंदर, सुच्चा सिंह सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
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बैठक की अध्यक्षता किसान नेता जसबीर सिंह मामू माजरा ने की। इस मौके पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सरकार जो भूमि अधिग्रहण करेगी उसका सवा करोड़ प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए और जिन किसानों की भूमि बंट गई है उन्हें डेढ़ करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस नेशनल हाईवे के बीच लगभग 20 गांवों के किसानों की भूमि अधिग्रहण की जाएगी, लेकिन किसी भी किसान को यह नहीं पता कि उसकी जमीन का कौनसा हिस्सा सरकार खरीदेगी। बताया कि सरकार ने एक अखबार के माध्यम से नोटिफिकेशन जारी कर आपत्तियां मांगी हैं और कहा है कि 21 दिन के अंदर संबंधित किसान अपनी आपत्तियां विभाग के पास दर्ज कराएं। कहा कि अधिकांश किसानों को यह नहीं पता कि किस किसान की भूमि अधिग्रहण की जाएगी तो आपत्तियां किस बात की दी जाएं।
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उन्होंने कहा कि सरकार ने आपत्तियां देने के लिए 30 दिसंबर तक का समय दिया है जो उन्हें मंजूर नहीं है। सरकार प्रत्येक गांव में साइट प्लान दिखाए और बताए कि सरकार द्वारा कितना मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी मांग की है कि सरकार भूमि अधिग्रहण करते समय यह भी ध्यान रखे कि जिस किसान को ज्यादा नुकसान होगा उसकी भरपाई करें, क्योंकि यह भूमि त्रिकोणी है और यदि किसान को केवल भूमि अधिग्रहण के ही पैसे मिलेंगे तो उस किसान को भारी नुकसान होगा, क्योंकि उसकी जमीन का एक कोना बिल्कुल बेकार हो जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने किसानों के साथ जबरदस्ती की या किसानों के हितों को ध्यान में नहीं रखा तो आंदोलन का रास्ता तैयार किया जाएगा।
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कहा कि ग्रीन बेल्ट के बाहर रास्ता दिया जाए और ट्यूबवेल बीच में आएंगे उनके लिए पाइप लाइन का प्रबंध किया जाए। कहा कि जो किसान नया कनेक्शन लेना चाहे उसे नया कनेक्शन दिया जाए। सभी सरकारी व गैर सरकारी रास्तों पर अंडरपास बनाए जाएं, ताकि कंबाइन का आना जाना हो सके। कहा कि हर 300 फीट पर निचले स्तर पर पानी निकासी के लिए तीन फीट का पाइप डाला जाए। सरकारी रोड के अपने पानी की निकासी के लिए सरकार वाटर रिचार्ज प्वाइंट बनाए। ग्रीन बेल्ट के बाहर दोनों तरफ 16 फुट का रास्ता किसानों को दिया जाए। मामू माजरा ने कहा कि सांझा खाता की जमीनों का मुआवजा गिरदावरी या भूमि पर कब्जे के आधार पर मलकीयत काटकर दिया जाए। इस अवसर पर विक्की भिंडर, पंकज हबाना, सर्वजीत सिंह, बलविंद्र, सतिंद्र पाल सिंह, गुरबक्श सिंह, धर्मबीर सिंह, शीशपाल, प्रभजीत सिंह, हरजीत सिंह, संतोख सिंह, गुरदेव सिंह, कुलजीत सिंह, सलविंदर, सुच्चा सिंह सहित अन्य किसान मौजूद रहे।