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किसान 15 जून के बाद ही करें रोपाई : डॉ. आदित्य
Tue, 28 Apr 2026 02:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 28 Apr 2026 02:05 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। जिला में अप्रैल माह के दौरान तापमान करीब 42 डिग्री सेल्सियस पार हो चुका है, जो सामान्य से अधिक है और हीट वेव की स्थिति को दर्शाता है। इस परिस्थिति में खरीफ फसलों, विशेषकर धान, के प्रबंधन में विशेष सावधानी आवश्यक है ताकि उत्पादन हानि एवं जल संसाधनों के अत्यधिक दोहन से बचा जा सके।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डाॅ. आदित्य प्रताप डबास ने कहा कि किसान अपने खेत में धान की नर्सरी 15 मई से पहले न लगाएं। अधिक तापमान के कारण अंकुरण प्रभावित होता है व पौध कमजोर रहती है। इसी प्रकार धान की रोपाई 15 जून के बाद ही करें, जिससे मानसून वर्षा का लाभ मिल सके। बुवाई या रोपाई केवल तभी करें जब पर्याप्त वर्षा हो या खेत में उचित नमी उपलब्ध हो, क्योंकि जल्दबाजी में रोपाई करने से फसल को नुकसान होने की संभावना रहती है। उन्होंने कहा कि कम अवधि वाली धान किस्मों का चयन करें, जिससे कम पानी में भी बेहतर उत्पादन लिया जा सके।
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कुरुक्षेत्र। जिला में अप्रैल माह के दौरान तापमान करीब 42 डिग्री सेल्सियस पार हो चुका है, जो सामान्य से अधिक है और हीट वेव की स्थिति को दर्शाता है। इस परिस्थिति में खरीफ फसलों, विशेषकर धान, के प्रबंधन में विशेष सावधानी आवश्यक है ताकि उत्पादन हानि एवं जल संसाधनों के अत्यधिक दोहन से बचा जा सके।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डाॅ. आदित्य प्रताप डबास ने कहा कि किसान अपने खेत में धान की नर्सरी 15 मई से पहले न लगाएं। अधिक तापमान के कारण अंकुरण प्रभावित होता है व पौध कमजोर रहती है। इसी प्रकार धान की रोपाई 15 जून के बाद ही करें, जिससे मानसून वर्षा का लाभ मिल सके। बुवाई या रोपाई केवल तभी करें जब पर्याप्त वर्षा हो या खेत में उचित नमी उपलब्ध हो, क्योंकि जल्दबाजी में रोपाई करने से फसल को नुकसान होने की संभावना रहती है। उन्होंने कहा कि कम अवधि वाली धान किस्मों का चयन करें, जिससे कम पानी में भी बेहतर उत्पादन लिया जा सके।
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