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पुरानी पेंशन बहाल नहीं करने पर सरकार के खिलाफ जताया रोष

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 24 Mar 2022 01:54 AM IST
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expressed anger against the government for not restoring the old pension, Kurukshetra
।पांचाल धर्मशाला में पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर रोष जताते कर्मचारी। संवाद - फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। पेंशन बहाली संघर्ष समिति हरियाणा की एक मंडल स्तरीय बैठक बुधवार को पांचाल धर्मशाला में हुई, जिसकी अध्यक्षता प्रधान नरेश फूले ने की। बैठक में कुरुक्षेत्र, करनाल, यमुनानगर, अंबाला, पानीपत, पंचकूला व कैथल की ब्लॉक और जिला कार्यकारिणी ने हिस्सा लिया। कर्मचारियोें ने पुरानी पेंशन बहाल नहीं करने पर सरकार खिलाफ रोष जताया।
संघर्ष समिति के प्रदेश महासचिव ऋषि नैन ने कहा कि संविधान के अनुसार सरकार का दायित्व बनता है कि वह अपने कर्मचारियों को आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा प्रदान करे, जो कि पुरानी पेंशन के तहत दी जा सकती है। पदाधिकारियों ने बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ओर से पुरानी पेंशन नीति को बहाल न करने पर रोष और नाराजगी प्रकट की। संघर्ष समिति के राज्य कार्यकारिणी सदस्य कुलदीप सिंह ने कहा कि अगर एनपीएस योजना इतनी ही अच्छी है तो मुख्यमंत्री और गठबंधन सरकार सबसे पहले इसे अपने विधायकों और सांसदों पर लागू करें।
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जिला उपाध्यक्ष डॉ. रवि शर्मा व शाहाबाद प्रभारी यशपाल शर्मा ने कहा कि नई पेंशन योजना पूरी तरह से बाजार पर अनिश्चितता पर आधारित योजना है, जिसमें कर्मचारियों को न तो निश्चित रिटर्न और न ही निश्चित पेंशन की कोई गारंटी है। जिला कोषाध्यक्ष कपिल देव ने कहा कि एनपीएस योजना में कर्मचारियों की न केवल नाममात्र पेंशन बनेगी बल्कि इससे कर्मचारियों और सरकार को वित्तीय हानि भी हो रही है। आईटी सेल प्रमुख अनिल सैनी व प्रेस प्रवक्ता अमरजीत पांचाल ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अप्रैल महीने में जागरूकता अभियान चला सभी कर्मचारियों को पेंशन बहाली संघर्ष समिति के साथ एक मंच पर लाकर मई महीने से ब्लॉक जिला और राज्य स्तर पर बड़े आंदोलन की शुरुआत की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां एक दिन की सदस्यता पर विधायकों और सांसदों को चार-चार पेंशन का लाभ दिया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ 25 से 30 साल की सेवा के बाद कर्मचारियों को बाजार आधारित एनपीएस नीति में ला उनकी सेवा और भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। पेंशन बहाली संघर्ष समिति हरियाणा सरकार से मांग करती है कि जब कर्मचारियों की सेवा का सम्मान करते हुए राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पुरानी पेंशन नीति को बहाल किया जा सकता है तो हरियाणा में क्यों नहीं।

बैठक में राज्य उपाध्यक्ष कमलदीप हुसैनी, राज्य कार्यकरिणी सदस्य सुजीत यादव, उपाध्यक्ष मोनिका भारद्वाज, करनाल प्रधान संदीप टूर्ण, यमुनानगर प्रधान शशि भूषण, अंबाला प्रधान रमेश धीमान, पंचकूला प्रधान सुभाष जांगड़ा, कैथल प्रधान सुरेंद्र माजरा, पानीपत प्रधान विजय शर्मा, राज्य कोषाध्यक्ष ज्ञानचंद, आरपीएसएस प्रधान विनोद चौहान, जिला महासचिव संदीप चौहान, सूबे सिंह सुजान, धरमवीर, करनैल, अखिल सिंगला, रामदयाल सैनी, रमन सैनी आदि मौजूद रहे।
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