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पर्यावरण कोर्ट ने 98 आरोपियों को दिया 15744 पौधे लगाने का आदेश
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
Updated Sun, 13 Nov 2016 12:05 AM IST
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court shimla
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरुण कुमार त्यागी ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत पर्यावरण कोर्ट ने पर्यावरण को बचाने और प्रदूषण को रोकने के लिए अहम फैसला लेते हुए 9 जिलों के 67 केसों में 98 आरोपियों को 15745 पौधे लगाने के आदेश पारित किए है। इतना ही नहीं कैथल के 2 आरोपियों को पॉलिथीन रखने के आरोप में 30 हजार रुपये जुर्माना लगाने के भी आदेश दिए है। इसके अलावा राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रीलिटिकेशन और लंबित मामलों सहित 859 मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया।
एनआई एक्ट व एमएसीटी एक्ट सहित अन्य मामलों में 98,71,160 रुपये की राशि का सेटलमेंट करने के आदेश दिए है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरुण कुमार त्यागी ने शनिवार को देर सांय बातचीत करते हुए बताया कि अदालतों में लंबित मामलों और प्रीलिटिकेशन के मामलों का आपसी सहमति से समाधान करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में पहली बार पर्यावरण कोर्ट ने कुल 145 मामलों में से 67 मामलों का निपटारा किया गया।
इनमें से अधिकतर मामले पेड़ काटने और सरकारी जमीन पर कब्जा करने से संबंधित थे। पर्यावरण कोर्ट पीठासीन अधिकारी अनिल कौशिक ने राष्ट्रीय लोक अदालत को ग्रीन अदालत के रूप में मनाया है। सेशन जज ने बताया कि पीठासीन अधिकारी अनिल कौशिक की पर्यावरण कोर्ट में नगरपालिका की तरफ से पॉलिथीन रखने के मामलें में 2 लोगों को खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। इस कोर्ट ने पर्यावरण प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कैथल निवासी आरोपी सुभाष व नरेश को पॉलिथीन रखने के आरोप में 15-15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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उन्होंने कहा कि पर्यावरण कोर्ट ने ही पेड़ काटने और सरकारी जमीन पर कब्जा करने से संबंधित मामलों में करनाल के 17 में से 11 मामलों का निपटारा करते हुए 1580 पेड़, भिवानी में 3 केसों में 560 पेड़, रोहतक के 3 केसों में से 1 का निपटारा करते हुए 100 पेड़, कैथल के 29 में से 11 केसों में 11 केसों में 1160 पेड़, फतेहबाद जिले के 2 केसों में से 1 केस का निपटारा करते हुए 80 पेड़, जींद के 39 में से 23 केसों में 2105 पेड, यमुनानगर के 14 में से 7 केसों में 8950 पेड़, हिसार में 27 में से 8 केसों में 860 पेड़ और पंचकुला जिले के 4 केसों में से 2 का निपटारा करते हुए 350 पेड़ लगाने के आदेश पारित किए गए है। इन मामलों में एनओसी लेने और कब्जा खाली करने के भी आदेश पारित हुए है। सेशन जज ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रीलिटिकेशन के क्रिमिनल कंपाउंडऐबल के 26 केस, सिविल के 314 में से 11 मामलों का निपटारा करते हुए 2,64,560 रुपये की राशि की सेटलमेंट, इंतकाल के 165 में से 147, 107-151 के 35 मामलों का निपटारा किया गया। इस प्रकार प्रिलिटिकेशन के 540 के 219 मामलों का निपटारा करते हुए 264560 रुपये की राशि की सेटलमेंट के आदेश पारित हुए। उन्होंने बताया कि अदालत में लंबित क्रिमिनल कम्पाउंडऐबल 121 में से 87 मामलों का निपटारा करते हुए 6700 रुपये जुर्माना, एनआई एक्ट धारा 138 के 259 मामलों में से 17 का निपटारा करते हुए 1107000 रुपये की राशि के सेटलमेंट, एमएसीटी एक्ट 125 में से 17 मामलों में 84 लाख 55 हजार रुपये की राशि के सेटलमेंट आदेश दिए गए है। उन्होंने बताया कि पारिवारिक झगड़ों के 58 में से 5 केस, सिविल के 277 में से 100 केस, ट्रैफिक चालान के 1357 में से 323 का निपटारा करते हुए 65,250 रुपये का जुर्माना, मिस्लेनिएस आवेदन के 49 में से 9, रेलवे एक्ट के 9 केस और 107-151 के 11 में से 6 मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया है। फोरेस्ट एक्ट के 139 मामलों में 65 का निपटारा करते हुए 9,700 रुपये का जुर्मान भी लगाया है। इस प्रकार अदालत में लंबित 2411 में से 640 मामलों का निपटारा करते हुए 96,06,600 रुपये की सेटलमेंट के आदेश दिए है। इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 2951 मामलों में से 859 का निपटारा करते हुए 98,71,160 रुपये की सेटलमेंट के आदेश पारित हुए है। इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम नेहा नौहरिया सहित अन्य न्यायाधीश मौजूद थे।
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एनआई एक्ट व एमएसीटी एक्ट सहित अन्य मामलों में 98,71,160 रुपये की राशि का सेटलमेंट करने के आदेश दिए है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरुण कुमार त्यागी ने शनिवार को देर सांय बातचीत करते हुए बताया कि अदालतों में लंबित मामलों और प्रीलिटिकेशन के मामलों का आपसी सहमति से समाधान करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में पहली बार पर्यावरण कोर्ट ने कुल 145 मामलों में से 67 मामलों का निपटारा किया गया।
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इनमें से अधिकतर मामले पेड़ काटने और सरकारी जमीन पर कब्जा करने से संबंधित थे। पर्यावरण कोर्ट पीठासीन अधिकारी अनिल कौशिक ने राष्ट्रीय लोक अदालत को ग्रीन अदालत के रूप में मनाया है। सेशन जज ने बताया कि पीठासीन अधिकारी अनिल कौशिक की पर्यावरण कोर्ट में नगरपालिका की तरफ से पॉलिथीन रखने के मामलें में 2 लोगों को खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। इस कोर्ट ने पर्यावरण प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कैथल निवासी आरोपी सुभाष व नरेश को पॉलिथीन रखने के आरोप में 15-15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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उन्होंने कहा कि पर्यावरण कोर्ट ने ही पेड़ काटने और सरकारी जमीन पर कब्जा करने से संबंधित मामलों में करनाल के 17 में से 11 मामलों का निपटारा करते हुए 1580 पेड़, भिवानी में 3 केसों में 560 पेड़, रोहतक के 3 केसों में से 1 का निपटारा करते हुए 100 पेड़, कैथल के 29 में से 11 केसों में 11 केसों में 1160 पेड़, फतेहबाद जिले के 2 केसों में से 1 केस का निपटारा करते हुए 80 पेड़, जींद के 39 में से 23 केसों में 2105 पेड, यमुनानगर के 14 में से 7 केसों में 8950 पेड़, हिसार में 27 में से 8 केसों में 860 पेड़ और पंचकुला जिले के 4 केसों में से 2 का निपटारा करते हुए 350 पेड़ लगाने के आदेश पारित किए गए है। इन मामलों में एनओसी लेने और कब्जा खाली करने के भी आदेश पारित हुए है। सेशन जज ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रीलिटिकेशन के क्रिमिनल कंपाउंडऐबल के 26 केस, सिविल के 314 में से 11 मामलों का निपटारा करते हुए 2,64,560 रुपये की राशि की सेटलमेंट, इंतकाल के 165 में से 147, 107-151 के 35 मामलों का निपटारा किया गया। इस प्रकार प्रिलिटिकेशन के 540 के 219 मामलों का निपटारा करते हुए 264560 रुपये की राशि की सेटलमेंट के आदेश पारित हुए। उन्होंने बताया कि अदालत में लंबित क्रिमिनल कम्पाउंडऐबल 121 में से 87 मामलों का निपटारा करते हुए 6700 रुपये जुर्माना, एनआई एक्ट धारा 138 के 259 मामलों में से 17 का निपटारा करते हुए 1107000 रुपये की राशि के सेटलमेंट, एमएसीटी एक्ट 125 में से 17 मामलों में 84 लाख 55 हजार रुपये की राशि के सेटलमेंट आदेश दिए गए है। उन्होंने बताया कि पारिवारिक झगड़ों के 58 में से 5 केस, सिविल के 277 में से 100 केस, ट्रैफिक चालान के 1357 में से 323 का निपटारा करते हुए 65,250 रुपये का जुर्माना, मिस्लेनिएस आवेदन के 49 में से 9, रेलवे एक्ट के 9 केस और 107-151 के 11 में से 6 मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया है। फोरेस्ट एक्ट के 139 मामलों में 65 का निपटारा करते हुए 9,700 रुपये का जुर्मान भी लगाया है। इस प्रकार अदालत में लंबित 2411 में से 640 मामलों का निपटारा करते हुए 96,06,600 रुपये की सेटलमेंट के आदेश दिए है। इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 2951 मामलों में से 859 का निपटारा करते हुए 98,71,160 रुपये की सेटलमेंट के आदेश पारित हुए है। इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम नेहा नौहरिया सहित अन्य न्यायाधीश मौजूद थे।