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आठ माह की गर्भवती को काला पीलिया
अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 12 May 2014 11:51 PM IST
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कुरुक्षेत्र। जिला में काला पीलिया का एक और केस सामने आया है। इस बार यह केस गर्भवती महिला का है, जबकि पहले एक अन्य मां-पुत्र और एक व्यक्ति इस रोग से पीड़ित मिला था।
मामले का खुलासा तब हुआ, जब गांव पपनावा निवासी किरण पत्नी बलजीत सिंह डॉक्टर के कहने पर टेस्ट कराने गई। इसके बाद दंपति सारे टेस्ट लेकर लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल पहुंचे। यहां डॉ. शैलेंद्र ममगईं शैली ने उनका चेकअप करते हुए रिपोर्ट देखी। बाद में डॉक्टर ने सिविल अस्पताल से दोबारा टेस्ट कराने को कहा।
यहां भी परिणाम वही निकला। टेस्ट रिपोर्ट आने पर पता लगा कि आठ माह से गर्भवती को वास्तव काला पीलिया की शिकायत है। डॉक्टर ने उन्हें गंभीरता से उपचार शुरू कराया। महिला के पति बलजीत ने बताया कि उनकी पत्नी आठ माह से गर्भवती है और निजी डॉक्टर से उसका चेकअप चल रहा है।
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डॉक्टर ने रूटीन चेकअप करते हुए एक बार सारे टेस्ट कराने को कहा। इसके बाद वे नगर की निजी लैब में पहुंचे और वहां सैंपल देने के बाद उन्हें जो रिपोर्ट दी गई, उसमें काले पीलिया के बारे में बताया। जब वे सरकारी अस्पताल पहुंचे और यहां डॉ. शैली को दिखाया।
डा. शैली ने उन्हें एक बार सिविल अस्पताल में ही दोबारा से टेस्ट कराने को कहा। यहां दिए सैंपल की रिपोर्ट में भी काले पीलिया की पुष्टि हो गई।
उल्लेखनीय है कि कुछ माह पहले पिहोवा के एक गांव में रहने वाले मां-बेटे को भी काले पीलिया का केस सामने आया था। इसके बाद पिछले हफ्ते भी एक ऐसा ही केस उजागर हुआ था।
नोडल अधिकारी डॉ. शैली ने बताया कि मरीज को रोहतक रैफर कर दिया है। हरियाणा में इसका उपचार रोहतक या फिर चंडीगढ़ में है। इसलिए मरीज को रोहतक जाने की सलाह दी गई है।
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मामले का खुलासा तब हुआ, जब गांव पपनावा निवासी किरण पत्नी बलजीत सिंह डॉक्टर के कहने पर टेस्ट कराने गई। इसके बाद दंपति सारे टेस्ट लेकर लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल पहुंचे। यहां डॉ. शैलेंद्र ममगईं शैली ने उनका चेकअप करते हुए रिपोर्ट देखी। बाद में डॉक्टर ने सिविल अस्पताल से दोबारा टेस्ट कराने को कहा।
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यहां भी परिणाम वही निकला। टेस्ट रिपोर्ट आने पर पता लगा कि आठ माह से गर्भवती को वास्तव काला पीलिया की शिकायत है। डॉक्टर ने उन्हें गंभीरता से उपचार शुरू कराया। महिला के पति बलजीत ने बताया कि उनकी पत्नी आठ माह से गर्भवती है और निजी डॉक्टर से उसका चेकअप चल रहा है।
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डॉक्टर ने रूटीन चेकअप करते हुए एक बार सारे टेस्ट कराने को कहा। इसके बाद वे नगर की निजी लैब में पहुंचे और वहां सैंपल देने के बाद उन्हें जो रिपोर्ट दी गई, उसमें काले पीलिया के बारे में बताया। जब वे सरकारी अस्पताल पहुंचे और यहां डॉ. शैली को दिखाया।
डा. शैली ने उन्हें एक बार सिविल अस्पताल में ही दोबारा से टेस्ट कराने को कहा। यहां दिए सैंपल की रिपोर्ट में भी काले पीलिया की पुष्टि हो गई।
उल्लेखनीय है कि कुछ माह पहले पिहोवा के एक गांव में रहने वाले मां-बेटे को भी काले पीलिया का केस सामने आया था। इसके बाद पिछले हफ्ते भी एक ऐसा ही केस उजागर हुआ था।
नोडल अधिकारी डॉ. शैली ने बताया कि मरीज को रोहतक रैफर कर दिया है। हरियाणा में इसका उपचार रोहतक या फिर चंडीगढ़ में है। इसलिए मरीज को रोहतक जाने की सलाह दी गई है।