कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के रत्नावली राज्य स्तरीय सांस्कृतिक महोत्सव का आगाज हरियाणवी कोरियोग्राफी विधा के साथ हुआ। पहली प्रस्तुति से ही हरियाणवी कोरियोग्राफी ने आडिटोरियम हॉल में दर्शकों की खूब वाह-वाही लूटी। इस नए प्रयोग को दर्शकों ने तालियों के साथ अभिनंदन किया। हरियाणवी संस्कृति के उत्थान व संरक्षण के कार्य में लगा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय शनिवार को एक पायदान और आगे बढ़ गया।
विश्वविद्यालय रत्नावली उत्सव के माध्यम से लुप्त होती विधाओं को फिर से पुर्नजीवित करने के प्रयास में लगा हुआ है ताकि युवा पीढ़ी अपनी प्राचीन व समृद्ध लोक संस्कृति से जुड़ी रहे। इसी कड़ी में रत्नावली उत्सव में इस बार हरियाणवी कोरियोग्राफी को शामिल किया गया। पहली बार मंच पर हुई प्रस्तुति ने सबका मन मोहा । पहली बार इस प्रस्तुति में 6 टीमों ने भाग लिया। हर टीम की प्रस्तुति उम्दा रही और दर्शकों की खूब वाह वाही लूटी। सबसे पहले डीएवी गर्ल्स कालेज यमुनानगर की टीम ने जाट मेहर सिंह पर आधारित कोरियोग्राफी प्रस्तुत दी । गवर्नमेंट कालेज जींद के प्रतिभागियों ने जय जवान, जय किसान की थीम पर आधारित कोरियोग्राफी का मंचन कर युवाओं में देशभक्ति की भावना को भर दिया। आरकेएसडी पीजी कालेज, कैथल की टीम ने हरियाणवी संस्कृति भारत के कोन-कोने में धूम मचा रही तथा यूटीडी केयूके की टीम ने भारतीय सेना व आर्य पीजी कालेज पानीपत के प्रतिभागियों ने जाट मेहर सिंह की थीम पर अपनी प्रस्तुति दी। लगभग सभी टीमों ने देश भक्ती से ओतप्रोत व हरियाणवी संस्कृति के गौरवशाली इतिहास को दिखाया। दर्शकों ने पहली बार मंच पर हो रही हरियाणवी कोरियोग्राफी को लेकर भारी उत्साह था। इस समारोह में मुख्य अतिथि एडीजीपी डॉ. आरसी मिश्रा ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों को अपनी संस्कृति से जोड़ने का काम करते हैं और हरियाणवी संस्कृति पूरे विश्व में सर्वश्रेष्ठ है। इस अवसर पर निर्णायक मंडल में राजीव, राकेश, शीशपाल सिंह व आरएल मेहरा शामिल थे। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. नीता खन्ना व युवा सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक डॉ. तेजेन्द्र शर्मा ने उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी सांस्कृतिक परिषद् के अध्यक्ष डॉ. हरिप्रकाश शर्मा, उप-निदेशक डॉ. हितेन्द्र त्यागी व कुटा प्रधान डॉ. संजीव शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।