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ई-लर्निंग गुणवत्तापरक शिक्षा लोगों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम : कुलपति
अमर उजाला ब्यूरो/ कुरुक्षेत्र।
Updated Thu, 20 Oct 2016 11:53 PM IST
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कुरुक्षेत्र। सूचना एवं ज्ञान के प्रसार में नवीन सूचना संचार तकनीक का महत्व पिछले कुछ समय में काफी बढ़ गया है। आने वाले समय में इसका महत्व और ज्यादा बढ़ेगा। शिक्षकों को चाहिए कि वे नई तकनीक को अपना सहयोगी बनाएं और युवा पीढ़ी को इसके माध्यम से शिक्षा दें। यह बात केयू के कुलपति प्रोफेसर केसी शर्मा ने गुरुवार को यूनिवर्सिटी के यूजीसी मानव संसाधन विकास केंद्र की ओर से सॉफ्टवेयर टेकभनोलॉजी पर आयोजित शार्ट टर्म कोर्स के शुभारंभ कार्यक्रम में कही।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर शर्मा ने कहा कि नई सूचना संचार तकनीक के कारण देश में शिक्षा का प्रचार प्रसार हुआ है। नई तकनीक का प्रयोग कर ही इस सदी में हम भारत को शिक्षित व विकसित बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि ई-लर्निंग आने वाले समय की शिक्षण पद्धति है। इसको अपनाकर हम अधिक से अधिक युवाओं तक ज्ञान का प्रचार प्रसार कर सकते हैं। मानव संसाधन विकास केंद्र के निदेशक डॉ. आरपी ग्रोवर ने कहा कि केंद्र ने वर्तमान में शिक्षकों के लिए जरूरी कौशल को ध्यान में रखते हुए सॉफ्टवेयर टेक्रॉलॉजी पर यह शार्ट टर्म कार्यक्रम आयोजित किया है। 20 से 26 अक्टूबर तक चलने वाले इस शार्ट टर्म प्रोग्राम में चार राज्यों से 38 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इस कोर्स में देश की कई यूनिवर्सिटी के शिक्षाविद एवं तकनीकी विशेषज्ञ, शिक्षकों को ई-लर्निंग व सोशल मीडिया की बारीकियों से शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे।
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मुख्य अतिथि प्रोफेसर शर्मा ने कहा कि नई सूचना संचार तकनीक के कारण देश में शिक्षा का प्रचार प्रसार हुआ है। नई तकनीक का प्रयोग कर ही इस सदी में हम भारत को शिक्षित व विकसित बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि ई-लर्निंग आने वाले समय की शिक्षण पद्धति है। इसको अपनाकर हम अधिक से अधिक युवाओं तक ज्ञान का प्रचार प्रसार कर सकते हैं। मानव संसाधन विकास केंद्र के निदेशक डॉ. आरपी ग्रोवर ने कहा कि केंद्र ने वर्तमान में शिक्षकों के लिए जरूरी कौशल को ध्यान में रखते हुए सॉफ्टवेयर टेक्रॉलॉजी पर यह शार्ट टर्म कार्यक्रम आयोजित किया है। 20 से 26 अक्टूबर तक चलने वाले इस शार्ट टर्म प्रोग्राम में चार राज्यों से 38 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इस कोर्स में देश की कई यूनिवर्सिटी के शिक्षाविद एवं तकनीकी विशेषज्ञ, शिक्षकों को ई-लर्निंग व सोशल मीडिया की बारीकियों से शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे।
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