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खुलासा : पत्नी पर शक बना डॉ. राजन की हत्याकांड का कारण

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 24 Jun 2023 02:23 AM IST
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Disclosure: Suspicion on wife became the reason behind Dr. Rajan's murder
कुरुक्षेत्र। पुलिस की गिरफ्त में आरोपी चिकित्सक।
कुरुक्षेत्र। पशु चिकित्सक डॉ. राजन हत्याकांड को अंजाम देने का आरोपी डॉ. चंद्रेश्वर पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। पुलिस ने उससे वारदात के बाद अपने घर में छिपाई पिस्तौल भी बरामद कर ली है। पुलिस की माने तो प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी अपनी पत्नी पर शक करता था। यह शक शादी के समय से ही चला आ रहा था। उसका यहां तक मानना था कि उसकी पत्नी की शादी किसी और से होनी थी, लेकिन उसके साथ हुई। समय के साथ उसका शक और भी गहराता गया और किसी न किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच झगड़ा रहने लगा। करीब एक माह से जब उसकी पत्नी अपनी बहन के घर सेक्टर दो रहने लगी तो यहां भी उसका शक बढ़ने ही लगा। यहां तीन दिन पहले भी आरोपी पहुंचा था, जिस दौरान भी उसने अपनी पत्नी को ले जाने के लिए दबाव बनाने का प्रयास किया था, लेकिन पत्नी ने इनकार कर दिया था। गत दिवस वह सुबह करीब सात बजे ही अपने साढू डॉ. राजन के घर पहुंचा तो यहां उसने पहले पानी पिया तो फिर ऊपर के कमरे से पत्नी कुुसुम को बुलाया। उसे ले जाने को लेकर तीनों के बीच बातचीत में बहस हो गई और आरोपी चंद्रेश्वर ने गोलियां बरसा दी।
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पहले कपड़े बदले, फिर अंबाला व रोहतक तक पहुंचा
आरोपी चंद्रेश्वर ने पुलिस पूछताछ में माना कि वारदात को अंजाम देने के बाद पहले वह अपनी नैनो कार में सवार होकर अपने घर पहुंचा, जहां कपड़े बदले तो पिस्तौल भी छिपा दी। इसके बाद वह बस में सवार होकर पहले अंबाला से आगे पहुंचा तो फिर वापस पिपली से ही होते हुए रोहतक तक पहुंच गया। इस बीच उसके मोबाइल का रिचार्ज भी खत्म हो गया और दो से तीन लोगों को मोबाइल रिचार्ज करने को कहा, लेकिन इन्होंने इनकार कर दिया। उसे पता चल गया कि पत्नी कुुसुम बच गई है और अब वह जरूर फंसेगा। इसी से बचने के लिए वह घूमता रहा। वह रोहतक से भी लौट आया तो पुलिस ने देवीलाल पार्क के समीप से उसे काबू कर लिया।
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थाने में जमा पिस्तौल कैसे मिली, डीएसपी करेंगे जांच
सीआईए वन इंचार्ज मलकीत सिंह ने शुक्रवार को पूरे प्रकरण को लेकर पत्रकारों से चर्चा की, जिसके मुताबिक आरोपी चंद्रेश्वर ने करीब 13 वर्ष पहले पिस्तौल कानपुर से 65 हजार रुपये में खरीदी थी। वारदात के बाद यह घर में छिपा दी थी। पत्नी के साथ झगड़े के चलते ससुराल पक्ष ने पुलिस को शिकायत दी थी, जिसमें बताया था कि आरोपी के पास पिस्तौल है और उससे जान का खतरा है। पिछले माह 16 मई को पिस्तौल सदर थाने में जमा करवा ली गई थी, लेकिन इसके बाद उसने कैसे वापस ली, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। हर कोई हैरत में हैं तो वहीं पुलिस अधीक्षक ने इस मामले की जांच डीएसपी के नेतृत्व में कमेटी को सौंपी है।
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आरोपी को वारदात का नहीं मलाल, बोला अपने बच्चों की फिक्र पत्रकारों से चर्चा में सीआईए इंचार्ज मलकीत सिंह ने बताया कि आरोपी डॉ. चंद्रेश्वर जब पुलिस की पकड़ में आया तो उसे वारदात का कोई मलाल नहीं था। प्रारंभिक पूछताछ में उसने माना कि बस उसे अपने बच्चों की फिक्र है। उनका भविष्य बनाने के लिए उसने दुकान बेचकर 30 लाख रुपये जमा किए तो वहीं एक प्लाॅट बेचने के लिए पत्नी को भी कहता रहा, लेकिन वह नहीं मानी, जिसको लेकर भी झगड़ा होता था। आरोपी का एक बेटा व एक बेटी है। दोनों ही एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। मलकीत सिंह का कहना है पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। आरोपी को शनिवार को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। उसकी मानसिक स्थिति जानने के लिए डॉक्टरों के पैनल से जांच कराई जाएगी। उधर, फोर्टिस अस्पताल में उपचाराधीन कुसुम शुक्रवार देर शाम तक बयान देने में समक्ष नहीं हो पाई।

कुरुक्षेत्र। पुलिस की गिरफ्त में आरोपी चिकित्सक।

कुरुक्षेत्र। पुलिस की गिरफ्त में आरोपी चिकित्सक।

कुरुक्षेत्र। पुलिस की गिरफ्त में आरोपी चिकित्सक।

कुरुक्षेत्र। पुलिस की गिरफ्त में आरोपी चिकित्सक।

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