{"_id":"68619f4f1d555c856809b490","slug":"dimple-of-ladwa-is-providing-employment-to-more-than-50-women-kurukshetra-news-c-45-1-kur1001-137965-2025-06-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: लाडवा की डिंपल 50 से अधिक महिलाओं को दे रही रोजगार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: लाडवा की डिंपल 50 से अधिक महिलाओं को दे रही रोजगार
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। जोत-बत्ती बनाती हुई डिंपल। स्वयं
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। लाडवा के बपदा गांव की रहने वाली डिंपल अपनी नवाचार और मेहनत से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। डिंपल ज्योति स्वयं सहायता समूह की प्रमुख हैं और जोत बत्ती निर्माण का कार्य करती हैं, जो पूजा-पाठ में इस्तेमाल होती है। उन्होंने सिर्फ जोत बत्ती बनाना ही नहीं सीखा, बल्कि इसकी मशीनें भी तैयार करना शुरू कर दिया है।
डिंपल ने बताया कि वह 2018 में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी थी और 2019 में उन्होंने जोत बत्ती बनाने का कार्य गांव स्तर से शुरू किया था। डिंपल की मेहनत और समर्पण ने इस कार्य को इतनी ऊंचाई दी है कि अब उनकी जोत बत्ती स्थानीय बाजार के साथ-साथ उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बाजार में भी सप्लाई होती है। यह केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि रोजगार का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। डिंपल के नेतृत्व में अब तक 50 से अधिक स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिल चुका है। यह कार्य डिंपल अपने पति जिले सिंह के सहयोग से कर रही है। अब डिंपल की सालाना आय करीब छह से आठ लाख रुपये तक पहुंच चुकी है। छह साल पहले उसने 50 हजार रुपये लगाकर यह काम शुरू किया था।
पीपीपी मॉडल पर महिलाओं को बना रहीं आत्मनिर्भर
डिंपल पीपीपी मॉडल (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल) के तहत भी महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं। इस मॉडल में वह महिलाओं को मशीन, कच्चा माल और प्रशिक्षण मुफ्त में देती हैं। फिर जब महिलाएं जोत बत्ती बनाकर तैयार करती हैं, तो तयशुदा दर पर उनसे वह उत्पाद खरीद लेती हैं। इससे हर महिला को सम्मानजनक आमदनी मिलती है और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
विज्ञापन
महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर की राह दिखाना ही समूह का उद्देश्य : नरेश
स्वयं सहायता समूह के जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि डिंपल की मेहनत और समर्पण का नतीजा है कि कारोबार की पहुंच दूसरे प्रदेशों तक पहुंचीं है। महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर की राह दिखाना ही समूह का उद्देश्य है।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। लाडवा के बपदा गांव की रहने वाली डिंपल अपनी नवाचार और मेहनत से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। डिंपल ज्योति स्वयं सहायता समूह की प्रमुख हैं और जोत बत्ती निर्माण का कार्य करती हैं, जो पूजा-पाठ में इस्तेमाल होती है। उन्होंने सिर्फ जोत बत्ती बनाना ही नहीं सीखा, बल्कि इसकी मशीनें भी तैयार करना शुरू कर दिया है।
डिंपल ने बताया कि वह 2018 में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी थी और 2019 में उन्होंने जोत बत्ती बनाने का कार्य गांव स्तर से शुरू किया था। डिंपल की मेहनत और समर्पण ने इस कार्य को इतनी ऊंचाई दी है कि अब उनकी जोत बत्ती स्थानीय बाजार के साथ-साथ उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बाजार में भी सप्लाई होती है। यह केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि रोजगार का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। डिंपल के नेतृत्व में अब तक 50 से अधिक स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिल चुका है। यह कार्य डिंपल अपने पति जिले सिंह के सहयोग से कर रही है। अब डिंपल की सालाना आय करीब छह से आठ लाख रुपये तक पहुंच चुकी है। छह साल पहले उसने 50 हजार रुपये लगाकर यह काम शुरू किया था।
विज्ञापन
पीपीपी मॉडल पर महिलाओं को बना रहीं आत्मनिर्भर
डिंपल पीपीपी मॉडल (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल) के तहत भी महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं। इस मॉडल में वह महिलाओं को मशीन, कच्चा माल और प्रशिक्षण मुफ्त में देती हैं। फिर जब महिलाएं जोत बत्ती बनाकर तैयार करती हैं, तो तयशुदा दर पर उनसे वह उत्पाद खरीद लेती हैं। इससे हर महिला को सम्मानजनक आमदनी मिलती है और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
विज्ञापन
महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर की राह दिखाना ही समूह का उद्देश्य : नरेश
स्वयं सहायता समूह के जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि डिंपल की मेहनत और समर्पण का नतीजा है कि कारोबार की पहुंच दूसरे प्रदेशों तक पहुंचीं है। महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर की राह दिखाना ही समूह का उद्देश्य है।