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Kurukshetra News: स्वच्छ रैंकिंग में फिर पिछड़ी धर्मनगरी, टॉप टेन से कोसों दूर
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कुरुक्षेत्र। सीएम सिटी बनी धर्मनगरी ने देश के स्तर पर स्वच्छता की ओर पहले के मुकाबले मजबूत कदम बढ़ाए हैं। इस बाद केंद्र सरकार द्वारा घोषित किए गए स्वच्छ सर्वेक्षण के परिणाम में थानेसर नगर परिषद 221वीं रैंक पर आई है, जिसमें पिछले साल के मुकाबले 50 फीसदी से ज्यादा सुधार हुआ है। पिछले साल 414 रैंक थी वहीं प्रदेश स्तर पर भी टॉप टेन से कोसों दूर रही जबकि पांच कदम आगे जरूर बढ़ी है। प्रदेश में इस बार 23वें पायदान पर रही है जबकि पिछले वर्ष 28वीं रैंकिंग रही थी। अधिकारी पिछले वर्ष की बजाय सुधार होने पर खुशी जता रहे हैं, उनका कहना है कि स्वच्छता में यह सुधार आम जन के सहयोग से ही संभव हो सका है, वहीं टॉप टेन से कोसों दूर रहने पर मलाल भी है।
वीरवार को केंद्र सरकार की ओर से जारी रैंकिंग में ऑल इंडिया स्तर पर 50 हजार से तीन लाख आबादी श्रेणी में थानेसर नगर परिषद का यह प्रर्दशन रहा है। पिछले साल 203वीं रैंक मिली थी। प्रदेश स्तर पर नगर परिषद इस बार भी टॉप-10 में स्थान बनाने में तीन अंक पीछे ही रही है। वर्ष 2020 में थानेसर का ऑल इंडिया में 259 और हरियाणा में 16वीं रैंक था। करीब दो माह पहले ही स्वच्छ सर्वेक्षण हुआ था।
पिछले वर्ष रही थी सबसे दयनीय स्थिति
थानेसर नगर परिषद की स्वच्छ सर्वेक्षण में सबसे दयनीय स्थिति पिछले वर्ष रही थी, जहां राष्ट्रीय स्तर पर 414वीं रैंक तो प्रदेश में सबसे पीछे से दूसरे स्थान पर 28वीं रैंक रहा था, वहीं वर्ष 2019 में वर्ष 2018 के मुकाबले 53 अंक पिछड़ गया था। अप्रैल तक हुए सर्वेक्षण में 252 वीं रैंक देश में प्राप्त की थी और प्रदेश में 14वीं रैंक की थी। वर्ष 2018 में थानेसर को 199 रैंक मिली थी वहीं वर्ष 2017 में नप की रैंक 253 थी। 2020 में यह रैंकिंग 219 रही थी।
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सभी दावे धरे के धरे रह गए
स्वच्छ रैंकिंग में धर्मनगरी टॉप 10 में शुमार हो, इसके लिए प्रशासन की ओर से बड़े दावों व प्रयास किए जाते रहे लेकिन यह धरे के धरे रह गए, इसके लिए जिला उपायुक्त से लेकर हर प्रशासनिक अधिकारी फील्ड में उतरे थे और लगातार अभियान भी चलाए गए थे। उधर नगर परिषद के ईओ राजेश कुमार का कहना है कि अगले साल के लिए और कदम उठाए जाएंगे।
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वीरवार को केंद्र सरकार की ओर से जारी रैंकिंग में ऑल इंडिया स्तर पर 50 हजार से तीन लाख आबादी श्रेणी में थानेसर नगर परिषद का यह प्रर्दशन रहा है। पिछले साल 203वीं रैंक मिली थी। प्रदेश स्तर पर नगर परिषद इस बार भी टॉप-10 में स्थान बनाने में तीन अंक पीछे ही रही है। वर्ष 2020 में थानेसर का ऑल इंडिया में 259 और हरियाणा में 16वीं रैंक था। करीब दो माह पहले ही स्वच्छ सर्वेक्षण हुआ था।
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पिछले वर्ष रही थी सबसे दयनीय स्थिति
थानेसर नगर परिषद की स्वच्छ सर्वेक्षण में सबसे दयनीय स्थिति पिछले वर्ष रही थी, जहां राष्ट्रीय स्तर पर 414वीं रैंक तो प्रदेश में सबसे पीछे से दूसरे स्थान पर 28वीं रैंक रहा था, वहीं वर्ष 2019 में वर्ष 2018 के मुकाबले 53 अंक पिछड़ गया था। अप्रैल तक हुए सर्वेक्षण में 252 वीं रैंक देश में प्राप्त की थी और प्रदेश में 14वीं रैंक की थी। वर्ष 2018 में थानेसर को 199 रैंक मिली थी वहीं वर्ष 2017 में नप की रैंक 253 थी। 2020 में यह रैंकिंग 219 रही थी।
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सभी दावे धरे के धरे रह गए
स्वच्छ रैंकिंग में धर्मनगरी टॉप 10 में शुमार हो, इसके लिए प्रशासन की ओर से बड़े दावों व प्रयास किए जाते रहे लेकिन यह धरे के धरे रह गए, इसके लिए जिला उपायुक्त से लेकर हर प्रशासनिक अधिकारी फील्ड में उतरे थे और लगातार अभियान भी चलाए गए थे। उधर नगर परिषद के ईओ राजेश कुमार का कहना है कि अगले साल के लिए और कदम उठाए जाएंगे।