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काम्यकेश्वर तीर्थ में श्रद्धालुओं ने लगाई श्रद्धा की डुबकी
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काम्यकेश्वर तीर्थ में श्रद्धालुओं ने लगाई श्रद्धा की डुबकी
शिव मंदिर में श्रद्धालुओं ने दूध, दही, गंगाजल आदि चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कमोदा स्थित ऐतिहासिक काम्यकेश्वर तीर्थ में शुक्ल पक्ष की रविवारीय सप्तमी पर श्रद्धालुओं ने श्रद्धा की डुबकी लगाई। तीर्थ में स्थित शिव मंदिर में श्रद्धालुओं ने दूध, दही, गंगाजल आदि चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की। तीर्थ पर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ ब्राह्मणों ने विश्व शांति यज्ञ किया। यज्ञ के उपरांत भंडारे का आयोजन हुआ। उसमें साधु-महात्माओं और ग्रामीणों ने प्रसाद ग्रहण किया।
विश्व शांति यज्ञ में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष राजकुमार सैनी, जिला महामंत्री सुशील राणा व निवर्तमान थानेसर ब्लाक समिति चेयरमैन देवीदयाल शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूर्णाहुति डाली। केडीबी मानद सचिव ने कहा कि महाभारत कालीन काम्यकेश्वर तीर्थ पर शुक्ल पक्ष रविवारीय सप्तमी के दिन पूजन का विशेष महत्व है। पुराण में वर्णित है कि शुक्ल पक्ष की रविवारीय सप्तमी के दिन स्नान करने के लिए पाडवों ने काफी लंबा इतजार किया फिर भी उनको इस दिन स्नान करने का सौभाग्य नहीं मिला। इस पवित्र सरोवर में स्नान करने से असाध्य रोगों से मुक्ति व संतान प्राप्ति होती है। ग्रामीण सुमिंद्र शास्त्री ने बताया कि इस स्थान पर मात्र प्रवेश से ही मनुष्य मोक्ष की प्राप्ति कर पुण्य का भागी बनता है। ग्रामीण सुखदेव शर्मा ने बताया कि पांडवों के वंशज अपने पितरों की मुक्ति एवं मनोकामना के लिए शुक्ल सप्तमी का इंतजार करते रहे। रविवार को तीर्थ के पवित्र सरोवर पर सुबह श्रद्धालुओं ने स्नान किया और शिवलिंग पर अभिषेक किया। मंदिर में विश्व शांति यज्ञ में श्रद्धालुओं ने आहुतियां डाली। मंदिर परिसर में कई दुकानें भी लगी, जिस पर लोगों ने खरीदारी की। इस मौके जयराम आश्रम से सत्यवान ब्रह्मचारी, अधिवक्ता केके कौशिक, डीएवी पिहोवा के प्राचार्य कामदेव झा, डॉ. प्रवीण, लालचंद शर्मा, रामपाल शर्मा, पुजारी पवन शर्मा, चंद्रभान शर्मा व धर्मपाल सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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काम्यकेश्वर तीर्थ में श्रद्धालुओं ने लगाई श्रद्धा की डुबकी
शिव मंदिर में श्रद्धालुओं ने दूध, दही, गंगाजल आदि चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कमोदा स्थित ऐतिहासिक काम्यकेश्वर तीर्थ में शुक्ल पक्ष की रविवारीय सप्तमी पर श्रद्धालुओं ने श्रद्धा की डुबकी लगाई। तीर्थ में स्थित शिव मंदिर में श्रद्धालुओं ने दूध, दही, गंगाजल आदि चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की। तीर्थ पर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ ब्राह्मणों ने विश्व शांति यज्ञ किया। यज्ञ के उपरांत भंडारे का आयोजन हुआ। उसमें साधु-महात्माओं और ग्रामीणों ने प्रसाद ग्रहण किया।
विश्व शांति यज्ञ में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष राजकुमार सैनी, जिला महामंत्री सुशील राणा व निवर्तमान थानेसर ब्लाक समिति चेयरमैन देवीदयाल शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूर्णाहुति डाली। केडीबी मानद सचिव ने कहा कि महाभारत कालीन काम्यकेश्वर तीर्थ पर शुक्ल पक्ष रविवारीय सप्तमी के दिन पूजन का विशेष महत्व है। पुराण में वर्णित है कि शुक्ल पक्ष की रविवारीय सप्तमी के दिन स्नान करने के लिए पाडवों ने काफी लंबा इतजार किया फिर भी उनको इस दिन स्नान करने का सौभाग्य नहीं मिला। इस पवित्र सरोवर में स्नान करने से असाध्य रोगों से मुक्ति व संतान प्राप्ति होती है। ग्रामीण सुमिंद्र शास्त्री ने बताया कि इस स्थान पर मात्र प्रवेश से ही मनुष्य मोक्ष की प्राप्ति कर पुण्य का भागी बनता है। ग्रामीण सुखदेव शर्मा ने बताया कि पांडवों के वंशज अपने पितरों की मुक्ति एवं मनोकामना के लिए शुक्ल सप्तमी का इंतजार करते रहे। रविवार को तीर्थ के पवित्र सरोवर पर सुबह श्रद्धालुओं ने स्नान किया और शिवलिंग पर अभिषेक किया। मंदिर में विश्व शांति यज्ञ में श्रद्धालुओं ने आहुतियां डाली। मंदिर परिसर में कई दुकानें भी लगी, जिस पर लोगों ने खरीदारी की। इस मौके जयराम आश्रम से सत्यवान ब्रह्मचारी, अधिवक्ता केके कौशिक, डीएवी पिहोवा के प्राचार्य कामदेव झा, डॉ. प्रवीण, लालचंद शर्मा, रामपाल शर्मा, पुजारी पवन शर्मा, चंद्रभान शर्मा व धर्मपाल सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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