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कुरुक्षेत्र: ब्रह्मसरोवर तट पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
Tue, 21 Feb 2023 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 21 Feb 2023 01:25 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। सोमवती अमावस्या पर सोमवार की सुबह पवित्र ब्रह्मसरोवर में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई और पूजा अर्चना भी की। अमावस्या सोमवार को होने के चलते हजारों श्रद्धालु इस सुखद संयोग में भागीदार बनने के लिए उमड़ पड़े। शहर के धार्मिक और सामाजिक संस्थानों से जुड़े लोग भी ब्रह्मसरोवर पर व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत नजर आए।
उल्लेखनीय है कि दूर-दराज से श्रद्धालु सुबह ही ब्रह्मसरोवर तट पर पहुंचना शुरू हो गए थे। उन्होंने पहले स्नान किया और उसके बाद पूजा अर्चना की। ब्रह्मसरोवर के आसपास मेले जैसा माहौल बना रहा। इस दौरान बस अड्डे से लेकर रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई। श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ और यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर अलग से टिकट काउंटर की व्यवस्था की गई थी। यात्रियों की भीड़ के चलते आटो रिक्शा चालकों की चांदी रही। दुकानदारों के चेहरे पर उत्साह नजर आया।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या के दिन स्नान, दान और तर्पण का विशेष महत्व माना जाता है, जिसके चलते श्रद्धालुओं ने जहां सूर्य को जल अर्पित किया वहीं दान व पुण्य भी किया।
सोमवती अमावस्या पर बना शिव योग : कौशिक
गायत्री ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के संचालक पंडित रामराज कौशिक का कहना है कि इस साल की पहली सोमवती अमावस्या पर शिव योग बना। सोमवार का दिन भी भगवान शिव को समर्पित माना जाता है, ऐसे में इस बार फाल्गुन महीने की अमावस्या का महत्व और ज्यादा बढ़ जाता है। इस दिन पूजा-पाठ, दान और तर्पण का विशेष फल मिलता है। इस दिन भगवान भोलेनाथ की आराधना करने से घर में सुख-शांति आती है।
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कुरुक्षेत्र। सोमवती अमावस्या पर सोमवार की सुबह पवित्र ब्रह्मसरोवर में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई और पूजा अर्चना भी की। अमावस्या सोमवार को होने के चलते हजारों श्रद्धालु इस सुखद संयोग में भागीदार बनने के लिए उमड़ पड़े। शहर के धार्मिक और सामाजिक संस्थानों से जुड़े लोग भी ब्रह्मसरोवर पर व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत नजर आए।
उल्लेखनीय है कि दूर-दराज से श्रद्धालु सुबह ही ब्रह्मसरोवर तट पर पहुंचना शुरू हो गए थे। उन्होंने पहले स्नान किया और उसके बाद पूजा अर्चना की। ब्रह्मसरोवर के आसपास मेले जैसा माहौल बना रहा। इस दौरान बस अड्डे से लेकर रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई। श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ और यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर अलग से टिकट काउंटर की व्यवस्था की गई थी। यात्रियों की भीड़ के चलते आटो रिक्शा चालकों की चांदी रही। दुकानदारों के चेहरे पर उत्साह नजर आया।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या के दिन स्नान, दान और तर्पण का विशेष महत्व माना जाता है, जिसके चलते श्रद्धालुओं ने जहां सूर्य को जल अर्पित किया वहीं दान व पुण्य भी किया।
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सोमवती अमावस्या पर बना शिव योग : कौशिक
गायत्री ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के संचालक पंडित रामराज कौशिक का कहना है कि इस साल की पहली सोमवती अमावस्या पर शिव योग बना। सोमवार का दिन भी भगवान शिव को समर्पित माना जाता है, ऐसे में इस बार फाल्गुन महीने की अमावस्या का महत्व और ज्यादा बढ़ जाता है। इस दिन पूजा-पाठ, दान और तर्पण का विशेष फल मिलता है। इस दिन भगवान भोलेनाथ की आराधना करने से घर में सुख-शांति आती है।
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