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Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Prisoner cut his vein in Jail

जेल में बंद कैदी ने काटी नस

Sat, 20 Jun 2015 12:44 AM IST
कुरुक्ष्ाेत्र/अमर उजाला ब्यूूरो
कुरुक्ष्ाेत्र/अमर उजाला ब्यूूरो Updated Sat, 20 Jun 2015 12:44 AM IST
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जिला कारागार में हत्या के प्रयास के मामले में बंद एक विचाराधीन बंदी ने हाथ की नस काटकर आत्महत्या करने का प्रयास किया।
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लेकिन, उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जेल प्रशासन ने पहले जेल अस्पताल में उपचार कराया और उसके बाद उसे एलएनजेपी में रैफर कर दिया। बंदी ने जेल में ही तैनात एक अधिकारी की शह पर जेल कर्मियों पर उसके साथ बर्बरतापूर्ण ढंग से न केवल मारपीट करने बल्कि उसके कपड़े उतार कर उसे बेइज्जत करने का आरोप लगाया है।

थाना शहर पुलिस ने बंदी के खिलाफ आत्महत्या का प्रयास करने का मामला दर्ज कर लिया है, साथ ही घायल बंदी द्वारा दी गई शिकायत पर जांच आरंभ कर दी है। वहीं, जेल अधीक्षक ने इस पूरे मामले की जांच जेल उपाधीक्षक को सौंप कर दो दिन के भीतर रिपोर्ट देने की बात कही है।  
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कुरुक्षेत्र जिला कारागार में शुक्रवार को सुबह उस समय हंगामा मच गया जब जेल की बैरक नंबर 4 की एक में रह रहे विचाराधीन बंदी शिवम निवासी पिहोवा ने अपने हाथ की नस किसी तेजधार हथियार से काट ली।
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अन्य बंदियों द्वारा शोर मचाने पर वहां हंगामा मच गया और जेल प्रशासन ने आनन फानन में उसे जेल अस्पताल में दाखिल कराया और उसके बाद उसे एलएनजेपी अस्पताल में दाखिल कराया।


हवालाती पिहोवा वासी शिवम  अस्पताल में दाखिल शिवम ने बताया कि वह बैरक में अपने तीन अन्य साथियों के साथ मौजूद था। इसी दौरान उनकी बैरक में एक और बंदी खुद को जेल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट का रिश्तेदार बताकर उस पर रौब झाड़ने लगा।

इस पर उसके साथी बंदी ने उसे वहां से जाने को कहा, लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद कहासुनी हुई तो उसने चार जेल पुलिस कर्मियों तथा दो अन्य को बुलाकर उसे पिटवाना शुरू कर दिया। उसने आरोप लगाया कि चक्कर के पास पुलिस कर्मियों तथा अन्य ने मिलकर बृहस्पतिवार को उसे शाम 4:30 बजे से 6 बजे तक लगातार बुरी तरह पीटा।

पीड़ित हवालाती ने कहा कि पुलिस कर्मियों ने उसकी क्षतिग्रस्त टांग पर बार-बार प्रहार किया और दयनीय स्थिति में पहुंचा
दिया। पीड़ित के अनुसार जब उसने बृहस्पतिवार की रात पुलिस कर्मियों को मेडिकल बनवाने बारे कहा तो कर्मियों ने फिर मारपीट शुरू कर दी और लगातार जान से मारने की धमकी भी देते रहे।

उसने आरोप लगाया कि शुक्रवार सुबह उसे दर्द हुआ तो उसने जेल पुलिस कर्मियों से डॉक्टरी इलाज के लिए कहा। इस पर कर्मियों ने फिर उसे थप्पड़ मारने शुरू कर दिए। शिवम ने आरोप लगाया कि जेल कर्मियों ने उसके कपड़े भी निकलवा दिए और उसके बाद मारपीट की।
जेल प्रशासन और पुलिस कर्मियों की इसी बर्बरतापूर्ण कार्यप्रणाली से तंग आकर उसने आत्महत्या करने का मन बना लिया
और परेशान होकर सुबह करीब साढ़े 10 बजे उसने अपने बाएं हाथ की नस काट ली।

ये कहती हैं डाक्टर
एलएनजेपी अस्पताल में हवालाती का इलाज कर रही डा. रूपाली ने बताया कि उसके हाथ व पांव सहित अन्य जगहों पर चोटें लगी हैं। बाएं हाथ की नस नुकीली चीज से काटी गई है, अब स्थिति नियंत्रण में है।  

डिप्टी सुपरिंटेंडेंट नहीं चाहती थी जेल में हो इलाज हवालाती शिवम ने आरोप लगाया कि उसे जेल डिप्टी सुपरिंटेंडेंट के इशारे पर ही
पिटवाया गया है। आरोप लगाया कि वह नहीं चाहती थी कि इलाज के लिए उसे बाहर अस्पताल में ले जाया जाए। इसीलिए वह बार-बार कहती रही कि इस हवालाती का यहीं इलाज कर दो, बाहर मत लेकर जाओ।

मारपीट करने वाले पुलिस कर्मी हों सस्पेंड
हवालाती शिवम के मामा सेक्टर-13 वासी केके शर्मा ने कहा कि उनके भांजे के साथ जिन पुलिस कर्मियों ने मारपीट की है, वे तुरंत प्रभाव से सस्पेंड होने चाहिए।  यदि ऐसा नहीं होता तो वे प्रशासन के विरोध में आगे आएंगे और न्याय के लिए आवाज बुलंद करेंगे।
ये है जेल प्रशासन का कहना

जेल अधीक्षक सोमनाथ जगत ने बताया कि बृहस्पतिवार को हत्या समेत कई अन्य संगीन मामलों में जेल में बंद भोला निवासी पानीपत व शिवम अत्री निवासी पिहोवा के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी।

इस मामले में डीएसपी जेल बिमला देवी ने दोनों को बिठाकर समझा-बुझाकर मामले को निपटाया और दोनो ने राजीनामा भी लिखा। साथ ही सुरक्षा के लिहाज से दोनों बंदियों को अलग-अलग बैरक में रखा।

उन्होंने बताया कि सुबह होने पर जब दोनो बंदी एक बार फिर एकत्रित हुए तो दोनो में फिर झगड़ा हो गया। इस झगड़े में शिवम अत्री ने अपनी बाजू की नस काट ली।

दबाव बनाने का करते हैं प्रयास
जेल अधीक्षक जगत का कहना है कि एलएनजेपी अस्पताल में बंदी ने एक डीएसपी जेल पर निराधार आरोप लगाए हैं। इन आरोपों में रत्तीभर भी सच्चाई नहीं है। इस बंदी ने किसी के बहकावे में आकर और प्रशासन पर अनावश्यक दबाव बनाने के लिए ही निराधार आरोप लगाए हैं।


‘जेल प्रशासन की ओर से एक विचाराधीन बंदी शिवम द्वारा आत्महत्या के प्रयास करने के मामले की शिकायत मिली है। उसके खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। उसने भी जेल में उसके साथ जेल उपाधीक्षक की शह

पर जेल कर्मियों द्वारा मारपीट के आरोप लगाए हैं। इस की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।’
इंस्पेक्टर रामकुमार, एसएचओ, थाना शहर, कुरुक्षेत्र।



‘जेल में बंद विचाराधीन बंदी द्वारा जेल उपाधीक्षक व अन्य कर्मियों पर मारपीट के आरोप लगाने के मामले की जांच डीएसपी जेल रामनिवास को सौंपी है। उन्हें  रिपोर्ट दो दिन के भीतर सौंपने के आदेश दिए हैं। इस रिपोर्ट के बाद जो भी अधिकारी, कर्मचारी दोषी पाया गया, उसके खिलाफ कानूनी और विभागी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही पूरे मामले के बारे में जेल महानिदेशक परमिंदर राय को भी अवगत कराया गया है।’
सोमनाथ जगत, जेल अधीक्षक, कुरुक्षेत्र जिला कारागार।
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