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हरदेव हत्याकांड में पत्नी व प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा
Updated Tue, 28 Aug 2018 12:48 AM IST
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हरदेव हत्याकांड में पत्नी व प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा
- 26 मार्च 2016 को मृतक की पत्नी के प्रेमी ने दिया था वारदात को अंजाम
- हरदेव को खुद मोटरसाइकिल पर बैठा कर ले गया था नहर किनारे, फिर किया हमला
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। 26 मार्च 2016 के हरदेव हत्याकांड में अदालत ने मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन्हें 20 हजार रुपये जुर्माना भी भरना होगा, जिसके न देने पर डेढ़ वर्ष अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
उप न्यायवादी गोपाल कुमार ने बताया कि 17 मार्च 2016 को करतार सिंह वासी गांव नलवी ने थाना शाहाबाद में अपने भतीजे हरदेव सिंह (32) की गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाया था। जांच में खुलासा हुआ था कि हरदेव सिंह की हत्या उसकी पत्नी और प्रेमी ने मिलकर की थी। प्रेमी ने तेजधार हथियार से हत्या के बाद शव नहर में फेंक दिया था। 31 मार्च 2016 को हरदेव का शव ज्योतिसर नहर में मिला था। पुलिस ने आरोपी लखविंद्र उर्फ लखी और हरदेव की पत्नी को गिरफ्तार कर लिया था। लखबीर को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था जबकि पत्नी को अदालत में पेश किया गया। उन्होंने बताया कि हत्या की इस साजिश में पत्नी व प्रेमी गांव के अमरीक सिंह को फंसाना चाहते थे। उन्होंने अमरीक सिंह के खिलाफ हरवेदके अपरहण की शिकायत दर्ज करवा दी थी। पुलिस के अनुसार हरदेव की पत्नी के अमरीक सिंह के साथ भी नाजायज संबंध थे और इस बात का हरदेव को भी पता लग चुका था।
थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया था कि 26 मार्च 2016 को रात 8 बजे अरोपी लखबीर सिंह उर्फ लखी हरदेव सिंह को बाइक पर यह कह कर बैठा कर ले गया कि आज अमरीक सिंह के साथ मारपीट करेंगे तथा अमरीक सिंह डल्ला माजरा नहर पर घोड़ा पुलिया के पास मिलेगा। हरदेव लखबीर के साथ नहर के पास पहुंच गया। इसी बीच लखबीर सिंह ने तेजधार हथियार से पीछे से हरदेव सिंह पर 17 वार किए जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद लखबीर सिंह ने शव नहर में फेंक दिया। रिमांड के दौरान आरोपियों से मोबाइल फोन बरामद किए गए। मामला न्यायाधीश डॉ. गगनदीप कौर एएसजे की अदालत में विचाराधीन था।
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पत्नी को दी थी सूचना
थाना प्रभारी राजेश कुमार के अनुसार 16 मार्च के दिन भी पत्नी व उसके प्रेमी के बीच फोन पर काफी बातचीत हुई थी और उसी दिन हरदेव को रास्ते से हटाने का षड्यंत्र रचा गया था। 26 मार्च को रात 8 बजे हरदेव सिंह के घर से बाहर निकलने की सूचना भी पत्नी ने अपने प्रेमी लखबीर को फोन पर दी थी।
प्रेमिका को दिया था सिम
थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि लखबीर ने अपनी आईडी पर ही हरदेव की पत्नी को मोबाइल व सिम लेकर दिया था। दोनों में अकसर बातचीत होती थी। इसी के तहत हरदेव को रास्ते से हटाने का षड्यंत्र रचा गया था।
अमरीक सिंह को फंसाना चाहते थे
पुलिस के अनुसार पत्नी व प्रेमी हत्या में अमरीक सिंह को फंसाना चाहते थे। इसी के तहत अमरीक सिंह पर हरदेव को अगवा करने का मामला दर्ज कराया। लेकिन पुलिस ने मामले का पटाक्षेप कर दोनों आरोपियों को पकड़ कर चालान अदालत में पेश किया था।
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- 26 मार्च 2016 को मृतक की पत्नी के प्रेमी ने दिया था वारदात को अंजाम
- हरदेव को खुद मोटरसाइकिल पर बैठा कर ले गया था नहर किनारे, फिर किया हमला
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। 26 मार्च 2016 के हरदेव हत्याकांड में अदालत ने मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन्हें 20 हजार रुपये जुर्माना भी भरना होगा, जिसके न देने पर डेढ़ वर्ष अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
उप न्यायवादी गोपाल कुमार ने बताया कि 17 मार्च 2016 को करतार सिंह वासी गांव नलवी ने थाना शाहाबाद में अपने भतीजे हरदेव सिंह (32) की गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाया था। जांच में खुलासा हुआ था कि हरदेव सिंह की हत्या उसकी पत्नी और प्रेमी ने मिलकर की थी। प्रेमी ने तेजधार हथियार से हत्या के बाद शव नहर में फेंक दिया था। 31 मार्च 2016 को हरदेव का शव ज्योतिसर नहर में मिला था। पुलिस ने आरोपी लखविंद्र उर्फ लखी और हरदेव की पत्नी को गिरफ्तार कर लिया था। लखबीर को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था जबकि पत्नी को अदालत में पेश किया गया। उन्होंने बताया कि हत्या की इस साजिश में पत्नी व प्रेमी गांव के अमरीक सिंह को फंसाना चाहते थे। उन्होंने अमरीक सिंह के खिलाफ हरवेदके अपरहण की शिकायत दर्ज करवा दी थी। पुलिस के अनुसार हरदेव की पत्नी के अमरीक सिंह के साथ भी नाजायज संबंध थे और इस बात का हरदेव को भी पता लग चुका था।
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थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया था कि 26 मार्च 2016 को रात 8 बजे अरोपी लखबीर सिंह उर्फ लखी हरदेव सिंह को बाइक पर यह कह कर बैठा कर ले गया कि आज अमरीक सिंह के साथ मारपीट करेंगे तथा अमरीक सिंह डल्ला माजरा नहर पर घोड़ा पुलिया के पास मिलेगा। हरदेव लखबीर के साथ नहर के पास पहुंच गया। इसी बीच लखबीर सिंह ने तेजधार हथियार से पीछे से हरदेव सिंह पर 17 वार किए जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद लखबीर सिंह ने शव नहर में फेंक दिया। रिमांड के दौरान आरोपियों से मोबाइल फोन बरामद किए गए। मामला न्यायाधीश डॉ. गगनदीप कौर एएसजे की अदालत में विचाराधीन था।
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पत्नी को दी थी सूचना
थाना प्रभारी राजेश कुमार के अनुसार 16 मार्च के दिन भी पत्नी व उसके प्रेमी के बीच फोन पर काफी बातचीत हुई थी और उसी दिन हरदेव को रास्ते से हटाने का षड्यंत्र रचा गया था। 26 मार्च को रात 8 बजे हरदेव सिंह के घर से बाहर निकलने की सूचना भी पत्नी ने अपने प्रेमी लखबीर को फोन पर दी थी।
प्रेमिका को दिया था सिम
थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि लखबीर ने अपनी आईडी पर ही हरदेव की पत्नी को मोबाइल व सिम लेकर दिया था। दोनों में अकसर बातचीत होती थी। इसी के तहत हरदेव को रास्ते से हटाने का षड्यंत्र रचा गया था।
अमरीक सिंह को फंसाना चाहते थे
पुलिस के अनुसार पत्नी व प्रेमी हत्या में अमरीक सिंह को फंसाना चाहते थे। इसी के तहत अमरीक सिंह पर हरदेव को अगवा करने का मामला दर्ज कराया। लेकिन पुलिस ने मामले का पटाक्षेप कर दोनों आरोपियों को पकड़ कर चालान अदालत में पेश किया था।