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छत पर खेलता बच्चा करंट की चपेट में आया, हवलदार सुरेंद्र कुमार ने बचाई जान
Updated Fri, 08 Jun 2018 01:04 AM IST
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छत पर खेल रहा बच्चा करंट की चपेट में आया, हवलदार ने बचाई जान
अमर उजला ब्यूरो
इस्माईलाबाद। गांव सलपानी में पुलिस के हवलदार सुरेंद्र कुमार व एसएचओ भीमराज की सतर्कता से एक बच्चे की जान बच गई। अगर घटना के वक्त थोड़ी सी भी चूक या देरी होती तो बच्चे को कुछ भी हो सकता था। जानकारी के अनुसार गांव सलपानी कलां में बावरियां गिरोह द्वारा गांव पिंडारसी में घायल कुलदीप सिंह की इलाज के दौरान मौत के बाद गांव सलपानी कलां में कुलदीप का संस्कार करने के लिए शव को लेकर पुलिस गांव में पहुंची थी। गांव के लोग अंतिम संस्कार में गए थे। उसी समय 10 वर्षीय हरप्रीत सिंह घर की छत पर खेलते समय छत के ऊपर से गुजर रहे तारों की चपेट में आ गया। एक बुजुर्ग महिला ने उसे देख और चिल्लाने लगी। वहां पर खड़े हवलदार सुरेंद्र कुमार ने शोर सुनकर गांव में सप्लाई देने वाले टांसफार्मर की लाइन काट दी और बच्चे को तारों से अलग किया। उसके बाद सुरेंद्र ने थाना प्रभारी भीमराज को फोन किया। एसएचओ भीमराज जिस एंबुलेंस में कुलदीप का शव लेकर आए थे उसी से बच्चे को अस्पताल पहुंचाया। डाक्टरों ने बच्चे का इलाज कर जान बचा ली। पुलिस की तत्परता से बच्चे की जान बच गई। पुलिस की चौकसी की चर्चा गांव में हो रही है ग्रामीण ने मांग की कि हवलदार को पुलिस प्रशासन सम्मानित करे, ताकि अन्य पुलिस कर्मी भी इससे प्रेरित हो सकें।
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अमर उजला ब्यूरो
इस्माईलाबाद। गांव सलपानी में पुलिस के हवलदार सुरेंद्र कुमार व एसएचओ भीमराज की सतर्कता से एक बच्चे की जान बच गई। अगर घटना के वक्त थोड़ी सी भी चूक या देरी होती तो बच्चे को कुछ भी हो सकता था। जानकारी के अनुसार गांव सलपानी कलां में बावरियां गिरोह द्वारा गांव पिंडारसी में घायल कुलदीप सिंह की इलाज के दौरान मौत के बाद गांव सलपानी कलां में कुलदीप का संस्कार करने के लिए शव को लेकर पुलिस गांव में पहुंची थी। गांव के लोग अंतिम संस्कार में गए थे। उसी समय 10 वर्षीय हरप्रीत सिंह घर की छत पर खेलते समय छत के ऊपर से गुजर रहे तारों की चपेट में आ गया। एक बुजुर्ग महिला ने उसे देख और चिल्लाने लगी। वहां पर खड़े हवलदार सुरेंद्र कुमार ने शोर सुनकर गांव में सप्लाई देने वाले टांसफार्मर की लाइन काट दी और बच्चे को तारों से अलग किया। उसके बाद सुरेंद्र ने थाना प्रभारी भीमराज को फोन किया। एसएचओ भीमराज जिस एंबुलेंस में कुलदीप का शव लेकर आए थे उसी से बच्चे को अस्पताल पहुंचाया। डाक्टरों ने बच्चे का इलाज कर जान बचा ली। पुलिस की तत्परता से बच्चे की जान बच गई। पुलिस की चौकसी की चर्चा गांव में हो रही है ग्रामीण ने मांग की कि हवलदार को पुलिस प्रशासन सम्मानित करे, ताकि अन्य पुलिस कर्मी भी इससे प्रेरित हो सकें।