{"_id":"5c15544ebdec2253995cbcfc","slug":"151544901710-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रक चालक की हत्या के दो दोषियों को आजीवन कारावास","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ट्रक चालक की हत्या के दो दोषियों को आजीवन कारावास
Updated Sun, 16 Dec 2018 12:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। जून 2015 में बाबैन थाना के अंतर्गत गांव सोंटी वासी चालक की हत्या करने के दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।
वरिष्ठ जिला उपन्यायवादी मेनपाल ने बताया कि 20 जून 2015 को गांव सोंटी वासी जगतार सिंह ने पुलिस थाना में शिकायत में बताया था कि उसके छोटा भाई राजेंद्र ने अपने पास ट्रक रखा हुआ है। ट्रक पर राजेंद्र व असम वासी परिचालक स्केश्चर पंचकूला से ट्रक में सामान भरकर कोलकाता के लिए पंचकूला से शाम के समय रवाना हुए थे। इसी बीच उन्होंने रात को अपने घर रुकने का मन बनाया। चालक राजेंद्र ट्रक लेकर साहाबराड़ा के रास्ते गांव की ओर आ रहा था। इसी बीच रास्ते में दो बाइक सवार युवकों ने उन्हें रोक लिया। एक युवक ट्रक में बैठ गया। दूसरे युवक ने उसके भाई राजेंद्र को अपनी बाइक पर बैठा लिया और उसको अज्ञात जगह ले गए। काफी देर तक चालक राजेंद्र ट्रक के पास नहीं पहुंचा। तलाशी के दौरान गांव माजरा में हरिसिंह के खेतों में राजेंद्र का शव मिला। पुलिस ने अज्ञात पर धारा 302 सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच सीआईए-2 पुलिस को सौंपी गई। टीम ने छापेमारी कर हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले गांव खेड़ा मार्केट लाडवा वासी रुस्तम, शाहाबाद के गांव साहबगंज वासी राम दास को काबू किया था। आरोपियों ने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया था। सुनवाई अतिरिक्त न्यायाधीश राकेश सिंह की अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास व एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। जून 2015 में बाबैन थाना के अंतर्गत गांव सोंटी वासी चालक की हत्या करने के दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।
वरिष्ठ जिला उपन्यायवादी मेनपाल ने बताया कि 20 जून 2015 को गांव सोंटी वासी जगतार सिंह ने पुलिस थाना में शिकायत में बताया था कि उसके छोटा भाई राजेंद्र ने अपने पास ट्रक रखा हुआ है। ट्रक पर राजेंद्र व असम वासी परिचालक स्केश्चर पंचकूला से ट्रक में सामान भरकर कोलकाता के लिए पंचकूला से शाम के समय रवाना हुए थे। इसी बीच उन्होंने रात को अपने घर रुकने का मन बनाया। चालक राजेंद्र ट्रक लेकर साहाबराड़ा के रास्ते गांव की ओर आ रहा था। इसी बीच रास्ते में दो बाइक सवार युवकों ने उन्हें रोक लिया। एक युवक ट्रक में बैठ गया। दूसरे युवक ने उसके भाई राजेंद्र को अपनी बाइक पर बैठा लिया और उसको अज्ञात जगह ले गए। काफी देर तक चालक राजेंद्र ट्रक के पास नहीं पहुंचा। तलाशी के दौरान गांव माजरा में हरिसिंह के खेतों में राजेंद्र का शव मिला। पुलिस ने अज्ञात पर धारा 302 सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच सीआईए-2 पुलिस को सौंपी गई। टीम ने छापेमारी कर हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले गांव खेड़ा मार्केट लाडवा वासी रुस्तम, शाहाबाद के गांव साहबगंज वासी राम दास को काबू किया था। आरोपियों ने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया था। सुनवाई अतिरिक्त न्यायाधीश राकेश सिंह की अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास व एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी।
विज्ञापन