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Kurukshetra News: अदालत ने ट्रांसफार्मर चोरी के दो मामलों में आरोपियों को दी जमानत
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कुरुक्षेत्र। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 379 के तहत दर्ज दो अलग-अलग मामलों में आवेदकों नरवीर पुरी और नीरज उर्फ गोडू को नियमित जमानत अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार की विशेष अदालत ने प्रदान की है। दोनों मामले थाना शाहाबाद में 25 केवीए ट्रांसफार्मर से कथित सामान चोरी से संबंधित हैं।
पहले मामले में जिला रेवाड़ी के कोसली गांव के नरवीर पुरी के खिलाफ शिकायतकर्ता खरिंदवा गांव के चेतन सिंह ने 14 फरवरी को अपने खेत से 25 केवीए ट्रांसफार्मर से सामान चोरी का आरोप लगाया था। इसके आधार पर थाना शाहाबाद में 19 फरवरी को मुकदमा दर्ज करके गिरफ्तार किया गया था और वह तब से न्यायिक हिरासत में था।
दूसरे मामले में नरवीर के गांव के ही 25 वर्षीय नीरज उर्फ गोडू के खिलाफ उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) के सब-डिवीजन शाहाबाद के एसडीओ की शिकायत पर 29 दिसंबर 2024 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शिकायत के अनुसार पडलू गांव के मोहिंदर सिंह के नाम पर बिजली कनेक्शन से खेत में लगे 25 केवीए ट्रांसफॉर्मर से सामान की चोरी हुई थी। नीरज को 29 फरवरी को गिरफ्तार किया गया और वह तब से न्यायिक हिरासत में था। दोनों आवेदकों के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि नरवीर व नीरज को झूठे मामले में फंसाया गया है। उन्होंने दावा किया कि प्राथमिकी अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज की गई थी और दोनों आरोपियों का नाम इसमें शामिल नहीं था। अभियोजन पक्ष कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका और न ही दोनों से कोई चोरी की सामग्री बरामद हुई। कोई विश्वसनीय साक्ष्य इन्हें अपराध से नहीं जोड़ता है। अधिवक्ता ने यह भी दावा किया कि पुलिस ने अपनी छवि बचाने के लिए दोनों पर झूठा आरोप लगाया है।
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दोनों मामलों में राज्य के लोक अभियोजक हरदर नवेत ने जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए तर्क दिया कि आवेदक अपराधों में शामिल हैं और जमानत दिए जाने पर साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ या गवाहों को धमकाने की संभावना है। अभियोजन ने यह भी दावा किया कि दोनों आवेदकों के खिलाफ अन्य आपराधिक मामले लंबित हैं, जो उनकी आपराधिक प्रवृत्ति को दर्शाते हैं।
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पहले मामले में जिला रेवाड़ी के कोसली गांव के नरवीर पुरी के खिलाफ शिकायतकर्ता खरिंदवा गांव के चेतन सिंह ने 14 फरवरी को अपने खेत से 25 केवीए ट्रांसफार्मर से सामान चोरी का आरोप लगाया था। इसके आधार पर थाना शाहाबाद में 19 फरवरी को मुकदमा दर्ज करके गिरफ्तार किया गया था और वह तब से न्यायिक हिरासत में था।
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दूसरे मामले में नरवीर के गांव के ही 25 वर्षीय नीरज उर्फ गोडू के खिलाफ उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) के सब-डिवीजन शाहाबाद के एसडीओ की शिकायत पर 29 दिसंबर 2024 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शिकायत के अनुसार पडलू गांव के मोहिंदर सिंह के नाम पर बिजली कनेक्शन से खेत में लगे 25 केवीए ट्रांसफॉर्मर से सामान की चोरी हुई थी। नीरज को 29 फरवरी को गिरफ्तार किया गया और वह तब से न्यायिक हिरासत में था। दोनों आवेदकों के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि नरवीर व नीरज को झूठे मामले में फंसाया गया है। उन्होंने दावा किया कि प्राथमिकी अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज की गई थी और दोनों आरोपियों का नाम इसमें शामिल नहीं था। अभियोजन पक्ष कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका और न ही दोनों से कोई चोरी की सामग्री बरामद हुई। कोई विश्वसनीय साक्ष्य इन्हें अपराध से नहीं जोड़ता है। अधिवक्ता ने यह भी दावा किया कि पुलिस ने अपनी छवि बचाने के लिए दोनों पर झूठा आरोप लगाया है।
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दोनों मामलों में राज्य के लोक अभियोजक हरदर नवेत ने जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए तर्क दिया कि आवेदक अपराधों में शामिल हैं और जमानत दिए जाने पर साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ या गवाहों को धमकाने की संभावना है। अभियोजन ने यह भी दावा किया कि दोनों आवेदकों के खिलाफ अन्य आपराधिक मामले लंबित हैं, जो उनकी आपराधिक प्रवृत्ति को दर्शाते हैं।