{"_id":"60ef3cba8ebc3ec7f066b34b","slug":"college-of-architect-of-panjab-university-to-prepare-the-design-of-river-front-kurukshetra-news-knl765019149","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिवर फ्रंट का डिजाइन तैयार करेगा पंजाब विश्वविद्यालय का वास्तुकार कॉलेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिवर फ्रंट का डिजाइन तैयार करेगा पंजाब विश्वविद्यालय का वास्तुकार कॉलेज
विज्ञापन
जिस जगह से हजारों वर्ष पूर्व सरस्वती नदी बहती थी उसी स्थल पर पिपली सरस्वती चैनल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस सरस्वती चैनल को रिवर फ्रंट का स्वरूप दिया जाएगा। इस रिवर फ्रंट का डिजाइन तैयार करने का जिम्मा बोर्ड की तरफ से पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के वास्तुकार कॉलेज को सौंपा गया है। इस कॉलेज की टीम ने पिपली सरस्वती चैनल स्थल का निरीक्षण भी किया है। इस रिवर फ्रंट का डिजाइन तैयार होने के बाद प्रोजेक्ट के कार्य को तेजी के साथ शुरू किया जाएगा। इसे लेकर बुधवार को हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती चैनल स्थल पर वास्तुकार कॉलेज की टीम के सदस्यों के साथ चर्चा कर रहे थे।
इससे पहले बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमच, पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के वास्तुकार कॉलेज की टीम के सदस्य सहायक प्रो. डॉ. गरिमा, सहायक प्रो. डॉ. घनश्याम, सहायक प्रो. डॉ. विजय, जिला वन अधिकारी रविंद्र धनखड़, सिंचाई विभाग के एसडीओ डॉ. जितेंद्र ने स्थल का निरीक्षण किया। धुम्मन सिंह किरमिच ने कहा कि पर्यटन और धर्मस्थली कुरुक्षेत्र के प्रवेश द्वार पिपली को भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बोर्ड ने तैयार की है। इस योजना के अनुसार जिस जगह से हजारों वर्ष पूर्व सरस्वती नदी बहती थी, आज उसी स्थल पर पिपली सरस्वती चैनल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार की तरफ से इस कार्य के लिए बजट भी तय किया गया है।
इस स्थल का अभी हाल में ही पर्यटन मंत्री कंवर पाल ने भी निरीक्षण किया था। उन्होंने कहा कि बोर्ड की तरफ से सरस्वती चैनल की बरसातों से पहले पूरी तरह सफाई करवा दी गई थी। पिछले दो दिन से हो रही बारिश का पानी सरस्वती चैनल में सुचारु रूप से चल रहा है। इसके लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सरस्वती चैनल पर निरंतर नजर रखने के भी आदेश दिए गए हैं, ताकि ज्यादा बारिश आने के बाद लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इस सरस्वती चैनल की निरंतर सफाई करवाने के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। बारिश के समय में भी अगर चैनल में पानी निकासी में कोई रुकावट आती है तो उसे तुरंत दूर करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इससे पहले बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमच, पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के वास्तुकार कॉलेज की टीम के सदस्य सहायक प्रो. डॉ. गरिमा, सहायक प्रो. डॉ. घनश्याम, सहायक प्रो. डॉ. विजय, जिला वन अधिकारी रविंद्र धनखड़, सिंचाई विभाग के एसडीओ डॉ. जितेंद्र ने स्थल का निरीक्षण किया। धुम्मन सिंह किरमिच ने कहा कि पर्यटन और धर्मस्थली कुरुक्षेत्र के प्रवेश द्वार पिपली को भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बोर्ड ने तैयार की है। इस योजना के अनुसार जिस जगह से हजारों वर्ष पूर्व सरस्वती नदी बहती थी, आज उसी स्थल पर पिपली सरस्वती चैनल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार की तरफ से इस कार्य के लिए बजट भी तय किया गया है।
विज्ञापन
इस स्थल का अभी हाल में ही पर्यटन मंत्री कंवर पाल ने भी निरीक्षण किया था। उन्होंने कहा कि बोर्ड की तरफ से सरस्वती चैनल की बरसातों से पहले पूरी तरह सफाई करवा दी गई थी। पिछले दो दिन से हो रही बारिश का पानी सरस्वती चैनल में सुचारु रूप से चल रहा है। इसके लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सरस्वती चैनल पर निरंतर नजर रखने के भी आदेश दिए गए हैं, ताकि ज्यादा बारिश आने के बाद लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इस सरस्वती चैनल की निरंतर सफाई करवाने के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। बारिश के समय में भी अगर चैनल में पानी निकासी में कोई रुकावट आती है तो उसे तुरंत दूर करेंगे।
विज्ञापन