{"_id":"5e8f6f4a8ebc3e6fa621898a","slug":"civic-senitizer-people-villege-kurukshetra-news-knl27559229","type":"story","status":"publish","title_hn":"जुगाड़ू सेनिटाइजर सिस्टम से गुजरने के बाद होगा गांव किशनपुरा में प्रवेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जुगाड़ू सेनिटाइजर सिस्टम से गुजरने के बाद होगा गांव किशनपुरा में प्रवेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना वायरस से बचाव को लेकर विश्वभर में तरह-तरह की तकनीकों को तैयार किया जा रहा है। वहीं कुरुक्षेत्र के गांव किशनपुरा की ग्राम पंचायत ने कोरोना से गांव को बचाने के लिए एक जुगाड़ू ऑटोमेटिक सैनिटाइजर सिस्टम तैयार किया गया है। यदि किसी भी बाहरी व्यक्ति या गांव के ही किसी व्यक्ति को गांव में प्रवेश करना हो तो पहले उसे इस जुगाडू ऑटोमेटिक सैनिटाइजर सिस्टम में से होकर गुजरना होगा। इस सिस्टम में लगे फव्वारे इसमें से गुजरने वाले व्यक्ति को अच्छे से सेनिटाइज करेंगे, जिसके बाद वह व्यक्ति निश्चित होकर गांव में प्रवेश कर सकता है। ये जानकारी गांव के सरपंच संजीव सैनी ने दी।
उन्होंने कहा कि इस ऑटोमेटिक सैनिटाइजर सिस्टम को गांव में आ रही मुख्य सड़क पर स्थापित किया गया है और बाकी सभी रास्तों को पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस ऑटोमैटिक सिस्टम का विचार गांव के ही एक युवक सुखविंद्र सिंह को आया था। सुखविंद्र सिंह आरओ का कार्य करता है और वह सैनिटाजेशन के लिए कई प्रकार की तकनीकों को भी इजाद करता रहता है। सुखविंद्र ने ये विचार उनके साथ सांझा किया तो ग्राम पंचायत ने इसे मंजूरी दे दी। इस जुगाडू ऑटोमेटिक सैनिटाइजर सिस्टम पर सात से आठ हजार रुपये खर्च आया है। इसके लिए प्रेशर मोटर, क्रश, सैनिटाइज करने की दवा, पानी, ड्रम, पारदर्शी पॉलीथिन का इस्तेमाल किया गया है।
सब्जी विक्रेताओं को आधार कार्ड व लाइसेंस दिखाने पर ही मिलेगा प्रवेश
गांव के सरपंच संजीव सैनी ने कहा कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत ने फैसला लिया है कि गांव में रेहड़ियों पर फल व सब्जी बेचने वाले की एंट्री तभी होगी। जब उनके पास आधार कार्ड और प्रशासन की ओर से जारी किया गया मूवमेंट पास होगा। उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि सब्जी लेने से पहले सब्जी विक्रेता का आधार कार्ड व लाइसेंस जरूर चैक करें यदि उनके पास इनमें से कुछ भी नहीं है तो इसकी सूचना ग्राम पंचायत को दें।
विज्ञापन
गांव के हर रास्ते पर लगे हैं ठीकरी पहरे
गांव में प्रवेश के लिए तीन मुख्य सड़कें है, लेकिन एहतियात बरतते हुए छह जगह ठीकरी पहरे लगाए हुए हैं। ताकि कोई कच्चे रास्तों से भी गांव में प्रवेश न कर पाए। सरपंच ने कहा कि इसके साथ लोगों को मुनियादी करा अपने-अपने घरों में रहने की अपील भी लगातार की जा रही है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इस ऑटोमेटिक सैनिटाइजर सिस्टम को गांव में आ रही मुख्य सड़क पर स्थापित किया गया है और बाकी सभी रास्तों को पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस ऑटोमैटिक सिस्टम का विचार गांव के ही एक युवक सुखविंद्र सिंह को आया था। सुखविंद्र सिंह आरओ का कार्य करता है और वह सैनिटाजेशन के लिए कई प्रकार की तकनीकों को भी इजाद करता रहता है। सुखविंद्र ने ये विचार उनके साथ सांझा किया तो ग्राम पंचायत ने इसे मंजूरी दे दी। इस जुगाडू ऑटोमेटिक सैनिटाइजर सिस्टम पर सात से आठ हजार रुपये खर्च आया है। इसके लिए प्रेशर मोटर, क्रश, सैनिटाइज करने की दवा, पानी, ड्रम, पारदर्शी पॉलीथिन का इस्तेमाल किया गया है।
विज्ञापन
सब्जी विक्रेताओं को आधार कार्ड व लाइसेंस दिखाने पर ही मिलेगा प्रवेश
गांव के सरपंच संजीव सैनी ने कहा कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत ने फैसला लिया है कि गांव में रेहड़ियों पर फल व सब्जी बेचने वाले की एंट्री तभी होगी। जब उनके पास आधार कार्ड और प्रशासन की ओर से जारी किया गया मूवमेंट पास होगा। उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि सब्जी लेने से पहले सब्जी विक्रेता का आधार कार्ड व लाइसेंस जरूर चैक करें यदि उनके पास इनमें से कुछ भी नहीं है तो इसकी सूचना ग्राम पंचायत को दें।
विज्ञापन
गांव के हर रास्ते पर लगे हैं ठीकरी पहरे
गांव में प्रवेश के लिए तीन मुख्य सड़कें है, लेकिन एहतियात बरतते हुए छह जगह ठीकरी पहरे लगाए हुए हैं। ताकि कोई कच्चे रास्तों से भी गांव में प्रवेश न कर पाए। सरपंच ने कहा कि इसके साथ लोगों को मुनियादी करा अपने-अपने घरों में रहने की अपील भी लगातार की जा रही है।