{"_id":"602190458ebc3e4b611801b5","slug":"civic-kurukshetra-news-knl60387188","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानदेय न मिलने से खफा एलएनजेपी अस्पताल में हड़ताल पर बैठे आउटसोर्सिंग कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानदेय न मिलने से खफा एलएनजेपी अस्पताल में हड़ताल पर बैठे आउटसोर्सिंग कर्मचारी
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चार माह का मानदेय न मिलने से खफा आउटसोर्सिंग कर्मचारी एलएनजेपी अस्पताल में सोमवार से हड़ताल पर बैठे गए हैं। इस दौरान कर्मचारियों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि जब तब उनके खातों में चार माह का वेतन नहीं आता, तब तक उनकी हड़ताल जारी थरहेगी। हड़ताली कर्मचारियों को पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा और सर्व कर्मचारी संघ के कर्मचारी नेता समर्थन देने पहुंचे। कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से सफाई सहित अस्पताल की व्यवस्थाएं बिगड़ गई। कैथल, करनाल और यमुनानगर सहित अन्य जिलों से जिला अस्पताल में पहुंचे मरीजों का पंजीकरण नहीं हुआ। हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से व्यवस्था बनाने का प्रयास किया गया। चिकित्सकों ने बिना पंजीकरण किये मरीजों का स्वास्थ्य जांचा, लेकिन मरीजों का गुस्सा बढ़ता देख दवाइयां वितरित कर रहे फार्मासिस्ट पीछे हट गए। उनका आरोप है कि ओपीडी में पर्ची न कटने से खफा मरीज उनके साथ झगड़ा करने को उतारू हो गये। तत्काल इस बारे में अस्पताल प्रशासन को अवगत करवाया गया। उधर, जिला सिविल सर्जन डा. सुखबीर सिंह ने एक कमेटी का गठन किया है, जिसमें उप सिविल सर्जन डा. रमेश सभ्रवाल, आरएमओ डा. एसएस अरोड़ा, उप चिकित्सा अधीक्षक डा. संदीप कौठारी, लेखा अधिकारी सुनील कुमार को शामिल किये गए हैं। उक्त कमेटी द्वारा जिला अस्पताल में आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत 137 कर्मचारियों का रिकोर्ड खंगाल रही है। कर्मचारियों की हाजिरी वेरिफिकेशन के पश्चात ही अक्तूबर माह से रूका मानदेय जारी किया जाएगा।
रादौर वासी ऋषिपाल ने बताया कि वह नेत्र रोग विशेषज्ञ से अपनी आंख की जांच कराने पहुंचा था। चिकत्सक ने बिना ओपीडी कार्ड उसकी आंख की जांच तो कर दी, लेकिन यहां दवा नहीं मिली। बताया कि उसने कई जगह अपना उपचार कराया, लेकिन आराम नहीं आया। पिछले लंबे समय से उसका एलएनजेपी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
गांव अमीन वासी बलराम ने बताया कि हृदय रोग के चलते वह जिला अस्पताल आए थे। यहां कर्मचारियों की हड़ताल मिली। काफी समय तक इंतजार करने के बावजूद भी ओपीडी कार्ड नहीं बना। उन्हें बिना चिकित्सक की परामर्श लिये वापस लौटना पड़ा।
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चिकित्सा अधीक्षक डा. शैलेंद्र ममगाईं शैली ने कहा कि सीएमओ की ओर से जारी पत्र में एक कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की हाजिरी वेरिफिकेशन करेगी। सीएमओ द्वारा कर्मचारियों की सैलरी जारी की जाएगी। कहा कि कुछ समय पहले संबंधित ठेकेदार को चिट्ठी लिखकर कर्मचारियों का रिकोर्ड मांगा गया था, लेकिन ठेकेदार ने रिकोर्ड उपलब्ध नहीं कराया।
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रादौर वासी ऋषिपाल ने बताया कि वह नेत्र रोग विशेषज्ञ से अपनी आंख की जांच कराने पहुंचा था। चिकत्सक ने बिना ओपीडी कार्ड उसकी आंख की जांच तो कर दी, लेकिन यहां दवा नहीं मिली। बताया कि उसने कई जगह अपना उपचार कराया, लेकिन आराम नहीं आया। पिछले लंबे समय से उसका एलएनजेपी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
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गांव अमीन वासी बलराम ने बताया कि हृदय रोग के चलते वह जिला अस्पताल आए थे। यहां कर्मचारियों की हड़ताल मिली। काफी समय तक इंतजार करने के बावजूद भी ओपीडी कार्ड नहीं बना। उन्हें बिना चिकित्सक की परामर्श लिये वापस लौटना पड़ा।
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चिकित्सा अधीक्षक डा. शैलेंद्र ममगाईं शैली ने कहा कि सीएमओ की ओर से जारी पत्र में एक कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की हाजिरी वेरिफिकेशन करेगी। सीएमओ द्वारा कर्मचारियों की सैलरी जारी की जाएगी। कहा कि कुछ समय पहले संबंधित ठेकेदार को चिट्ठी लिखकर कर्मचारियों का रिकोर्ड मांगा गया था, लेकिन ठेकेदार ने रिकोर्ड उपलब्ध नहीं कराया।