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एंजेट ने युवक को अमेरिका भेजने के नाम पर ठगे 26 लाख

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 23 Nov 2019 01:12 AM IST
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पिहोवा। एंजेट को 26 लाख रुपये देकर युवक द्वारा गैर तरीके से अमेरिका में घुसने की कोशिश करना महंगा पड़ गया। गैर तरीके से अमेरिका में घुसने की कोशिश के आरोप में उसे सात महीने जेल में रहना पड़ा। बाद में किसी तरह भारत वापिस लौटकर उसने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक को दी। जिनके आदेश पर पुलिस ने युवक के साथ 26 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में एंजेट के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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डेरा नानकपुरा निवासी हरप्रीत सिंह ने पुलिस में दर्ज शिकायत में कहा कि वह विदेश जाकर रुपया कमाना चाहता था। ऐसे में मलकीत सिंह निवासी सैनी फार्म बोधनी ने उसे वर्क परमिट पर अमेरिका भेजकर अच्छी नौकरी पर लगवाने का लालच दिया। मलकीत सिंह ने उसे कोलंबिया के रास्ते से अमेरिका भेजने का आश्वासन दिया था। शिकायतकर्ता अनुसार 3 दिसंबर 2018 को उसके परिजन पिहोवा बस स्टेंड के पास मलकीत सिंह के कार्यालय पहुंचे। जहां पर मलकीत सिंह ने हरप्रीत सिंह को 26 लाख रुपये में अमरीका भेजने का आश्वासन दिया था। जिसमें मैक्सिको तक भेजने के लिए 19 लाख रुपये पहले तथा बाकी रकम अमेरिका पहुंचने के बाद देने की तय हुई थी। तब उसके परिजनों ने मलकीत सिंह को एडवास रकम के तौर पर सवा 6 लाख रुपये दिए थे तथा बाकी रकम बाद में देने की बात कही थी। तीन दिन के बाद मलकीत सिंह का साथी सुखबीर सिंह उसे दिल्ली लेकर पहुंचा तथा दिल्ली से उनके एक अन्य साथी दीपक नरवाल ने उससे सभी कागजात व पासपोर्ट लेकर 2-3 दिन में इकवाडोर पहुंचा दिया था। जहां उसकी मुलाकात उनके एक अन्य साथी नदीम खान, जो मानव तस्करी का धंधा करता था से हुई थी। नदीम ने उसे जंगल के रास्ते मैक्सिको पहुंचाने की बात कही तो उसने उसके साथ चलने से इंकार कर दिया। तब उसने इसकी शिकायत मलकीत सिंह से की तो मलकीत सिंह अपने वायदे से मुकर गया और उसे मजबूरी में जंगल के रास्ते नदीम खान के साथ जाना पड़ा। नदीम खान उसे पनामा के जंगल से गैर तरीके से कई देश के बॉर्डर पार करवाकर मैक्सिको तक ले गया। मैक्सिको पहुंचकर उसे कई दिन तक भूखा-प्यासा रखा गया तथा शारीरिक व मानसिक रूप से यातनाएं दी गई। उधर, मलकीत सिंह उसके परिजनों पर बकाया रकम देने का दबाव डालने लगा। तब उसके परिजनों ने उससे बातचीत करने के बाद मलकीत सिंह को बकाया रकम दे दी। कई दिन मैक्सिको में रहने के बाद आखिरकार मलकीत सिंह के साथी लोगों ने उसे 13 जनवरी 2019 को दीवार पार करवा दी। जहां उसे होमलैंड के सुरक्षा गार्ड काबू कर लिया तथा उसे एक महीने तक माइनस 1 डिग्री तापमान में बंदी बनाकर रखा। आखिरकार एक महीना वहां रहने के बाद वह लोग उसे दूसरे शिविर में ले गए। वहां पहुंचकर उसने अपने परिजनों से मलकीत सिंह ने बात कर उसे वहां से छुड़ाने की गुहार लगाई। अतत: 7 महीने की जेल के बाद उसे 13 अगस्त को वह किसी तरह भारत वापस आया। वापस आकर उसने मलकीत सिंह के घर पहुंचकर अपनी सारी रकम वापस करने की मांग की तो मलकीत सिंह ने उसे उसके रुपये देने से इंकार कर दिया। जिसकी शिकायत अपने पुलिस अधीक्षक को दी। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर पुलिस ने मलकीत सिंह के खिलाफ इमिग्रेशन एक्ट समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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