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कम पानी में उगने वाला पौधा:कैक्टस से बना चमड़ा बना आकर्षण, तेजस-कैक्टस फॉर्मेशन ने दिखाया नवाचार का नया रास्ता

Sat, 31 Jan 2026 11:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 31 Jan 2026 11:40 AM IST
सार

जानवी ने बताया कि कैक्टस चमड़ा निर्माण की प्रक्रिया पांच चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में कैक्टस की पत्तियों की कटाई की जाती है जिसमें पौधे को नुकसान नहीं पहुंचाया जाता। इसके बाद पत्तियों को सुखाया जाता है। तीसरे चरण में आवश्यक तत्वों का निष्कर्षण किया जाता है।

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Cactus leather gains traction, Tejas-Cactus Formation shows new avenues of innovation
कुरुक्षेत्र। प्रोडक्ट के पांचों चरणों को मॉडल में दर्शाया गया। संवाद - फोटो : samba news

विस्तार

पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में ‘तेजस-कैक्टस फॉर्मेशन’ मॉडल आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस नवाचारी प्रोजेक्ट में कैक्टस की पत्तियों से कैक्टस लेदर तैयार करने की प्रक्रिया को बेहद सरल, प्रभावशाली और समझने योग्य तरीके से प्रस्तुत किया गया है। यह मॉडल न केवल वैज्ञानिक सोच को दर्शाता है बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि आधुनिक जरूरतों को पूरा करते हुए प्रकृति और जीव-जंतुओं की रक्षा संभव है।

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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विज्ञान सम्मेलन में सैनी पब्लिक स्कूल की 10वीं कक्षा की छात्रा जानवी ने यह मॉडल बनाया है। जानवी ने बताया कि पारंपरिक चमड़ा उत्पादन में पशुओं की हत्या और भारी रसायनों का उपयोग होता है जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचता है। वहीं दूसरी ओर सिंथेटिक लेदर पेट्रोलियम आधारित होने के कारण प्रदूषण फैलाता है और लंबे समय तक नष्ट नहीं होता। इन समस्याओं के समाधान के रूप में कैक्टस लेदर को एक ग्रीन और एथिकल विकल्प के तौर पर प्रस्तुत किया है। यह मॉडल यह साबित करता है कि यदि सही दिशा में प्रयास किए जाएं, तो नवाचार के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और पशु-कल्याण दोनों को एक साथ साधा जा सकता है।
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पांच चरणों में तैयार होगा फाइनल उत्पाद
जानवी ने बताया कि कैक्टस चमड़ा निर्माण की प्रक्रिया पांच चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में कैक्टस की पत्तियों की कटाई की जाती है जिसमें पौधे को नुकसान नहीं पहुंचाया जाता। इसके बाद पत्तियों को सुखाया जाता है। तीसरे चरण में आवश्यक तत्वों का निष्कर्षण किया जाता है। चौथे चरण में प्राप्त सामग्री की प्रोसेसिंग होती है और अंत में फाइनल उत्पाद तैयार किया जाता है, जो देखने और छूने में पशु चमड़े जैसा होता है।
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कैक्टस कम पानी में उगने वाला पौधा
इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि कैक्टस कम पानी में उगने वाला पौधा है और शुष्क क्षेत्रों में आसानी से पाया जाता है। कैक्टस लेदर प्लांट बेस्ड, टिकाऊ, लचीला और आंशिक रूप से बायोडिग्रेडेबल होता है। यह फैशन उद्योग, जूते, बैग और अन्य उत्पादों में उपयोग की व्यापक संभावनाएं रखता है। जानवी का कहना है कि मॉडल का उद्देश्य केवल एक नया उत्पाद दिखाना नहीं बल्कि लोगों में ईको-फ्रेंडली फैशन, नवाचार और जिम्मेदार औद्योगिक सोच के प्रति जागरूकता फैलाना है।

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