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Kurukshetra News: असहज दिखे कैबिनेट मंत्री अनिल विज, इशारा करने पर भी नहीं रुकी गाड़ी
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कुरुक्षेत्र। गाड़ी रुकने का इंतजार करते मंत्री अनित विज। संवाद
कुरुक्षेत्र। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में आगमन के दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल विज असहज दिखाई दिए। अंबाला से रक्षामंत्री के साथ महोत्सव में पहुंचे अनिल विज की असहजता को देख तरह-तरह की चर्चाएं भी होने लगीं।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ब्रह्मसरोवर तट पर पूजा-अर्चना व अन्य कार्यक्रम के बाद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गीता सम्मेलन के लिए रवाना हुए, उनके साथ ही काफिला भी चल पड़ा। इस बीच कैबिनेट मंत्री अनिल विज को विश्वविद्यालय में आयोजित गीता सम्मेलन में ले जाने के लिए कोई गाड़ी उपलब्ध नहीं कराई गई। वे कुछ देर तक पुरुषोत्तमपुरा बाग के बाहर सड़क किनारे खड़े इंतजार करते रहे।
पहले वे रक्षामंत्री की गाड़ी में बैठने के लिए आगे बढ़े लेकिन संभव नहीं हो सका। इसके बाद पीछे काफिले में चली गाड़ियां भी रोके जाने का इशारा करते रहे लेकिन कोई गाड़ी नहीं रोकी गई। बाद में आसपास मौजूद लोगों ने स्थिति को समझते हुए काफिले में से एक गाड़ी रुकवाई। इसके बाद अनिल विज उसमें सवार होकर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर रवाना हुए। यही नहीं पुरुषोत्तमपुरा बाग में भी जब रक्षामंत्री राजनाथ सिंह एक छोटे पंडाल में गए तो सुरक्षा कर्मियों ने उनके साथ जाने से अनिल विज को रोक दिया। इस घटनाक्रम के दौरान विज के चेहरे पर असहजता स्पष्ट दिखाई दे रही थी।
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यह मामला देखते ही देखते चर्चा का विषय बन गया। लोग वीआईपी मूवमेंट की जटिल व्यवस्थाओं और समन्वय की कमी को इसका कारण बता रहे हैं। कई लोगों ने सवाल उठाया कि राज्य के वरिष्ठ नेता के साथ इस तरह की स्थिति कैसे उत्पन्न हो गई।
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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ब्रह्मसरोवर तट पर पूजा-अर्चना व अन्य कार्यक्रम के बाद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गीता सम्मेलन के लिए रवाना हुए, उनके साथ ही काफिला भी चल पड़ा। इस बीच कैबिनेट मंत्री अनिल विज को विश्वविद्यालय में आयोजित गीता सम्मेलन में ले जाने के लिए कोई गाड़ी उपलब्ध नहीं कराई गई। वे कुछ देर तक पुरुषोत्तमपुरा बाग के बाहर सड़क किनारे खड़े इंतजार करते रहे।
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पहले वे रक्षामंत्री की गाड़ी में बैठने के लिए आगे बढ़े लेकिन संभव नहीं हो सका। इसके बाद पीछे काफिले में चली गाड़ियां भी रोके जाने का इशारा करते रहे लेकिन कोई गाड़ी नहीं रोकी गई। बाद में आसपास मौजूद लोगों ने स्थिति को समझते हुए काफिले में से एक गाड़ी रुकवाई। इसके बाद अनिल विज उसमें सवार होकर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर रवाना हुए। यही नहीं पुरुषोत्तमपुरा बाग में भी जब रक्षामंत्री राजनाथ सिंह एक छोटे पंडाल में गए तो सुरक्षा कर्मियों ने उनके साथ जाने से अनिल विज को रोक दिया। इस घटनाक्रम के दौरान विज के चेहरे पर असहजता स्पष्ट दिखाई दे रही थी।
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यह मामला देखते ही देखते चर्चा का विषय बन गया। लोग वीआईपी मूवमेंट की जटिल व्यवस्थाओं और समन्वय की कमी को इसका कारण बता रहे हैं। कई लोगों ने सवाल उठाया कि राज्य के वरिष्ठ नेता के साथ इस तरह की स्थिति कैसे उत्पन्न हो गई।