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नौ तकनीशियन के सहारे ब्लड बैंक और लैब
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ब्लड बैंक में खून की जांच करता स्वास्थ्य कर्मचारी। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। मॉलिक्यूलर लैब पर ताला लटकने के बाद स्वास्थ्य विभाग का ब्लड बैंक बंद होने की कगार पर है। स्टाफ की किल्लत के चलते जिला अस्पताल की लैब और ब्लड बैंक में लैब तकनीशियन (एलटी) को दिन-रात ड्यूटी करनी पड़ रही है। उधर, मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत कार्यरत लैब तकनीशियन ने भी नियुक्ति पत्र के बिना सेवाएं देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। अब हालात ऐसे बन गए हैं कि मात्र नौ लैब तकनीशियन के सहारे स्वास्थ्य विभाग का ब्लड बैंक और लैब चल रही है।
इससे स्वास्थ्य सेवाएं बिगड़ने लगी हैं। 24 घंटे सेवाएं देने के लिए पूरा स्टाफ नहीं है। एक-एक लैब तकनीशियन को कई-कई जिम्मेदारियां संभालनी पड़ रही है। इन्हीं दिक्कतों को देखते हुए रक्तदान शिविरों से रक्त एकत्रित करने में भी असमर्थता जताई जा रही है। दरअसल स्वास्थ्य विभाग के एकमात्र ब्लड बैंक में 12 लैब तकनीशियन की जरूरत है, ताकि ब्लड बैंक को सुचारु रूप से चलाया जा सके। अब मात्र तीन लैब तकनीशियन के सहारे ही ब्लड बैंक को चलाया जा रहा है। वहीं, जिला अस्पताल की लैब में मात्र छह एलटी के सहारे रोजाना एक हजार से अधिक मरीजों के टेस्ट किए जा रहे हैं, जबकि यहां 10 एलटी की जरूरत है।
वहीं मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत कार्यरत सात स्वास्थ्य कर्मचारियों में से तीन लैब तकनीशियन हैं। आगामी नियुक्ति पत्र न मिलने के चलते ब्लड बैंक में कार्यरत एक एलटी ने सेवाएं देना बंद कर दिया है। अब तीन एलटी एक दूसरे के साथ एडजस्ट करके ड्यूटी कर रहे हैं। यही कारण है कि अब रक्तदान शिविर के लिए भी एलटी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। इसी कारण स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की परेशानी बढ़ी हुई हैं।
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दिन-रात ड्यूटी लगा बना रहे व्यवस्था : डॉ. तंवर
ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. रमा और पैथोलॉजिस्ट डॉ. विनोद तंवर का कहना है कि इन दिनों लैब तकनीशियन की काफी किल्लत है। वे एलटी की दिन-रात ड्यूटी लगाकर व्यवस्था बनाने में जुटे हुए हैं, ताकि मरीजों को परेशानी न झेलनी पड़े। स्टाफ की किल्लत के चलते अब रक्तदान शिविरों से रक्त एकत्रित करने में काफी परेशानी हो रही है।
पत्र लिख उच्चाधिकारियों को कराया अवगत : डॉ. सुखबीर सिंह
जिला सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह का कहना है कि एलटी की कमी के चलते ब्लड बैंक और लैब में काम प्रभावित हो रहा है। इस संदर्भ में उन्होंने पत्र लिखकर उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। व्यवस्था बनाने की कोशिश की जा रही है। बताया कि मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों को भी जल्द नियुक्ति पत्र मिलेगा।
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कुरुक्षेत्र। मॉलिक्यूलर लैब पर ताला लटकने के बाद स्वास्थ्य विभाग का ब्लड बैंक बंद होने की कगार पर है। स्टाफ की किल्लत के चलते जिला अस्पताल की लैब और ब्लड बैंक में लैब तकनीशियन (एलटी) को दिन-रात ड्यूटी करनी पड़ रही है। उधर, मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत कार्यरत लैब तकनीशियन ने भी नियुक्ति पत्र के बिना सेवाएं देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। अब हालात ऐसे बन गए हैं कि मात्र नौ लैब तकनीशियन के सहारे स्वास्थ्य विभाग का ब्लड बैंक और लैब चल रही है।
इससे स्वास्थ्य सेवाएं बिगड़ने लगी हैं। 24 घंटे सेवाएं देने के लिए पूरा स्टाफ नहीं है। एक-एक लैब तकनीशियन को कई-कई जिम्मेदारियां संभालनी पड़ रही है। इन्हीं दिक्कतों को देखते हुए रक्तदान शिविरों से रक्त एकत्रित करने में भी असमर्थता जताई जा रही है। दरअसल स्वास्थ्य विभाग के एकमात्र ब्लड बैंक में 12 लैब तकनीशियन की जरूरत है, ताकि ब्लड बैंक को सुचारु रूप से चलाया जा सके। अब मात्र तीन लैब तकनीशियन के सहारे ही ब्लड बैंक को चलाया जा रहा है। वहीं, जिला अस्पताल की लैब में मात्र छह एलटी के सहारे रोजाना एक हजार से अधिक मरीजों के टेस्ट किए जा रहे हैं, जबकि यहां 10 एलटी की जरूरत है।
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वहीं मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत कार्यरत सात स्वास्थ्य कर्मचारियों में से तीन लैब तकनीशियन हैं। आगामी नियुक्ति पत्र न मिलने के चलते ब्लड बैंक में कार्यरत एक एलटी ने सेवाएं देना बंद कर दिया है। अब तीन एलटी एक दूसरे के साथ एडजस्ट करके ड्यूटी कर रहे हैं। यही कारण है कि अब रक्तदान शिविर के लिए भी एलटी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। इसी कारण स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की परेशानी बढ़ी हुई हैं।
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दिन-रात ड्यूटी लगा बना रहे व्यवस्था : डॉ. तंवर
ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. रमा और पैथोलॉजिस्ट डॉ. विनोद तंवर का कहना है कि इन दिनों लैब तकनीशियन की काफी किल्लत है। वे एलटी की दिन-रात ड्यूटी लगाकर व्यवस्था बनाने में जुटे हुए हैं, ताकि मरीजों को परेशानी न झेलनी पड़े। स्टाफ की किल्लत के चलते अब रक्तदान शिविरों से रक्त एकत्रित करने में काफी परेशानी हो रही है।
पत्र लिख उच्चाधिकारियों को कराया अवगत : डॉ. सुखबीर सिंह
जिला सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह का कहना है कि एलटी की कमी के चलते ब्लड बैंक और लैब में काम प्रभावित हो रहा है। इस संदर्भ में उन्होंने पत्र लिखकर उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। व्यवस्था बनाने की कोशिश की जा रही है। बताया कि मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों को भी जल्द नियुक्ति पत्र मिलेगा।