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Kurukshetra News: ड्रग्स डोपिंग और उनके प्रभाव के प्रति किया जागरूक
Sun, 12 Oct 2025 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 12 Oct 2025 01:57 AM IST
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कुरुक्षेत्र। कार्यक्रम में हिस्सा लेते अतिथि और विद्यार्थी। स्वयं
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। राजकीय महाविद्यालय भेरियां पिहोवा में शारीरिक शिक्षा विभाग एवं स्पोर्ट्स की ओर से ड्रग्स डोपिंग और उनके प्रभाव विषय पर एक व्याख्यान आयोजित किया गया। इस अवसर पर राजकीय महाविद्यालय हथीन के प्राचार्य डॉ. रामनिवास ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की। प्राचार्य सुभाष चंद्र शर्मा ने विद्यार्थियों को इस तरह के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।
खेलों में ड्रग्स डोपिंग एक गंभीर समस्या है और यह खेल के नियमों के बिल्कुल खिलाफ है। इससे खिलाड़ियों पर शारीरिक प्रभाव मांसपेशियों की वृद्धि, हृदय समस्याएं, लीवर की क्षति, और अन्य शारीरिक समस्याएं आ सकती हैं एवं मानसिक प्रभाव आक्रामकता, अवसाद, चिंता तनाव इत्यादि हो सकते हैं। इसलिए इनके खतरों के बारे में जागरूकता फैलाना बहुत जरूरी है। शारीरिक शिक्षा के विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार यादव ने बताया कि ड्रग्स और डोपिंग से स्वास्थ्य जोखिम के साथ साथ ईमानदारी और नैतिकता का पतन तो होता ही है। इससे प्रशंसकों में खेलों की विश्वसनीयता खत्म हो सकती। इसलिए खिलाड़ियों को ऐसी गलती से बचना चाहिए।
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कुरुक्षेत्र। राजकीय महाविद्यालय भेरियां पिहोवा में शारीरिक शिक्षा विभाग एवं स्पोर्ट्स की ओर से ड्रग्स डोपिंग और उनके प्रभाव विषय पर एक व्याख्यान आयोजित किया गया। इस अवसर पर राजकीय महाविद्यालय हथीन के प्राचार्य डॉ. रामनिवास ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की। प्राचार्य सुभाष चंद्र शर्मा ने विद्यार्थियों को इस तरह के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।
खेलों में ड्रग्स डोपिंग एक गंभीर समस्या है और यह खेल के नियमों के बिल्कुल खिलाफ है। इससे खिलाड़ियों पर शारीरिक प्रभाव मांसपेशियों की वृद्धि, हृदय समस्याएं, लीवर की क्षति, और अन्य शारीरिक समस्याएं आ सकती हैं एवं मानसिक प्रभाव आक्रामकता, अवसाद, चिंता तनाव इत्यादि हो सकते हैं। इसलिए इनके खतरों के बारे में जागरूकता फैलाना बहुत जरूरी है। शारीरिक शिक्षा के विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार यादव ने बताया कि ड्रग्स और डोपिंग से स्वास्थ्य जोखिम के साथ साथ ईमानदारी और नैतिकता का पतन तो होता ही है। इससे प्रशंसकों में खेलों की विश्वसनीयता खत्म हो सकती। इसलिए खिलाड़ियों को ऐसी गलती से बचना चाहिए।
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