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Kurukshetra News: मारपीट व तोड़फोड़ के मामले में अंजलि माता को मिली अग्रिम जमानत
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कुरुक्षेत्र। जिला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 482 के तहत दायर अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कुबेर काॅलोनी निवासी आवेदक अंजलि बंसल को अंतरिम संरक्षण प्रदान किया। अंजलि बंसल के खिलाफ कृष्णा गेट थाना में 15 अगस्त को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धाराओं 191(3), 190, 115(2), 118(1), 110, 351(2)(3), 324(4)(5), 238, 281, 125, 61(2) के तहत दर्ज एक मुकदमे में गंभीर आरोप लगाए हैं। अंजलि बंसल को शहर में अंजलि माता के नाम से जाता है।
शिकायतकर्ता राजिंदर कुमार ने अपने बयान में आरोप लगाया कि 13 अगस्त को उनके बेटे राहुल कुमार पर एक नाबालिग समेत शुभम और तीन अज्ञात व्यक्तियों ने हमला किया। हमलावरों ने राहुल को गालियां व धमकियां दी और उनके घर पर तोड़फोड़ की। इसके बाद अंजलि बंसल और उनकी बेटी एक ब्रेजा गाड़ी में शिकायतकर्ता के घर पहुंची, जहां अंजलि ने शिकायतकर्ता की मां को गाड़ी से टक्कर मारी और उनके साथ मारपीट की। इस घटना में राहुल को गंभीर चोटें आईं जिनमें सिर पर छह टांके लगे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और धमकी भरे कॉल के आधार पर यह मामला दर्ज कर लिया था।
अंजलि बंसल के वकील ने दावा किया कि यह मामला शिकायतकर्ता के खिलाफ अंजलि की ओर से दर्ज एक अन्य मामले का जवाबी हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता का बेटा राहुल खुल्लर नशे का आदी है और उसने अंजलि के बेटे का शारीरिक व यौन शोषण किया। वकील ने कहा कि घटना के दिन राहुल ने अंजलि के बेटे पर हमला किया, जिसके बाद अंजलि शिकायत करने गई थी। इस दौरान राहुल ने तलवार से अंजलि और उनकी बेटी पर हमला किया जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। मेडिकल रिपोर्ट के हवाले से वकील ने तर्क दिया कि अंजलि ने शिकायतकर्ता पक्ष को कोई चोट नहीं पहुंचाई और उनकी हिरासत में पूछताछ आवश्यक नहीं है।
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लोक अभियोजक नवनीत सिंह और शिकायतकर्ता के वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि अंजलि ने जानबूझकर शिकायतकर्ता की मां को चोट पहुंचाई और उनकी हिरासत जांच के लिए जरूरी है। हालांकि कोर्ट ने पाया कि दोनों पक्षों के बीच परस्पर आरोप हैं और अंजलि की मेडिकल रिपोर्ट से उनकी चोटें भी साबित होती हैं।
न्यायाधीश अनिल कुमार ने अंजलि बंसल को अंतरिम जमानत प्रदान करते हुए निर्देश दिया कि वे जांच में सहयोग करें। यदि गिरफ्तारी होती है तो उन्हें निर्धारित शर्तों के अधीन रिहा किया जाएगा। अगली सुनवाई 13 अक्तूबर को होगी।
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शिकायतकर्ता राजिंदर कुमार ने अपने बयान में आरोप लगाया कि 13 अगस्त को उनके बेटे राहुल कुमार पर एक नाबालिग समेत शुभम और तीन अज्ञात व्यक्तियों ने हमला किया। हमलावरों ने राहुल को गालियां व धमकियां दी और उनके घर पर तोड़फोड़ की। इसके बाद अंजलि बंसल और उनकी बेटी एक ब्रेजा गाड़ी में शिकायतकर्ता के घर पहुंची, जहां अंजलि ने शिकायतकर्ता की मां को गाड़ी से टक्कर मारी और उनके साथ मारपीट की। इस घटना में राहुल को गंभीर चोटें आईं जिनमें सिर पर छह टांके लगे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और धमकी भरे कॉल के आधार पर यह मामला दर्ज कर लिया था।
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अंजलि बंसल के वकील ने दावा किया कि यह मामला शिकायतकर्ता के खिलाफ अंजलि की ओर से दर्ज एक अन्य मामले का जवाबी हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता का बेटा राहुल खुल्लर नशे का आदी है और उसने अंजलि के बेटे का शारीरिक व यौन शोषण किया। वकील ने कहा कि घटना के दिन राहुल ने अंजलि के बेटे पर हमला किया, जिसके बाद अंजलि शिकायत करने गई थी। इस दौरान राहुल ने तलवार से अंजलि और उनकी बेटी पर हमला किया जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। मेडिकल रिपोर्ट के हवाले से वकील ने तर्क दिया कि अंजलि ने शिकायतकर्ता पक्ष को कोई चोट नहीं पहुंचाई और उनकी हिरासत में पूछताछ आवश्यक नहीं है।
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लोक अभियोजक नवनीत सिंह और शिकायतकर्ता के वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि अंजलि ने जानबूझकर शिकायतकर्ता की मां को चोट पहुंचाई और उनकी हिरासत जांच के लिए जरूरी है। हालांकि कोर्ट ने पाया कि दोनों पक्षों के बीच परस्पर आरोप हैं और अंजलि की मेडिकल रिपोर्ट से उनकी चोटें भी साबित होती हैं।
न्यायाधीश अनिल कुमार ने अंजलि बंसल को अंतरिम जमानत प्रदान करते हुए निर्देश दिया कि वे जांच में सहयोग करें। यदि गिरफ्तारी होती है तो उन्हें निर्धारित शर्तों के अधीन रिहा किया जाएगा। अगली सुनवाई 13 अक्तूबर को होगी।