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Kurukshetra News: घटते भू जल स्तर, मौसम परिवर्तन तथा वातावरण से जुड़ी समस्याओं पर कृषि वैज्ञानिकों ने जताई चिंता
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र। बैठक में उपस्थित मुख्यातिथि व कृषि वैज्ञानिक।
कुरुक्षेत्र। चौधरी चरण सिंह हरियाणा विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा वीरवार को 31वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन केंद्र के परिसर में किया गया। बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा निदेशक एवं रजिस्ट्रार डॉ. बलवान सिंह मंडल ने की। विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय अनुसंधान संस्थान करनाल के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा पिछले वर्ष किये गये क्रियाकलापों तथा गतिविधियों का ब्योरा देना तथा आगामी वर्ष में किये जाने वाले कार्यों के बारे में जानकारी देना रहा। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों कृषि एवं कल्याण विभाग, उद्यान विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग तथा पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों ने शिरकत की। जिले के चार प्रगतिशील किसानों ने भी बैठक में भाग लिया।
बैठक में केंद्र के समन्वयक डॉ. मनोज कुमार ने वर्ष 2023 -24 की प्रगति रिपोर्ट तथा 2024 -25 की वार्षिक कार्य योजना की प्रस्तुति की। केंद्र के वैज्ञानिकों डॉ. मनोज कुमार, डॉ. फतेह सिंह, डॉ. ललिता, डॉ. सरिता रानी तथा डॉ. कविता ने अपनी अपनी प्रगति रिपोर्ट तथा आगामी कार्य योजना प्रस्तुत की। अधिकारियों ने इन प्रस्तुतियों पर अपने विचार व सुझाव सांझा किये। बैठक के मुख्य अतिथि डॉ. बलवान सिंह मंडल ने सभी अधिकारियों को किसानों के हित में मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने घटते भू जल स्तर, मौसम परिवर्तन तथा वातावरण से जुड़ी समस्याओं के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि केवीके तथा अन्य सभी विभागों को एकजुट होकर इन सभी समस्याओं का समाधान निकालना है ताकि भविष्य के लिए हम अपने प्राकृतिक संसाधनों की धरोहर को संजोकर रख सकें। उन्होंने केवीके की मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला को शीघ्र चलाने तथा छोटे-छोटे कृषि कार्यों को बड़े व्यवसायों में बदलकर किसानों की आय बढ़ाने की बात पर भी जोर दिया।
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बैठक का मुख्य उद्देश्य कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा पिछले वर्ष किये गये क्रियाकलापों तथा गतिविधियों का ब्योरा देना तथा आगामी वर्ष में किये जाने वाले कार्यों के बारे में जानकारी देना रहा। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों कृषि एवं कल्याण विभाग, उद्यान विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग तथा पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों ने शिरकत की। जिले के चार प्रगतिशील किसानों ने भी बैठक में भाग लिया।
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बैठक में केंद्र के समन्वयक डॉ. मनोज कुमार ने वर्ष 2023 -24 की प्रगति रिपोर्ट तथा 2024 -25 की वार्षिक कार्य योजना की प्रस्तुति की। केंद्र के वैज्ञानिकों डॉ. मनोज कुमार, डॉ. फतेह सिंह, डॉ. ललिता, डॉ. सरिता रानी तथा डॉ. कविता ने अपनी अपनी प्रगति रिपोर्ट तथा आगामी कार्य योजना प्रस्तुत की। अधिकारियों ने इन प्रस्तुतियों पर अपने विचार व सुझाव सांझा किये। बैठक के मुख्य अतिथि डॉ. बलवान सिंह मंडल ने सभी अधिकारियों को किसानों के हित में मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने घटते भू जल स्तर, मौसम परिवर्तन तथा वातावरण से जुड़ी समस्याओं के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि केवीके तथा अन्य सभी विभागों को एकजुट होकर इन सभी समस्याओं का समाधान निकालना है ताकि भविष्य के लिए हम अपने प्राकृतिक संसाधनों की धरोहर को संजोकर रख सकें। उन्होंने केवीके की मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला को शीघ्र चलाने तथा छोटे-छोटे कृषि कार्यों को बड़े व्यवसायों में बदलकर किसानों की आय बढ़ाने की बात पर भी जोर दिया।
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