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Kurukshetra News: उठान की गारंटी न मिलने तक आढ़ती नहीं करेंगे माल की भराई
Sun, 29 Sep 2024 04:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 29 Sep 2024 04:09 AM IST
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शाहाबाद। किसानों की हाईवे जाम करने की चेतावनी के बाद भले ही प्रदेश सरकार ने शुक्रवार से धान खरीद के आदेश दे दिए हैं लेकिन अब आढ़तियों ने धान की फसल की भराई करने से साफ इंकार कर दिया। अनाज मंडी एसोसिएशन के प्रधान स्वर्णजीत सिंह बिट्टू कालड़ा एवं धनपत राय अग्रवाल की अध्यक्षता में किसान रेस्ट हाउस में आढ़तियों की बड़ी बैठक हुई। जिसमें आढ़तियों ने उठान की गारंटी न मिलने तक माल की भराई नहीं करने का निर्णय लिया।
मंडी प्रधान कालड़ा एवं धनपत राय अग्रवाल ने कहा कि सरकार के पास धान के भंडारण के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। दूसरी तरफ सरकार का राइस मिलर्स के साथ भी कोई एग्रीमेंट नहीं हुआ है। ऐसे में सरकार के पास 48 घंटे के अंदर माल के उठान की कोई व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही। आढ़तियों ने कहा कि सामान्य प्रक्रिया में खरीद के 48 घंटे के अंदर सरकार को माल का उठान करना होता है और 72 घंटे के अंदर किसानों को उसकी फसल की पेमेंट करनी होती है। ऐसे में आढ़ती 72 घंटे के अंदर भी माल के उठान की गारंटी के साथ भराई करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जब नजर व्यवस्थाओं पर डाली जाती है तो किसी भी दृष्टिकोण से उठान को लेकर सरकार के पास कोई सामर्थ्य दिखाई नहीं देता। आढ़तियों ने कहा कि अगर सरकार 72 घंटे के अंदर माल के उठान की गारंटी देती है तो आढ़ती धान की भराई करने के लिए तैयार हैं। इस अवसर पर अशोक कुमार, यशपाल सिंगला, मोहन लाल, पवन गौतम, प्रवीण गाबा, गुरचरण सिंगला, कर्ण गुप्ता, बॉबी गुप्ता, गुरमीत अटारी, संजय गुप्ता, बलबीर खुराना, रघुवीर चंद सहित अनाज मंडी के तमाम आढ़ती मौजूद रहे।
तीन महीने में क्लियर होगी मंडी : बिट्टू कालड़ा
अनाज मंडी एसोसिएशन के प्रधान स्वर्णजीत सिंह बिट्टू कालड़ा ने बताया कि ट्रांसपोर्ट ठेकेदार को जब बैठक में बुलाया गया तो ज्ञात हुआ ठेकेदार के पास 40 गाड़ियों का इंतजाम है और वह केवल 40 हजार कट्टे का ही प्रतिदिन उठान कर सकता है। गत वर्ष मंडी में 40 लाख कट्टे धान की आवक हुई थी जो इस बार 48 लाख के करीब पहुंचने की संभावना है। ऐसे में दो लाख कट्टे प्रतिदिन की आवक के हिसाब से ठेकेदार अगर केवल 40 हजार कट्टे का ही उठान करता है तो मंडी क्लियर होने में तीन महीने से भी अधिक का समय लग जाएगा। इस दौरान होने वाले नुकसान का जिम्मेदार कौन होगा।
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उधर मार्केट कमेटी सचिव कृष्ण कुमार मलिक ने कहा कि खरीद उपरांत 72 घंटे के अंदर माल के उठान को सुनिश्चित करने हेतु तमाम बिंदुओं पर गहनता से विचार विमर्श चल रहा है। ऐसे में ट्रांसपोर्ट ठेकेदार से बात करके निश्चित तौर पर खरीद के बाद 72 घंटे में फसल का उठान करवाया जाएगा।
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मंडी प्रधान कालड़ा एवं धनपत राय अग्रवाल ने कहा कि सरकार के पास धान के भंडारण के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। दूसरी तरफ सरकार का राइस मिलर्स के साथ भी कोई एग्रीमेंट नहीं हुआ है। ऐसे में सरकार के पास 48 घंटे के अंदर माल के उठान की कोई व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही। आढ़तियों ने कहा कि सामान्य प्रक्रिया में खरीद के 48 घंटे के अंदर सरकार को माल का उठान करना होता है और 72 घंटे के अंदर किसानों को उसकी फसल की पेमेंट करनी होती है। ऐसे में आढ़ती 72 घंटे के अंदर भी माल के उठान की गारंटी के साथ भराई करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जब नजर व्यवस्थाओं पर डाली जाती है तो किसी भी दृष्टिकोण से उठान को लेकर सरकार के पास कोई सामर्थ्य दिखाई नहीं देता। आढ़तियों ने कहा कि अगर सरकार 72 घंटे के अंदर माल के उठान की गारंटी देती है तो आढ़ती धान की भराई करने के लिए तैयार हैं। इस अवसर पर अशोक कुमार, यशपाल सिंगला, मोहन लाल, पवन गौतम, प्रवीण गाबा, गुरचरण सिंगला, कर्ण गुप्ता, बॉबी गुप्ता, गुरमीत अटारी, संजय गुप्ता, बलबीर खुराना, रघुवीर चंद सहित अनाज मंडी के तमाम आढ़ती मौजूद रहे।
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तीन महीने में क्लियर होगी मंडी : बिट्टू कालड़ा
अनाज मंडी एसोसिएशन के प्रधान स्वर्णजीत सिंह बिट्टू कालड़ा ने बताया कि ट्रांसपोर्ट ठेकेदार को जब बैठक में बुलाया गया तो ज्ञात हुआ ठेकेदार के पास 40 गाड़ियों का इंतजाम है और वह केवल 40 हजार कट्टे का ही प्रतिदिन उठान कर सकता है। गत वर्ष मंडी में 40 लाख कट्टे धान की आवक हुई थी जो इस बार 48 लाख के करीब पहुंचने की संभावना है। ऐसे में दो लाख कट्टे प्रतिदिन की आवक के हिसाब से ठेकेदार अगर केवल 40 हजार कट्टे का ही उठान करता है तो मंडी क्लियर होने में तीन महीने से भी अधिक का समय लग जाएगा। इस दौरान होने वाले नुकसान का जिम्मेदार कौन होगा।
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उधर मार्केट कमेटी सचिव कृष्ण कुमार मलिक ने कहा कि खरीद उपरांत 72 घंटे के अंदर माल के उठान को सुनिश्चित करने हेतु तमाम बिंदुओं पर गहनता से विचार विमर्श चल रहा है। ऐसे में ट्रांसपोर्ट ठेकेदार से बात करके निश्चित तौर पर खरीद के बाद 72 घंटे में फसल का उठान करवाया जाएगा।