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राष्ट्रपति भवन मॉरिशस में स्वामी ज्ञानानंद महाराज एवं जीओ गीता डेलिगेशन को किया सम्मानित
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फोटो नंबर-18
मारीशस में जीओ गीता डेलिगेशन का हुआ सम्मान
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र । अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में मॉरिशस में भाग लेने गए गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज के सानिध्य में जीओ गीता संस्था के प्रतिनिधियों का मॉरिशस के राष्ट्रपति परमासिवम पिल्ले ने राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित करके उनके सम्मान में अल्पाहार का आयोजन किया। राष्ट्रपति ने प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनका यहां आना अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का ही एक कार्यक्रम है। मॉरिशस सरकार द्वारा पहली बार आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में स्वामी ज्ञानानंद तथा जीओ गीता प्रतिनिधियों के आने से महोत्सव की शोभा बढ़ी है। राष्ट्रपति भवन जिसे स्टेट हाउस कहा जाता है के बारे में जानकारी देते हुए पिल्ले ने बताया कि इस स्टेट हाउस का निर्माण लगभग 200 वर्ष पहले फ्रांस के गवर्नर ने भारत के पुड्डुचेरी प्रदेश के आर्किटेक्ट को बुला कर करवाया था। इस प्रकार राष्ट्रपति भवन के निर्माण में भी भारतीयों का विशेष योगदान है। वृक्षारोपण के महत्व पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि वृक्षारोपण का जीवन मे बड़ा महत्व है। पर्यावरण शुद्ध रहता है और मानव को शुद्ध ऑक्सीजन मिलती है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वृक्षारोपण को बहुत महत्व दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति भवन के परिसर में भारत की पूर्व प्रधान मंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने भी 1976 में मॉरिशस दौरे के दौरान वृक्षारोपण किया था।
मारीशस में जीओ गीता डेलिगेशन का हुआ सम्मान
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र । अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में मॉरिशस में भाग लेने गए गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज के सानिध्य में जीओ गीता संस्था के प्रतिनिधियों का मॉरिशस के राष्ट्रपति परमासिवम पिल्ले ने राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित करके उनके सम्मान में अल्पाहार का आयोजन किया। राष्ट्रपति ने प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनका यहां आना अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का ही एक कार्यक्रम है। मॉरिशस सरकार द्वारा पहली बार आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में स्वामी ज्ञानानंद तथा जीओ गीता प्रतिनिधियों के आने से महोत्सव की शोभा बढ़ी है। राष्ट्रपति भवन जिसे स्टेट हाउस कहा जाता है के बारे में जानकारी देते हुए पिल्ले ने बताया कि इस स्टेट हाउस का निर्माण लगभग 200 वर्ष पहले फ्रांस के गवर्नर ने भारत के पुड्डुचेरी प्रदेश के आर्किटेक्ट को बुला कर करवाया था। इस प्रकार राष्ट्रपति भवन के निर्माण में भी भारतीयों का विशेष योगदान है। वृक्षारोपण के महत्व पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि वृक्षारोपण का जीवन मे बड़ा महत्व है। पर्यावरण शुद्ध रहता है और मानव को शुद्ध ऑक्सीजन मिलती है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वृक्षारोपण को बहुत महत्व दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति भवन के परिसर में भारत की पूर्व प्रधान मंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने भी 1976 में मॉरिशस दौरे के दौरान वृक्षारोपण किया था।