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प्रदेश में अब टच स्क्रीन से मिलेगी वोट से संबंधित पूरी जानकारी
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टच स्क्रीन कियोस्क से जाने मतदान के बारे में जानकारी
कुरुक्षेत्र । प्रदेश के सभी जिलों में स्क्रीन टच कियोस्क के जरिये मतदाता सूची में नाम, मतदान केंद्र, मतदाता संख्या सहित सभी विवरण आप जान सकते हैं। इस तरह के पहले कियोस्क का रविवार को मुख्य चुनाव अधिकारी राजीव निरंजन के लघु सचिवालय में उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने एक लघु सचिवालय कर्मी और एक मीडियाकर्मी की मतदान स्लिप निकाली। जिले में इस तरह की 17 और प्रदेश भर में इस तरह की तमाम कियोस्क बनाए जाएंगे।
मुख्य चुनाव अधिकारी ने टोल फ्री नंबर 1950 को डायल करके वोट संबंधी जानकारी भी डायल कर चेक किया। उनके साथ जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त डॉ. एसएस फुलिया भी मौजूद रहे। ने सीईओ राजीव रंजन को कुरुक्षेत्र जिले की स्वीप गतिविधियों के साथ-साथ लोकसभा आम चुनाव के तैयारियों की संबंध में विस्तृत रिपोर्ट भी दी है। सीईओ राजीव रंजन ने कहा कि कुरुक्षेत्र के चारों विधानसभा क्षेत्रों के तहसीलों, बीडीपीओ कार्यालयों, डीडीपीओ कार्यालय, बस स्टैंड, सरल केंद्रों सहित कुल 17 टच स्क्रीनें स्थापित की जाएंगी। इसके बाद पूरे प्रदेश में टच स्क्रीन लगाई जाएंगी।
टच स्क्रीन का ऐसे करे इस्तेमाल
स्क्रीन के माध्यम से कोई भी मतदाता अपने नाम की हिंदी और अंग्रेजी में लिखकर अपने वोट, बूथ नंबर, बूथ की जगह, एपिक नंबर, असेंबली नंबर, विधानसभा क्षेत्र सहित परिवार के सभी सदस्यों की वोट संबंधी जानकारी स्क्रीन पर उपलब्ध होगी। इतना ही नहीं टच स्क्रीन पर मतदाता अपने मोबाइल पर एसएमएस के जरिए भी वोट का डाटा ले सकता है। इसके लिए मतदाता को टच स्क्रीन पर एसएमएस के विकल्प में अपना मोबाइल नंबर फीड करना होगा। इस विकल्प में नंबर फीड करने के बाद ओके का बटन दबाने पर कुछ सेकेंड में ही डाटा मतदाता के मोबाइल पर एसएमएस के जरिए पहुंच जाएगा। यह टच स्क्रीन आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में कार्य करेगी और कोई भी मतदाता अपने वोट से संबंधित नवीनतम जानकारी सहजता से हासिल कर पाएगा।
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वोटर लिस्ट में अभी दर्ज करा सकते हैं नाम
जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं है अथवा उनका वोट नहीं बना है। वो 12 अप्रैल तक अपना वोट बनवाने के लिए आवेदन कर सकता है। आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए सार्वजनिक स्थलों पर होर्डिंग्स लगवाए जा रहे है तथा महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों में इलेक्ट्रोरल लिटरेसी क्लब को सक्रिय किया गया है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों के प्राचार्यो से एक प्रमाण पत्र भी लिया जाएगा की उनके कालेज में 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी विद्यार्थी ऐसा नहीं है, जिसका वोट नहीं बना है। इस बार चुनावों में तकनीकी का प्रयोग किया जाएगा, जिसके चलते प्रत्याशियों के लिए आदर्श आचार संहिता की अवहेलना करना तथा चुनावी खर्चे को छिपाना कठिन होगा।
प्रत्याशी और पार्टी की कर सकेंगे शिकायत
सीईओ ने कहा कि सीविजिल एप का पहली बार चुनाव में प्रयोग किया जा रहा है, इसके माध्यम से आमजन में से कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रत्याशी अथवा राजनीतिक दल द्वारा आचार संहिता की उल्लंघन करने या अन्य अनियमिताएं बरतने की फोटो अथवा वीडियो डाल सकता है। सीविजिल पर मिलने वाली शिकायतों का निपटारा सौ मिनट की समयावधि में संबंधित अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। लेकिन साथ ही उससे मजबूत साक्ष्य भी तैयार होंगे जो प्रत्याशी के खिलाफ न्यायालय में प्रस्तुत किया जा सकेगा।
कुरुक्षेत्र । प्रदेश के सभी जिलों में स्क्रीन टच कियोस्क के जरिये मतदाता सूची में नाम, मतदान केंद्र, मतदाता संख्या सहित सभी विवरण आप जान सकते हैं। इस तरह के पहले कियोस्क का रविवार को मुख्य चुनाव अधिकारी राजीव निरंजन के लघु सचिवालय में उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने एक लघु सचिवालय कर्मी और एक मीडियाकर्मी की मतदान स्लिप निकाली। जिले में इस तरह की 17 और प्रदेश भर में इस तरह की तमाम कियोस्क बनाए जाएंगे।
मुख्य चुनाव अधिकारी ने टोल फ्री नंबर 1950 को डायल करके वोट संबंधी जानकारी भी डायल कर चेक किया। उनके साथ जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त डॉ. एसएस फुलिया भी मौजूद रहे। ने सीईओ राजीव रंजन को कुरुक्षेत्र जिले की स्वीप गतिविधियों के साथ-साथ लोकसभा आम चुनाव के तैयारियों की संबंध में विस्तृत रिपोर्ट भी दी है। सीईओ राजीव रंजन ने कहा कि कुरुक्षेत्र के चारों विधानसभा क्षेत्रों के तहसीलों, बीडीपीओ कार्यालयों, डीडीपीओ कार्यालय, बस स्टैंड, सरल केंद्रों सहित कुल 17 टच स्क्रीनें स्थापित की जाएंगी। इसके बाद पूरे प्रदेश में टच स्क्रीन लगाई जाएंगी।
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टच स्क्रीन का ऐसे करे इस्तेमाल
स्क्रीन के माध्यम से कोई भी मतदाता अपने नाम की हिंदी और अंग्रेजी में लिखकर अपने वोट, बूथ नंबर, बूथ की जगह, एपिक नंबर, असेंबली नंबर, विधानसभा क्षेत्र सहित परिवार के सभी सदस्यों की वोट संबंधी जानकारी स्क्रीन पर उपलब्ध होगी। इतना ही नहीं टच स्क्रीन पर मतदाता अपने मोबाइल पर एसएमएस के जरिए भी वोट का डाटा ले सकता है। इसके लिए मतदाता को टच स्क्रीन पर एसएमएस के विकल्प में अपना मोबाइल नंबर फीड करना होगा। इस विकल्प में नंबर फीड करने के बाद ओके का बटन दबाने पर कुछ सेकेंड में ही डाटा मतदाता के मोबाइल पर एसएमएस के जरिए पहुंच जाएगा। यह टच स्क्रीन आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में कार्य करेगी और कोई भी मतदाता अपने वोट से संबंधित नवीनतम जानकारी सहजता से हासिल कर पाएगा।
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वोटर लिस्ट में अभी दर्ज करा सकते हैं नाम
जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं है अथवा उनका वोट नहीं बना है। वो 12 अप्रैल तक अपना वोट बनवाने के लिए आवेदन कर सकता है। आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए सार्वजनिक स्थलों पर होर्डिंग्स लगवाए जा रहे है तथा महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों में इलेक्ट्रोरल लिटरेसी क्लब को सक्रिय किया गया है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों के प्राचार्यो से एक प्रमाण पत्र भी लिया जाएगा की उनके कालेज में 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी विद्यार्थी ऐसा नहीं है, जिसका वोट नहीं बना है। इस बार चुनावों में तकनीकी का प्रयोग किया जाएगा, जिसके चलते प्रत्याशियों के लिए आदर्श आचार संहिता की अवहेलना करना तथा चुनावी खर्चे को छिपाना कठिन होगा।
प्रत्याशी और पार्टी की कर सकेंगे शिकायत
सीईओ ने कहा कि सीविजिल एप का पहली बार चुनाव में प्रयोग किया जा रहा है, इसके माध्यम से आमजन में से कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रत्याशी अथवा राजनीतिक दल द्वारा आचार संहिता की उल्लंघन करने या अन्य अनियमिताएं बरतने की फोटो अथवा वीडियो डाल सकता है। सीविजिल पर मिलने वाली शिकायतों का निपटारा सौ मिनट की समयावधि में संबंधित अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। लेकिन साथ ही उससे मजबूत साक्ष्य भी तैयार होंगे जो प्रत्याशी के खिलाफ न्यायालय में प्रस्तुत किया जा सकेगा।